{"_id":"69dab00cd66173d2c60741bc","slug":"lpg-crisis-running-from-agency-to-warehouse-kushinagar-news-c-205-1-ksh1049-157920-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"रसोई गैस संकट : एजेंसी से गोदाम तक लगा रहे चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रसोई गैस संकट : एजेंसी से गोदाम तक लगा रहे चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 12 Apr 2026 02:03 AM IST
विज्ञापन
रामकोला में होम डिलीवरी लेकर नेबुआ नौरंगिया से आए इंडियन गैस एजेंसी के ग्रामीण वितरण।स्रोत-सोशल
विज्ञापन
पडरौना। जिले में रसोई गैस की किल्लत और वितरण व्यवस्था नियमों के फेर में उलझकर रह गई है। उपभोक्ताओं की परेशानी में कोई कमी नहीं आ रही है। प्रशासन भरपूर आपूर्ति व बेहतर वितरण व्यवस्था का दावा कर रहा है, लेकिन मौजूदा हालात दावे के बिल्कुल विपरीत है। उपभोक्ता नए नियमों ई-केवाईसी, बुकिंग प्रक्रिया और डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) की पेचीदगियों के फेर में गैस एजेंसी के दफ्तर से गोदामों तक के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं, जिन उपभोक्ताओं ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, उनकी भी सुध लेने वाला कोई नहीं है। मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज आने के बाद भी गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं के पहुंचने पर नियमों का हवाला देकर टरका रहे हैं।
जिले की इंडेन, बीपीसीएल व एचपीसीएल की गैस एजेंसियों पर सुबह होते ही घरेलू गैस सिलिंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। उपभोक्ता घर का कामकाज छोड़कर सिर्फ इस उम्मीद में कतारों में खड़े रह रहे हैं कि उन्हें चूल्हा जलाने के लिए गैस मिल सकेगी। उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसी के कर्मचारी ई-केवाईसी,बुकिंग व डीएसी सहित पर्ची के नाम पर उन्हें टरका रहे हैं। एजेंसी से गोदाम और गोदाम से वापस एजेंसी तक की इस दौड़ ने उपभोक्ताओं को थका दिया है।
00000
मैसेज बने जी का जंजाल
आपूर्ति व्यवस्था की पोल इसी बात से खुल रही है कि गैस बुकिंग के तुरंत बाद उपभोक्ताओं के मोबाइल पर ''शीघ्र आपूर्ति'' का संदेश तो आ जा रहा है, लेकिन हकीकत में 15 से 20 दिन बीत जाने के बाद भी सिलिंडर घर नहीं पहुंच रहा। डीएसी आने के बावजूद गैस सिलिंडर का पता नहीं होता। वहीं, जब उपभोक्ता एजेंसी पर पहुंच रहे हैं, तो वहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है। वहां गैस एजेंसी संचालक अपने तरीके से पर्ची व टोकन आदि माध्यम से गैस आपूर्ति करने की तिथि निर्धारित कर रहे हैं। गैस वितरण व्यवस्था में शीघ्र आपूर्ति के संदेश की अवधि 20 दिन हो गई है।
0
नियम पूरे, फिर भी सुनवाई नहीं
जिन उपभोक्ताओं का आधार नंबर फीडिंग और ई-केवाईसी की प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली है। नियमों का हवाला देकर उन्हें भी प्राथमिकता देने के बजाय वितरण की अव्यवस्था में शामिल कर लिया गया है। ग्रामीण उपभोक्ता रामजीत सिंह,हरिकेवल प्रजापति, विनोद गुप्ता, सोहन चौहान, सुरेश खरवार, रमेश प्रसाद,हरिशंकर सिंह, रामाज्ञा प्रसाद, जितेंद्र प्रताप सिंह, संजय मिश्र, वीरेंद्र राजभर, सुनील गुप्ता, प्रभुनाथ प्रजापति, संतोष तिवारी आदि का कहना है कि गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासन के सारे दावे ''हवा-हवाई'' साबित हो रहे हैं और जिम्मेदारों के निर्देश धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
0
उपभोक्ताओं ने कहा:-
15 दिन पहले गैस सिलिंडर बुक किया था। मोबाइल पर मैसेज आ गया कि सिलिंडर डिलीवर हो गया है, लेकिन घर पर कोई नहीं अया। जब एजेंसी गया तो बताया गया कि कागज में कुछ कमी है। उसे पूरा कराइए। कागजी कार्रवाई पूरी करवा ली, फिर भी तीन दिन से गोदाम का चक्कर काट रहा हूं। -आलोक कुमार पाठक, सेमरा
0
अब नियमों के नाम पर सिर्फ उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। बुकिंग के बाद डीएसी तो आ गया है, लेकिन गैस सिलिंडर का कोई पता नहीं है। एजेंसी पर फोन करने पर कोई रिसीव ही नहीं कर रहा है। किल्लत तो है, लेकिन इसमें एजेंसी संचालकों की मनमानी पर भी रोक लगाने की जरूरत है। -सुजीत कुमार शर्मा, सेमरा
0
चार गैस एजेंसियों से होम डिलीवरी शुरू
फोटो है
रामकोला। प्रशासन ने सुचारु ढंग से उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने के लिए वितरण व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके चलते अब इंडेन की संचालित चार गैस एजेंसियों से होम डिलीवरी शुरू कर दी गई है। इससे उपभोक्ताओं एजेंसी व गोदाम का चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें गैस की आपूर्ति घर-घर हो जाएगी। यह पहल तहसीलदार चंदन शर्मा ने इंडियन ऑयल के अधिकारियों से बातचीत कर शुरू कराई है। इसके तहत कप्तानगंज, लक्ष्मीगंज, रामपुर बगहा व नेबुआ नौरंगिया इंडेन गैस एजेंसियों ने रामकोला क्षेत्र में होम डिलीवरी शुरू कर दी है। संवाद
