{"_id":"6a7b9072d829866b6f0a9b37","slug":"health-deteriorated-after-catching-a-snake-died-late-at-night-under-suspicious-circumstances-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-165607-2026-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: सर्प पकड़ने के बाद बिगड़ी तबीयत, देर रात संदिग्ध हालात में मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: सर्प पकड़ने के बाद बिगड़ी तबीयत, देर रात संदिग्ध हालात में मौत
Wed, 12 Aug 2026 02:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 12 Aug 2026 02:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंसाछापर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जरार के 45 वर्षीय जोखू नट की सोमवार देर रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वह सोमवार शाम जटहा बाजार में एक व्यक्ति के घर से सर्प निकालने गया था। घर लौटने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। ग्रामीणों में चर्चा है कि सर्प पकड़ने के दौरान उसे सांप ने काट लिया था। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा।
घर वालों ने बताया गया कि जोखू सोमवार शाम जटहा बाजार से सर्प निकालने के बाद घर लौट आया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने देशी जड़ी-बूटियों से उसका उपचार कराने का प्रयास किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। देर रात उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस गांव पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, जोखू पिछले करीब पांच वर्षों से गांव में रह रहा था। वह गांव-गांव घूमकर सर्प पकड़ने का काम करता था। सर्प पकड़ने के बदले मिलने वाले मेहनताने या सामान से ही परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। जोखू की मौत के बाद उसके पीछे चार छोटे बच्चे रह गए हैं।
-
पिता की मौत ने छीन लिया चार बच्चों का आखिरी सहारा
पहले मां का साया उठा, अब पिता भी दुनिया छोड़ गए, सांप पकड़कर परिवार का करता था भरण-पोषण
संवाद न्यूज एजेंसी
मंसाछापर। जोखू नट की संदिग्ध हालात में हुई मौत ने उसके चार बच्चों को बेसहारा कर दिया है। करीब पांच वर्ष पहले गांव में आकर बसे जोखू की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद चारों बच्चों की जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी। गांव-गांव घूमकर सर्प पकड़ने और मेहनत-मजदूरी से वह किसी तरह बच्चों का पेट पाल रहा था।
विज्ञापन
जोखू की आमदनी का कोई स्थायी साधन नहीं था। लोगों के घरों से सर्प पकड़ने के बदले जो मेहनताना या सामान मिलता, उसी से वह परिवार का खर्च चलाता था। पत्नी के निधन के बाद बच्चों की परवरिश की पूरी जिम्मेदारी उसी पर आ गई थी। इसके बावजूद वह लगातार काम करता रहा। सोमवार शाम भी जोखू सर्प पकड़ने जटहा बाजार गया था। वहां से लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और देर रात उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मां को पहले ही खो चुके चार बच्चों के सिर से अब पिता का साया भी उठ गया है। परिवार के सामने अब बच्चों की परवरिश और उनके भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जोखू के बच्चों की मदद के लिए समाज और प्रशासन को आगे आना चाहिए।
विज्ञापन
घर वालों ने बताया गया कि जोखू सोमवार शाम जटहा बाजार से सर्प निकालने के बाद घर लौट आया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने देशी जड़ी-बूटियों से उसका उपचार कराने का प्रयास किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। देर रात उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस गांव पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, जोखू पिछले करीब पांच वर्षों से गांव में रह रहा था। वह गांव-गांव घूमकर सर्प पकड़ने का काम करता था। सर्प पकड़ने के बदले मिलने वाले मेहनताने या सामान से ही परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। जोखू की मौत के बाद उसके पीछे चार छोटे बच्चे रह गए हैं।
विज्ञापन
-
पिता की मौत ने छीन लिया चार बच्चों का आखिरी सहारा
पहले मां का साया उठा, अब पिता भी दुनिया छोड़ गए, सांप पकड़कर परिवार का करता था भरण-पोषण
संवाद न्यूज एजेंसी
मंसाछापर। जोखू नट की संदिग्ध हालात में हुई मौत ने उसके चार बच्चों को बेसहारा कर दिया है। करीब पांच वर्ष पहले गांव में आकर बसे जोखू की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद चारों बच्चों की जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी। गांव-गांव घूमकर सर्प पकड़ने और मेहनत-मजदूरी से वह किसी तरह बच्चों का पेट पाल रहा था।
विज्ञापन
जोखू की आमदनी का कोई स्थायी साधन नहीं था। लोगों के घरों से सर्प पकड़ने के बदले जो मेहनताना या सामान मिलता, उसी से वह परिवार का खर्च चलाता था। पत्नी के निधन के बाद बच्चों की परवरिश की पूरी जिम्मेदारी उसी पर आ गई थी। इसके बावजूद वह लगातार काम करता रहा। सोमवार शाम भी जोखू सर्प पकड़ने जटहा बाजार गया था। वहां से लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और देर रात उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मां को पहले ही खो चुके चार बच्चों के सिर से अब पिता का साया भी उठ गया है। परिवार के सामने अब बच्चों की परवरिश और उनके भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जोखू के बच्चों की मदद के लिए समाज और प्रशासन को आगे आना चाहिए।