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Kaushambi News: रोजा रख गंगा-जमुनी तहजीब को संजो रहे विकेश
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रमजान में जहां मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करता है। वहीं, चायल नगर पंचायत के आजाद नगर में सामाजिक सद्भाव और धार्मिक सहिष्णुता की एक अनोखी मिसाल देखने को मिल रही है। यहां रहने वाले विकेश विश्वकर्मा पिछले 22 वर्षों से लगातार रोजा रखकर आपसी भाईचारे का संदेश दे रहे हैं।
विकेश दिनभर मजदूरी करते हैं। शाम होते ही घर लौटकर इफ्तार करते हैं। उन्होंने बताया कि 10 साल की उम्र में एक बाबा के उपदेश से प्रेरित होकर उन्होंने रोजा रखना शुरू किया था। तभी से हर साल पूरे रमजान में रोजा रखते हैं। उनका कहना है कि रोजा रखने से उन्हें आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है।
शुरुआती दिनों में भूख-प्यास जरूर लगती है, लेकिन कुछ दिनों बाद शरीर अभ्यस्त हो जाता है और मजदूरी के काम में कोई परेशानी नहीं होती। उनकी पत्नी रोजाना सुबह चार बजे उठकर सहरी तैयार करती हैं और शाम को इफ्तार का इंतजाम करती हैं। परिवार के इसी सहयोग से उनका यह नेक अमल वर्षों से जारी है। क्षेत्र के लोग विकेश की इस पहल को गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल मानते हैं।
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विकेश दिनभर मजदूरी करते हैं। शाम होते ही घर लौटकर इफ्तार करते हैं। उन्होंने बताया कि 10 साल की उम्र में एक बाबा के उपदेश से प्रेरित होकर उन्होंने रोजा रखना शुरू किया था। तभी से हर साल पूरे रमजान में रोजा रखते हैं। उनका कहना है कि रोजा रखने से उन्हें आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है।
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शुरुआती दिनों में भूख-प्यास जरूर लगती है, लेकिन कुछ दिनों बाद शरीर अभ्यस्त हो जाता है और मजदूरी के काम में कोई परेशानी नहीं होती। उनकी पत्नी रोजाना सुबह चार बजे उठकर सहरी तैयार करती हैं और शाम को इफ्तार का इंतजाम करती हैं। परिवार के इसी सहयोग से उनका यह नेक अमल वर्षों से जारी है। क्षेत्र के लोग विकेश की इस पहल को गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल मानते हैं।