0
ई-केवाईसी व डीएसी की व्यवस्था शासन के निर्देश पर पारदर्शिता लाने के लिए लागू की गई है। जिले में संचालित सभी गैस एजेंसियों के संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित करें और उपभोक्ताओं को बेवजह परेशान न करें। शिकायत मिलने पर गठित टीमें पहुंचकर जांच कर कार्रवाई भी तय कर रही हैं। -कृष्ण गोपाल पांडेय,डीएसओ, कुशीनगर
Trending Videos
जिले की इंडेन, बीपीसीएल व एचपीसीएल की गैस एजेंसियों पर सुबह होते ही घरेलू गैस सिलिंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। उपभोक्ता घर का कामकाज छोड़कर सिर्फ इस उम्मीद में कतारों में खड़े रह रहे हैं कि उन्हें चूल्हा जलाने के लिए गैस मिल सकेगी। उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसी के कर्मचारी ई-केवाईसी,बुकिंग व डीएसी सहित पर्ची के नाम पर उन्हें टरका रहे हैं। एजेंसी से गोदाम और गोदाम से वापस एजेंसी तक की इस दौड़ ने उपभोक्ताओं को थका दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
00000
मैसेज बने जी का जंजाल
आपूर्ति व्यवस्था की पोल इसी बात से खुल रही है कि गैस बुकिंग के तुरंत बाद उपभोक्ताओं के मोबाइल पर ''शीघ्र आपूर्ति'' का संदेश तो आ जा रहा है, लेकिन हकीकत में 15 से 20 दिन बीत जाने के बाद भी सिलिंडर घर नहीं पहुंच रहा। डीएसी आने के बावजूद गैस सिलिंडर का पता नहीं होता। वहीं, जब उपभोक्ता एजेंसी पर पहुंच रहे हैं, तो वहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है। वहां गैस एजेंसी संचालक अपने तरीके से पर्ची व टोकन आदि माध्यम से गैस आपूर्ति करने की तिथि निर्धारित कर रहे हैं। गैस वितरण व्यवस्था में शीघ्र आपूर्ति के संदेश की अवधि 20 दिन हो गई है।
0
नियम पूरे, फिर भी सुनवाई नहीं
जिन उपभोक्ताओं का आधार नंबर फीडिंग और ई-केवाईसी की प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली है। नियमों का हवाला देकर उन्हें भी प्राथमिकता देने के बजाय वितरण की अव्यवस्था में शामिल कर लिया गया है। ग्रामीण उपभोक्ता रामजीत सिंह,हरिकेवल प्रजापति, विनोद गुप्ता, सोहन चौहान, सुरेश खरवार, रमेश प्रसाद,हरिशंकर सिंह, रामाज्ञा प्रसाद, जितेंद्र प्रताप सिंह, संजय मिश्र, वीरेंद्र राजभर, सुनील गुप्ता, प्रभुनाथ प्रजापति, संतोष तिवारी आदि का कहना है कि गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासन के सारे दावे ''हवा-हवाई'' साबित हो रहे हैं और जिम्मेदारों के निर्देश धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
0
उपभोक्ताओं ने कहा:-
15 दिन पहले गैस सिलिंडर बुक किया था। मोबाइल पर मैसेज आ गया कि सिलिंडर डिलीवर हो गया है, लेकिन घर पर कोई नहीं अया। जब एजेंसी गया तो बताया गया कि कागज में कुछ कमी है। उसे पूरा कराइए। कागजी कार्रवाई पूरी करवा ली, फिर भी तीन दिन से गोदाम का चक्कर काट रहा हूं। -आलोक कुमार पाठक, सेमरा
0
अब नियमों के नाम पर सिर्फ उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। बुकिंग के बाद डीएसी तो आ गया है, लेकिन गैस सिलिंडर का कोई पता नहीं है। एजेंसी पर फोन करने पर कोई रिसीव ही नहीं कर रहा है। किल्लत तो है, लेकिन इसमें एजेंसी संचालकों की मनमानी पर भी रोक लगाने की जरूरत है। -सुजीत कुमार शर्मा, सेमरा
0
चार गैस एजेंसियों से होम डिलीवरी शुरू
फोटो है
रामकोला। प्रशासन ने सुचारु ढंग से उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने के लिए वितरण व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके चलते अब इंडेन की संचालित चार गैस एजेंसियों से होम डिलीवरी शुरू कर दी गई है। इससे उपभोक्ताओं एजेंसी व गोदाम का चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें गैस की आपूर्ति घर-घर हो जाएगी। यह पहल तहसीलदार चंदन शर्मा ने इंडियन ऑयल के अधिकारियों से बातचीत कर शुरू कराई है। इसके तहत कप्तानगंज, लक्ष्मीगंज, रामपुर बगहा व नेबुआ नौरंगिया इंडेन गैस एजेंसियों ने रामकोला क्षेत्र में होम डिलीवरी शुरू कर दी है। संवाद
0
ई-केवाईसी व डीएसी की व्यवस्था शासन के निर्देश पर पारदर्शिता लाने के लिए लागू की गई है। जिले में संचालित सभी गैस एजेंसियों के संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित करें और उपभोक्ताओं को बेवजह परेशान न करें। शिकायत मिलने पर गठित टीमें पहुंचकर जांच कर कार्रवाई भी तय कर रही हैं। -कृष्ण गोपाल पांडेय,डीएसओ, कुशीनगर