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Kaushambi News: प्रदेश सरकार के बजट में विकास व रोजगार पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 12 Feb 2026 01:49 AM IST
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मंझनपुर विधायक इंद्रजीत सरोज।
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प्रदेश सरकार ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। बजट में बुनियादी ढांचे, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया। इसमें ग्रामीण सड़कों, नई परियोजनाओं और शहरी विकास योजनाओं के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं।
प्रदेश सरकार के बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। कृषि क्षेत्र के लिए सिंचाई परियोजनाओं, किसानों को अनुदान और फसल बीमा योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई है। साथ ही विभिन्न क्षेत्र में रोजगार के अवसर देने की बात कही गई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों को बेहतर करने और हर जिले में ट्रॉमा सेंटर, स्कूल भवनों के निर्माण व डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बजट बढ़ाया गया है। महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए संचालित योजनाओं की धनराशि में भी वृद्धि की गई है।
महिलाओं के लिए स्वरोजगार व आत्मनिर्भरता के कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की योजना बनी है। अपराध पर नियंत्रण जैसे कार्यों को प्राथमिकता मिली है। सरकार का दावा है कि यह बजट प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। वहीं, विपक्ष ने बजट को आंकड़ों का खेल बताते हुए इसे आम जनता के लिए निराशाजनक करार दिया है।
बजट बहुत ही अच्छा है। यह प्रदेश सरकार का अब तक का सबसे बेहतर बजट है। इसमें युवाओं, महिलाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का विशेष ध्यान दिया गया है। आने वाले दिनों में युवकों को रोजगार मिलेगा। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है। मिशन शक्ति समेत अन्य योजनाओं पर ध्यान दिया गया है। निश्चित ही यह बेहतर बजट साबित होगा।- पूजा पाल, विधायक चायल
बजट में किसान, जो दुनिया का पेट भरता है, उसकी रोजी-रोटी कैसे चलेगी, इस पर कुछ नहीं है। नौजवानों को रोजगार कैसे मिलेगा, उनके परिवार का जीविकोपार्जन कैसे होगा, इसका कोई प्रावधान नहीं है। व्यापारियों के लिए भी कुछ नहीं है। अपने बीच के लोगों को लाभ देने का काम बजट में किया गया है। आम जनता की उपेक्षा हुई है। महंगाई नियंत्रण पर भी ध्यान नहीं दिया गया।- दयाशंकर यादव, जिलाध्यक्ष सपा
उत्तर प्रदेश सरकार के बजट से अधिवक्ता समाज को भारी निराशा हाथ लगी है। अधिवक्ताओं के कल्याण, सुरक्षा, पेंशन एवं चैंबर जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए कोई ठोस प्रावधान न किए जाने से वकीलों में मायूसी है। सरकार से अपेक्षा थी कि अधिवक्ता हितों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।- कौशलेश द्विवेदी, पर्व उपाध्यक्ष बार एसोसिएशन
सरकार का बजट 2026 चुनावी बजट है। युवाओं को रोजगार हेतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर बजट में कोई बात नहीं है। जबकि यह कर्मचारियों के हित से जुड़ा है। कर्मचारियों को इस प्रकार के बजट की उम्मीद नहीं थी। - थानेश्वर सिंह, जिलाध्यक्ष लेखा संवर्ग
लगभग 7.57 लाख करोड़ से अधिक के बजट को सरकार ऐतिहासिक बता रही है। लेकिन, इसमें भी अमीरों का ही ध्यान रखा गया है। कुछ दिन पूर्व केंद्र सरकार का बजट आया था, उसमें भी किसान, युवा और मध्यम वर्गीय परिवार के लिए कुछ खास नहीं था। प्रदेश सरकार से उम्मीद थी। लेकिन, लोगों को निराशा मिली। आज मध्यम वर्ग परिवार अपने लिए राहत खोज रहा है। लेकिन उसके नहीं मिली। - गौरव पांडेय, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
इस वर्ष का बजट सरकार का विदाई वाला बजट है। इसमें बेरोजगारों, युवाओं, किसानों और गरीब वर्ग की उपेक्षा की गई है। इससे बहुजन समाज ठगा सा महसूस कर रहा है। इसका जवाब जनता जरूर देंगी। सरकार अब जिनका हित देखकर बजट बना रहीं है। वह बह भी साथ नहीं देंगे। - शैलेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष बसपा
