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Kaushambi News: लखपति दीदी...आत्मनिर्भरता से बढ़ा समाज और परिवार में सम्मान
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:28 AM IST
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वंदना
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जिले में महिलाएं लखपति दीदी योजना से अपने जीवन में नई पहचान बना रही हैं। जिले में अब तक लगभग 336 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जो स्वरोजगार और जिम्मेदारियों के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
चालय ब्लाॅक के शेखापुर निवासी वंदना ने बताया कि वह एमए की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं। पहले वह केवल गृहिणी के रूप में घर का काम संभालती थीं, जबकि उनके पति किसानी करते हैं। पढ़ाई पूरी होने के बाद घर में केवल काम करना उन्हें संतोषजनक नहीं लगा।
2023 में उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर गतिविधियों की शुरुआत की। तीन महीने के भीतर ही लखपति दीदी का फॉर्म आया। उनकी पढ़ाई के आधार पर विभाग के अधिकारियों ने फॉर्म भरवाया और उनका चयन हो गया।
अनुदान के माध्यम से उन्हें 1.50 लाख रुपये का लोन मिला, जिससे उन्होंने दो भैंसें खरीदी। इससे घर की आमदनी बढ़ी और समूह में उन्हें इंटरनल ऑडिटर की जिम्मेदारी भी मिली।
इसी तरह, दनियालपुर सैय्यद सरावां की पूजा कैथवास पुत्री देशराज कैथवास एमए और बीएड की पढ़ाई कर चुकी हैं और शिक्षक की तैयारी में लगी हैं। 2022 में उन्होंने समूह से जुड़ने के बाद 2023 में लखपति दीदी का मौका पाया। उन्हें डाटा फीडिंग का काम दिया गया है, जिसमें समूह की महिलाओं के स्वरोजगार से होने वाले फायदे का लेखा-जोखा विभाग को भेजना शामिल है।
इसके लिए उन्हें प्रति डाटा 10 रुपये मिलते हैं। पूजा बताती हैं कि इससे उन्हें पढ़ाई के साथ लोगों से मिलने और अनुभव सीखने का अवसर मिला। पहले उन्हें क्षेत्र में कोई नहीं जानता था, लेकिन अब ज्यादातर लोग उन्हें पहचानते हैं और परिवार का मान-सम्मान भी बढ़ा है।
लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाएं उपयुक्त स्वरोजगार कर रही हैं। जिले में लगभग 336 लखपति दीदी अपनी मेहनत और जिम्मेदारियों के जरिए आत्मनिर्भर बनी हैं। - सुखराज बंधु, उपायुक्त, स्वत: रोजगार
ये है लखपति दीदी योजना की पात्रता
सदस्यता : महिला का किसी स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ा होना अनिवार्य है।
अनुभव : समूह में कम से कम दो वर्ष पूरे होने चाहिए।
उम्र : 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
आय लक्ष्य : मुख्य उद्देश्य वार्षिक आय एक लाख या उससे अधिक करना है।
सक्रियता : कम से कम दो आजीविका गतिविधियों (कृषि, पशुपालन, व्यवसाय आदि) में संलग्न होना चाहिए।
ऐसे करें पंजीकरण-
ऑफलाइन (अनुशंसित) : अपने गांव की समूह सखी, ब्लॉक कार्यालय या ग्राम पंचायत के माध्यम से आवेदन करें।
ऑनलाइन : आधिकारिक लखपति दीदी पोर्टल पर जाएं।
रजिस्ट्रेशन : कौशल पंजी या पोर्टल पर व्यक्तिगत विवरण भरें।
दस्तावेज : आधार कार्ड, बैंक खाता, समूह का प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और फोटो अपलोड करें।
बिजनेस प्लान : अपना आजीविका व्यवसाय प्लान प्रस्तुत करें।
सबमिशन : फॉर्म भरकर आवेदन संख्या नोट कर लें।
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चालय ब्लाॅक के शेखापुर निवासी वंदना ने बताया कि वह एमए की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं। पहले वह केवल गृहिणी के रूप में घर का काम संभालती थीं, जबकि उनके पति किसानी करते हैं। पढ़ाई पूरी होने के बाद घर में केवल काम करना उन्हें संतोषजनक नहीं लगा।
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2023 में उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर गतिविधियों की शुरुआत की। तीन महीने के भीतर ही लखपति दीदी का फॉर्म आया। उनकी पढ़ाई के आधार पर विभाग के अधिकारियों ने फॉर्म भरवाया और उनका चयन हो गया।
अनुदान के माध्यम से उन्हें 1.50 लाख रुपये का लोन मिला, जिससे उन्होंने दो भैंसें खरीदी। इससे घर की आमदनी बढ़ी और समूह में उन्हें इंटरनल ऑडिटर की जिम्मेदारी भी मिली।
इसी तरह, दनियालपुर सैय्यद सरावां की पूजा कैथवास पुत्री देशराज कैथवास एमए और बीएड की पढ़ाई कर चुकी हैं और शिक्षक की तैयारी में लगी हैं। 2022 में उन्होंने समूह से जुड़ने के बाद 2023 में लखपति दीदी का मौका पाया। उन्हें डाटा फीडिंग का काम दिया गया है, जिसमें समूह की महिलाओं के स्वरोजगार से होने वाले फायदे का लेखा-जोखा विभाग को भेजना शामिल है।
इसके लिए उन्हें प्रति डाटा 10 रुपये मिलते हैं। पूजा बताती हैं कि इससे उन्हें पढ़ाई के साथ लोगों से मिलने और अनुभव सीखने का अवसर मिला। पहले उन्हें क्षेत्र में कोई नहीं जानता था, लेकिन अब ज्यादातर लोग उन्हें पहचानते हैं और परिवार का मान-सम्मान भी बढ़ा है।
लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाएं उपयुक्त स्वरोजगार कर रही हैं। जिले में लगभग 336 लखपति दीदी अपनी मेहनत और जिम्मेदारियों के जरिए आत्मनिर्भर बनी हैं। - सुखराज बंधु, उपायुक्त, स्वत: रोजगार
ये है लखपति दीदी योजना की पात्रता
सदस्यता : महिला का किसी स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ा होना अनिवार्य है।
अनुभव : समूह में कम से कम दो वर्ष पूरे होने चाहिए।
उम्र : 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
आय लक्ष्य : मुख्य उद्देश्य वार्षिक आय एक लाख या उससे अधिक करना है।
सक्रियता : कम से कम दो आजीविका गतिविधियों (कृषि, पशुपालन, व्यवसाय आदि) में संलग्न होना चाहिए।
ऐसे करें पंजीकरण-
ऑफलाइन (अनुशंसित) : अपने गांव की समूह सखी, ब्लॉक कार्यालय या ग्राम पंचायत के माध्यम से आवेदन करें।
ऑनलाइन : आधिकारिक लखपति दीदी पोर्टल पर जाएं।
रजिस्ट्रेशन : कौशल पंजी या पोर्टल पर व्यक्तिगत विवरण भरें।
दस्तावेज : आधार कार्ड, बैंक खाता, समूह का प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और फोटो अपलोड करें।
बिजनेस प्लान : अपना आजीविका व्यवसाय प्लान प्रस्तुत करें।
सबमिशन : फॉर्म भरकर आवेदन संख्या नोट कर लें।

वंदना