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Kushinagar News: पिता के शव से लिपटकर बिलखते रहे मासूम, गांवों वालों की आंखें हुईं नम
Tue, 28 Jul 2026 02:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:57 AM IST
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दुदही/गोड़रिया। कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के पचरुखिया टोला धानुक निवासी हीरालाल की हत्या के बाद सोमवार को परिजनों में चीख-पुकार मच गई। तीनों बच्चे पिता के शव से लिपटकर चीखने लगे। यह देख गांव वालों की आंखें नम हो गईं। बच्चों के करुण विलाप से गांव का माहौल गमगीन हो गया।
हीरालाल के घर आरोपी का आना-जाना काफी पहले से था। हीरालाल को संदेह हो गया था। इसीलिए वह रविवार को विदेश जाने की बात कह घर से निकला और रात को पडरौना रूक गया। सोमवार को पत्नी पडरौना उसे लेने के लिए आई और दोनों साथ घर जा रहे थे, इस दौरान रास्ते में हीरालाल की पत्नी के सामने निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हत्या की खबर सुनते ही गांव वाले व रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। हीरालाल का सात वर्षीय पुत्र आशीष, चार वर्षीय पुत्री शिवानी और दो वर्षीय पुत्री शिवटी है। सबसे बड़ा बेटा आशीष कभी पिता के शव को झकझोरकर उठाने की कोशिश करता तो कभी बदहवास होकर रोने लगता। दोनों छोटी बेटियां भी पिता के शव से लिपटकर बिलखती रहीं। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों की आंखें भी नम हो गईं। ग्रामीणों ने बताया कि हीरालाल परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक खड़ा हो गया है। लोग तीनों मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताते रहे।
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पिता की हत्या से अनाथ हो गए तीन मासूम
दुदही। पिता की हत्या के बाद तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। हीरालाल का विवाह करीब नौ वर्ष पहले गोपलगंज जिले के मीरगंज की ममता से विवाह हुआ था। उसके दो और भाई हैं। सभी अलग-अलग रह रहे थे। हीरालाल विदेश में नौकरी कर परिवार का परवरिश कर रहा था। करीब छह महीने पहले वह घर आया था। मंगलवार को विदेश जाने के लिए वह बीते रविवार को घर से निकला था। हीरा लाल अपने पीछे दो मासूम बेटियों और एक पुत्र को छोड़ गया है।
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हीरालाल के घर आरोपी का आना-जाना काफी पहले से था। हीरालाल को संदेह हो गया था। इसीलिए वह रविवार को विदेश जाने की बात कह घर से निकला और रात को पडरौना रूक गया। सोमवार को पत्नी पडरौना उसे लेने के लिए आई और दोनों साथ घर जा रहे थे, इस दौरान रास्ते में हीरालाल की पत्नी के सामने निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हत्या की खबर सुनते ही गांव वाले व रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। हीरालाल का सात वर्षीय पुत्र आशीष, चार वर्षीय पुत्री शिवानी और दो वर्षीय पुत्री शिवटी है। सबसे बड़ा बेटा आशीष कभी पिता के शव को झकझोरकर उठाने की कोशिश करता तो कभी बदहवास होकर रोने लगता। दोनों छोटी बेटियां भी पिता के शव से लिपटकर बिलखती रहीं। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों की आंखें भी नम हो गईं। ग्रामीणों ने बताया कि हीरालाल परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक खड़ा हो गया है। लोग तीनों मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताते रहे।
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पिता की हत्या से अनाथ हो गए तीन मासूम
दुदही। पिता की हत्या के बाद तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। हीरालाल का विवाह करीब नौ वर्ष पहले गोपलगंज जिले के मीरगंज की ममता से विवाह हुआ था। उसके दो और भाई हैं। सभी अलग-अलग रह रहे थे। हीरालाल विदेश में नौकरी कर परिवार का परवरिश कर रहा था। करीब छह महीने पहले वह घर आया था। मंगलवार को विदेश जाने के लिए वह बीते रविवार को घर से निकला था। हीरा लाल अपने पीछे दो मासूम बेटियों और एक पुत्र को छोड़ गया है।
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