यह बजट जनता के हित का नहीं है। कौशाम्बी जैसे जिलों के लिए बजट में अलग से आवंटन होना चाहिए था, जिसकी अनदेखी हुई है। सरकार यहां पर्यटन को बढ़ाने की केवल बात करती है, लेकिन बजट में यह नहीं दिखता। यहां के लिए पर्यटन ही लोगों की आय का बड़ा जरिया बन सकता है, पर इसकी अनदेखी हुई है। इसे केवल आंकड़ेबाजी का बजट कहा जाए तो गलत नहीं होगा।- इंद्रजीत सरोज, विधायक मंझनपुर
किसानों की सुविधा के लिए नलकूप को मुफ्त बिजली आपूर्ति अगले वर्ष भी जारी रखना, पिछड़े जिलों में विकास की दृष्टि से सिटी इकोनॉमिक जोन बनाया जाना, शिक्षकों, शिक्षण कर्मचारियों को कैशलेश इलाज के लिए 358 करोड़ के बजट की व्यवस्था स्वागत योग्य है। लेकिन, प्रस्तुत बजट में युवा छात्र, बेरोजगारी, रिक्त शिक्षकों की भर्ती के क्षेत्र में कोई ठोस व्यवस्था नहीं है यह दुखद है। - सत्यम मिश्रा, युवा
यह बजट सशक्त बुनियादी ढांचा तैयार करने वाला है। यदि इसे जमीन पर सही ढंग से लागू किया गया, तो उत्तर प्रदेश के व्यापारिक परिदृश्य में बड़ा सकारात्मक बदलाव आएगा। हम सरकार से अपील करते हैं कि नीतियों के क्रियान्वयन में व्यापारियों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाए।- नीरज बनारसी, अध्यक्ष राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन भरवारी
पल्स पोलियो अभियान के तहत करोड़ों बच्चों को ड्रॉप पिलाई गई है। जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए संवेदनशील जिलों में टीकाकरण जारी है। एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल पर संक्रामक रोगों की नियमित रिपोर्टिंग से निगरानी व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ बजट स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार लाएगा।
- डॉ. सुनील कुमार शुक्ल, सीएमएस
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं को कैशलेस डिलीवरी सुविधा दी जा रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रत्येक ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें आंगनबाड़ी व स्कूलों में बच्चों का परीक्षण कर रही हैं। आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम जिले में संचालित है। साथ ही कक्षा आठ में पढ़ने वाली सभी किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचात के लिए एचपीवी वैक्सीन लगाने का कार्यक्रम अगले माह से प्रस्तावित है।
- डॉ. संजय कुमार, सीएमओ
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बढ़ाया गया बजट जनस्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम है। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं आयुष्मान योजनाओं पर विशेष फोकस सराहनीय है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाओं व मानव संसाधन को और मजबूत करने की आवश्यकता बनी हुई है। समग्र रूप से यह जनहित को प्राथमिकता देने वाला संतुलित बजट प्रतीत होता है।
- डॉ. इकरार अहमद, एमडी रेडियोलॉजिस्ट
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शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों को बेहतर करने और हर जिले में ट्रॉमा सेंटर, स्कूल भवनों के निर्माण व डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बजट बढ़ाया गया है। महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए संचालित योजनाओं की धनराशि में भी वृद्धि की गई है।
महिलाओं के लिए स्वरोजगार व आत्मनिर्भरता के कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की योजना बनी है। अपराध पर नियंत्रण जैसे कार्यों को प्राथमिकता मिली है। सरकार का दावा है कि यह बजट प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। वहीं, विपक्ष ने बजट को आंकड़ों का खेल बताते हुए इसे आम जनता के लिए निराशाजनक करार दिया है।
बजट बहुत ही अच्छा है। यह प्रदेश सरकार का अब तक का सबसे बेहतर बजट है। इसमें युवाओं, महिलाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का विशेष ध्यान दिया गया है। आने वाले दिनों में युवकों को रोजगार मिलेगा। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है। मिशन शक्ति समेत अन्य योजनाओं पर ध्यान दिया गया है। निश्चित ही यह बेहतर बजट साबित होगा।- पूजा पाल, विधायक चायल
बजट में किसान, जो दुनिया का पेट भरता है, उसकी रोजी-रोटी कैसे चलेगी, इस पर कुछ नहीं है। नौजवानों को रोजगार कैसे मिलेगा, उनके परिवार का जीविकोपार्जन कैसे होगा, इसका कोई प्रावधान नहीं है। व्यापारियों के लिए भी कुछ नहीं है। अपने बीच के लोगों को लाभ देने का काम बजट में किया गया है। आम जनता की उपेक्षा हुई है। महंगाई नियंत्रण पर भी ध्यान नहीं दिया गया।- दयाशंकर यादव, जिलाध्यक्ष सपा
