{"_id":"69c1a06444d724a0d004969d","slug":"a-special-campaign-will-be-launched-for-out-of-school-children-kushinagar-news-c-227-1-sgkp1033-155439-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए चलेगा विशेष अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए चलेगा विशेष अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:49 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। अब हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए आउट ऑफ स्कूल बच्चों को प्रवेश देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत उन बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा जो किन्हीं कारणों से विद्यालय नहीं जा पा रहे हैं। माता-पिता के साथ ईंट-भट्ठे और अन्य कार्य स्थलों पर कार्य कर रहे हैं। ऐसे बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित करके नजदीक के सरकारी विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा, जिससे वह भी शिक्षा ग्रहण करके समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। इसमें दो चरण में अभियान चलेगा। बीएसएस, बीईओ की निगरानी में यह अभियान चलेगा।
हर बच्चे शिक्षा ग्रहण कर सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सके। इसके लिए परिषदीय विद्यालयों में दाखिला के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है, जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। पढ़ाई पूरी तरह से निशुल्क है और पुस्तक के साथ ही ड्रेस और स्वेटर के लिए सीधे बैंक खाते में धनराशि भेजती है। इसके साथ ही विद्यालयों में बेहतर शिक्षा का माहौल तैयार कर रही है, जिससे अभिभावकों को रुझान बढ़े। नए सत्र को लेकर विभाग की ओर से तैयारी शुरू हो गई है। इसमें उन बच्चों पर जोर दिया जाएगा, जो किन्हीं कारणों से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे आउट ऑफ स्कूल बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा। इसके लिए दो चरण में अभियान चलेगा।
नए शैक्षिक सत्र में स्कूल चलो अभियान दो चरणों में एक से 15 अप्रैल तक और दूसरे में एक से 15 जुलाई तक चलेगा। इसके तहत शत-प्रतिशत नामांकन व एक से दूसरी कक्षा में ट्रांजिशन (निरंतरता) पर विशेष फोकस किया जाएगा। वहीं, संबंधित अधिकारियों के उत्तरदायित्व भी तय किए गए हैं। इसके अलावा तीन साल के शत-प्रतिशत बच्चों का आंगनबाड़ी-बाल वाटिका में, छह साल के शत-प्रतिशत बच्चों का कक्षा एक में, 7 से 14 साल के सभी ड्रॉप आउट व आउट ऑफ स्कूल बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराया जाएगा। इसी तरह आंगनबाड़ी से कक्षा एक में, कक्षा पांच से छह में, कक्षा आठ से नौ में और कक्षा 10 से 11वीं में शत-प्रतिशत नामांकन कराकर उनकी पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखनी है।
इसके लिए आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ईसीसीई एजुकेटर, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, कक्षा पांच, आठ व 10 के शिक्षक, बीएसए, डीआईओएस को जिम्मेदार बनाया गया है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि स्कूल चलो अभियान शुरू होने पर डीएम की अध्यक्षता में बैठक कर रणनीति तैयार की जाए। डीआईओएस और बीएसए विद्यालयों के प्रधानाचार्य व शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दें। नए सत्र में विद्यालय को साफ-सुथरा, आकर्षक बनाएं। सत्र के पहले दिन बच्चों का स्वागत किया जाए। अभियान में बालिकाओं, दिव्यांग, झुग्गी-झोपड़ी व ईट-भट्ठों में रहने वाले बच्चों पर विशेष रूप से फोकस किया जाएगा।
इस संबंध में बीएसए शैलेश कुमार ने बताया कि आउट ऑफ बच्चों के नामांकन पर विशेष ध्यान रहेगा। अभियान को लेकर रुपरेखा तैयार की गई है। शासन के दिशा-निर्देशों को पालन कराया जाएगा।
Trending Videos
हर बच्चे शिक्षा ग्रहण कर सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सके। इसके लिए परिषदीय विद्यालयों में दाखिला के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है, जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। पढ़ाई पूरी तरह से निशुल्क है और पुस्तक के साथ ही ड्रेस और स्वेटर के लिए सीधे बैंक खाते में धनराशि भेजती है। इसके साथ ही विद्यालयों में बेहतर शिक्षा का माहौल तैयार कर रही है, जिससे अभिभावकों को रुझान बढ़े। नए सत्र को लेकर विभाग की ओर से तैयारी शुरू हो गई है। इसमें उन बच्चों पर जोर दिया जाएगा, जो किन्हीं कारणों से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे आउट ऑफ स्कूल बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा। इसके लिए दो चरण में अभियान चलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नए शैक्षिक सत्र में स्कूल चलो अभियान दो चरणों में एक से 15 अप्रैल तक और दूसरे में एक से 15 जुलाई तक चलेगा। इसके तहत शत-प्रतिशत नामांकन व एक से दूसरी कक्षा में ट्रांजिशन (निरंतरता) पर विशेष फोकस किया जाएगा। वहीं, संबंधित अधिकारियों के उत्तरदायित्व भी तय किए गए हैं। इसके अलावा तीन साल के शत-प्रतिशत बच्चों का आंगनबाड़ी-बाल वाटिका में, छह साल के शत-प्रतिशत बच्चों का कक्षा एक में, 7 से 14 साल के सभी ड्रॉप आउट व आउट ऑफ स्कूल बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराया जाएगा। इसी तरह आंगनबाड़ी से कक्षा एक में, कक्षा पांच से छह में, कक्षा आठ से नौ में और कक्षा 10 से 11वीं में शत-प्रतिशत नामांकन कराकर उनकी पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखनी है।
इसके लिए आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ईसीसीई एजुकेटर, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, कक्षा पांच, आठ व 10 के शिक्षक, बीएसए, डीआईओएस को जिम्मेदार बनाया गया है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि स्कूल चलो अभियान शुरू होने पर डीएम की अध्यक्षता में बैठक कर रणनीति तैयार की जाए। डीआईओएस और बीएसए विद्यालयों के प्रधानाचार्य व शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दें। नए सत्र में विद्यालय को साफ-सुथरा, आकर्षक बनाएं। सत्र के पहले दिन बच्चों का स्वागत किया जाए। अभियान में बालिकाओं, दिव्यांग, झुग्गी-झोपड़ी व ईट-भट्ठों में रहने वाले बच्चों पर विशेष रूप से फोकस किया जाएगा।
इस संबंध में बीएसए शैलेश कुमार ने बताया कि आउट ऑफ बच्चों के नामांकन पर विशेष ध्यान रहेगा। अभियान को लेकर रुपरेखा तैयार की गई है। शासन के दिशा-निर्देशों को पालन कराया जाएगा।