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Kushinagar News: आखिरी सफर बनी नौका विहार की यात्रा, लखमुद्दीन की मौत से सदमे में परिवार
Tue, 28 Jul 2026 02:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:44 AM IST
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लखमुद्दीन का फाइल फोटो और पिपरा तिवारी गांव में उसके दरवाजे पर जुटे लोग।
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हाटा। गोरखपुर के रामगढ़ ताल में रविवार रात हुई नौका दुर्घटना ने हाटा क्षेत्र के पिपरा तिवारी गांव के रियासत के परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ली। हादसे में जान गंवाने वाले इंटर के छात्र लखमुद्दीन के लिए नौका विहार की यात्रा आखिरी सफर बन गई। घर सोमवार को मातम पसरा रहा। गांव में हर आंख नम थीं।
बताया जा रहा है कि लखमुद्दीन रविवार की छुट्टी होने के कारण अपने रिश्तेदारों के साथ गोरखपुर घूमने गया था। किसी ने नहीं सोचा था कि छुट्टी का यह दिन उसकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित होगा। रात करीब साढ़े आठ बजे रामगढ़ ताल में नौका विहार के दौरान दो नावों की टक्कर हो गई। हादसे में कई लोग पानी में गिर गए और डूबने से लखमुद्दीन की मौत हो गई। लखमुद्दीन अपने पिता रियासत के तीन बेटों में दूसरे नंबर पर था। वह इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा था और परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं।
नाव हादसे मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, घर में कोहराम मच गया। मां हदीसुन निशा बेटे को याद कर बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। पिता रियासत की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। दोनों के सामने अब बेटे की यादें ही शेष रह गई हैं। सोमवार को गांव में शोक का माहौल बना रहा। रिश्तेदार, पड़ोसी और शुभचिंतक परिजनों काे ढांढ़स बंधा रहे थे। हर किसी की जुबान पर यही बात थी कि रविवार की छुट्टी मनाने निकला लखमुद्दीन अब कभी घर नहीं लौटेगा। जिस घर में बेटे के उज्ज्वल भविष्य के सपने संजोए जा रहे थे, वहां अब सन्नाटा और चीख-पुकार गूंज रही है। इस दर्दनाक हादसे को लेकर पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है।
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बताया जा रहा है कि लखमुद्दीन रविवार की छुट्टी होने के कारण अपने रिश्तेदारों के साथ गोरखपुर घूमने गया था। किसी ने नहीं सोचा था कि छुट्टी का यह दिन उसकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित होगा। रात करीब साढ़े आठ बजे रामगढ़ ताल में नौका विहार के दौरान दो नावों की टक्कर हो गई। हादसे में कई लोग पानी में गिर गए और डूबने से लखमुद्दीन की मौत हो गई। लखमुद्दीन अपने पिता रियासत के तीन बेटों में दूसरे नंबर पर था। वह इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा था और परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं।
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नाव हादसे मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, घर में कोहराम मच गया। मां हदीसुन निशा बेटे को याद कर बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। पिता रियासत की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। दोनों के सामने अब बेटे की यादें ही शेष रह गई हैं। सोमवार को गांव में शोक का माहौल बना रहा। रिश्तेदार, पड़ोसी और शुभचिंतक परिजनों काे ढांढ़स बंधा रहे थे। हर किसी की जुबान पर यही बात थी कि रविवार की छुट्टी मनाने निकला लखमुद्दीन अब कभी घर नहीं लौटेगा। जिस घर में बेटे के उज्ज्वल भविष्य के सपने संजोए जा रहे थे, वहां अब सन्नाटा और चीख-पुकार गूंज रही है। इस दर्दनाक हादसे को लेकर पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है।
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