उत्तर प्रदेश सरकार के बजट से अधिवक्ता समाज को भारी निराशा हाथ लगी है। अधिवक्ताओं के कल्याण, सुरक्षा, पेंशन एवं चैंबर जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए कोई ठोस प्रावधान न किए जाने से वकीलों में मायूसी है। सरकार से अपेक्षा थी कि अधिवक्ता हितों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।- कौशलेश द्विवेदी, पर्व उपाध्यक्ष बार एसोसिएशन
सरकार का बजट 2026 चुनावी बजट है। युवाओं को रोजगार हेतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर बजट में कोई बात नहीं है। जबकि यह कर्मचारियों के हित से जुड़ा है। कर्मचारियों को इस प्रकार के बजट की उम्मीद नहीं थी। - थानेश्वर सिंह, जिलाध्यक्ष लेखा संवर्ग
लगभग 7.57 लाख करोड़ से अधिक के बजट को सरकार ऐतिहासिक बता रही है। लेकिन, इसमें भी अमीरों का ही ध्यान रखा गया है। कुछ दिन पूर्व केंद्र सरकार का बजट आया था, उसमें भी किसान, युवा और मध्यम वर्गीय परिवार के लिए कुछ खास नहीं था। प्रदेश सरकार से उम्मीद थी। लेकिन, लोगों को निराशा मिली। आज मध्यम वर्ग परिवार अपने लिए राहत खोज रहा है। लेकिन उसके नहीं मिली। - गौरव पांडेय, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
इस वर्ष का बजट सरकार का विदाई वाला बजट है। इसमें बेरोजगारों, युवाओं, किसानों और गरीब वर्ग की उपेक्षा की गई है। इससे बहुजन समाज ठगा सा महसूस कर रहा है। इसका जवाब जनता जरूर देंगी। सरकार अब जिनका हित देखकर बजट बना रहीं है। वह बह भी साथ नहीं देंगे। - शैलेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष बसपा
यह बजट जनता के हित का नहीं है। कौशाम्बी जैसे जिलों के लिए बजट में अलग से आवंटन होना चाहिए था, जिसकी अनदेखी हुई है। सरकार यहां पर्यटन को बढ़ाने की केवल बात करती है, लेकिन बजट में यह नहीं दिखता। यहां के लिए पर्यटन ही लोगों की आय का बड़ा जरिया बन सकता है, पर इसकी अनदेखी हुई है। इसे केवल आंकड़ेबाजी का बजट कहा जाए तो गलत नहीं होगा।- इंद्रजीत सरोज, विधायक मंझनपुर
किसानों की सुविधा के लिए नलकूप को मुफ्त बिजली आपूर्ति अगले वर्ष भी जारी रखना, पिछड़े जिलों में विकास की दृष्टि से सिटी इकोनॉमिक जोन बनाया जाना, शिक्षकों, शिक्षण कर्मचारियों को कैशलेश इलाज के लिए 358 करोड़ के बजट की व्यवस्था स्वागत योग्य है। लेकिन, प्रस्तुत बजट में युवा छात्र, बेरोजगारी, रिक्त शिक्षकों की भर्ती के क्षेत्र में कोई ठोस व्यवस्था नहीं है यह दुखद है। - सत्यम मिश्रा, युवा
यह बजट सशक्त बुनियादी ढांचा तैयार करने वाला है। यदि इसे जमीन पर सही ढंग से लागू किया गया, तो उत्तर प्रदेश के व्यापारिक परिदृश्य में बड़ा सकारात्मक बदलाव आएगा। हम सरकार से अपील करते हैं कि नीतियों के क्रियान्वयन में व्यापारियों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाए।- नीरज बनारसी, अध्यक्ष राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन भरवारी
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- डॉ. सुनील कुमार शुक्ल, सीएमएस
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं को कैशलेस डिलीवरी सुविधा दी जा रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रत्येक ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें आंगनबाड़ी व स्कूलों में बच्चों का परीक्षण कर रही हैं। आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम जिले में संचालित है। साथ ही कक्षा आठ में पढ़ने वाली सभी किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचात के लिए एचपीवी वैक्सीन लगाने का कार्यक्रम अगले माह से प्रस्तावित है।
- डॉ. संजय कुमार, सीएमओ
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बढ़ाया गया बजट जनस्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम है। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं आयुष्मान योजनाओं पर विशेष फोकस सराहनीय है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाओं व मानव संसाधन को और मजबूत करने की आवश्यकता बनी हुई है। समग्र रूप से यह जनहित को प्राथमिकता देने वाला संतुलित बजट प्रतीत होता है।
- डॉ. इकरार अहमद, एमडी रेडियोलॉजिस्ट

मंझनपुर विधायक इंद्रजीत सरोज।

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