{"_id":"69dab156663ef42fce0b77a3","slug":"wedding-season-markets-decked-up-gold-cheaper-demand-for-clothing-rises-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-157933-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहालग : सजा बाजार...सोना सस्ता, कपड़े की बढ़ी मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहालग : सजा बाजार...सोना सस्ता, कपड़े की बढ़ी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 12 Apr 2026 02:08 AM IST
विज्ञापन
पडरौना शहर में कपड़े की दुकान पर साड़ी की खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद
विज्ञापन
पडरौना। 15 अप्रैल से शुरू हो रहे सहालग सीजन से बाजार में रौनक बढ़ गई है। इस समय कपड़ों का बाजार अधिक गुलजार है। ग्राहक फैशन के साथ आराम कपड़ों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके चलते कॉटन व लिनन के कपड़ों की मांग बढ़ रही है। सहालग शुरू होने से पहले सोने और चांदी के दामों में गिरावट आने से बाजार में रौनक बढ़ गई है। आभूषणों की खरीदारी तेज हो गई है और दुकानदारों में ग्राहकों की भीड़ नजर आ रही है।
शहर के गुदरी बाजार, धर्मशाला रोड, मेन बाजार और सुभाष चौक स्थित बाजार में खुले दुकान और कपड़े के शोरूम पर महिलाओं व बच्चों की भीड़ देखी गई, जहां ग्राहक कॉटन के कुर्ता-पायजामा, लिनन शर्ट, सूती साड़ियां, कॉटन की शर्ट, टी-शर्ट, ट्राउजर आदि पसंद करते देखे गए। महिलाओं ने साड़ियों के साथ कॉटन के पार्टी वेयर सूट पसंद किया। वहीं, कपड़े के शोरूम संचालकों को कहना है कि इधर तीन से चार दिन में सिंथेटिक कपड़ों की अपेक्षा लोग सूती व लिनन फैब्रिक की मांग ज्यादा कर रहे हैं। महिलाओं में कॉटन प्रिंटेड साड़ियां व सूती सलवार सूट की मांग अधिक है, जबकि युवाओं में लिनन शर्ट व हल्के रंग के शादी-बरातों में पहनने के लिए कुर्ते की मांग है।
एक सप्ताह से ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। कपड़ा, सर्राफा, किराना समेत सहालग से जुड़े सामान की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिख रही है। सबसे अधिक भीड़ कपड़े और आभूषण की दुकानों पर देखने को मिल रही है। साड़ी में डाल साजने और रिश्तेदारों और सगे-संबंधियों को देने के लिए वस्त्रों की जरूरत होती है। इसके लिए कपड़ों की खरीदारी तेज हो गई है। राजेश्वरी मार्केट के कपड़ा व्यवसायी राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस समय वर्क वाली, सिल्क और साड़ियों की मांग बढ़ी है।
मौसम की वजह से सिंथेटिक साड़ियों की मांग कम है, लेकिन वर्क वाली साड़ियों की मांग अधिक की जा रही है। ऐसी साड़ियों की कीमत 500 से 3000, सिल्क 400 से 4000 और सिंंथेटिक साड़ियां 250 रुपये से शुरू है। ग्राहकों के रेंज और वेराइटी का ध्यान रखा जा रहा है। आभूषण व्यापारी संजीव कुमार ने बताया कि जिन परिवारों में अप्रैल और मई में शादी है, वे दुकान पर ऑर्डर बुक करा रहे हैं। रेट कम होने से आभूषण की बिक्री बढ़ी है। सराफा बाजार में रौनक बढ़ी है। शादियों का मौसम शुरू होने वाला है, इसलिए आगामी दिनों में खरीदारी और भी बढ़ने की उम्मीद है। वहीं एक आभूषण की खरीदारी करने परिवार के साथ आए कांता राय मठिया निवासी अरुण पांडेय ने बताया कि 29 अप्रैल को उनकी बेटी की शादी है। सोने और चांदी के दाम कम होने पर उन्होंने पायल, बिछुआ, मंगलसूत्र और अन्य गहने खरीदे हैं। सोने और चांदी के दाम कम होने से उन्हें खरीदारी में थोड़ी राहत मिली है।
0
बोल व्यापारी
आभूषण बाजार में इस समय खरीदारों के लिए सबसे अनुकूल माना जा रहा है, क्योंकि गिरावट के बाद खरीदारी करने पर उपहार और शादी-विवाह के लिए आभूषणों पर अच्छा फायदा मिल रहा है। ग्राहक नए डिजाइन के हल्के वजन के आभूषण पसंद कर रहे हैं। मध्य वर्ग के लोग ठोस और नई डिजाइन के आभूषण की मांग कर रहे हैं। -उमंग खेतान, आभूषण व्यापारी।
0
सहालग की खरीदारी शुरू होने से बाजार में तेजी आई है। लोग दुल्हन के लिए जयपुर, दिल्ली और सूरत की बने लहंगे की अधिक मांग कर रहे हैं। वहीं, पहनने के लिए जयपुरी, कोलकाता की बनी सीफान की साड़ी अधिक पसंद की जा रही है। बंगलोरी और बनारसी साढ़ी की मांग भी अधिक है। कई व्यापारी रेडिमेड ब्लाउज साड़ी और दुपट्टा साड़ी भी पसंद कर रहे हैं। -अखिलेश अग्रहरि, कपड़ा व्यापारी।
Trending Videos
शहर के गुदरी बाजार, धर्मशाला रोड, मेन बाजार और सुभाष चौक स्थित बाजार में खुले दुकान और कपड़े के शोरूम पर महिलाओं व बच्चों की भीड़ देखी गई, जहां ग्राहक कॉटन के कुर्ता-पायजामा, लिनन शर्ट, सूती साड़ियां, कॉटन की शर्ट, टी-शर्ट, ट्राउजर आदि पसंद करते देखे गए। महिलाओं ने साड़ियों के साथ कॉटन के पार्टी वेयर सूट पसंद किया। वहीं, कपड़े के शोरूम संचालकों को कहना है कि इधर तीन से चार दिन में सिंथेटिक कपड़ों की अपेक्षा लोग सूती व लिनन फैब्रिक की मांग ज्यादा कर रहे हैं। महिलाओं में कॉटन प्रिंटेड साड़ियां व सूती सलवार सूट की मांग अधिक है, जबकि युवाओं में लिनन शर्ट व हल्के रंग के शादी-बरातों में पहनने के लिए कुर्ते की मांग है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक सप्ताह से ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। कपड़ा, सर्राफा, किराना समेत सहालग से जुड़े सामान की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिख रही है। सबसे अधिक भीड़ कपड़े और आभूषण की दुकानों पर देखने को मिल रही है। साड़ी में डाल साजने और रिश्तेदारों और सगे-संबंधियों को देने के लिए वस्त्रों की जरूरत होती है। इसके लिए कपड़ों की खरीदारी तेज हो गई है। राजेश्वरी मार्केट के कपड़ा व्यवसायी राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस समय वर्क वाली, सिल्क और साड़ियों की मांग बढ़ी है।
मौसम की वजह से सिंथेटिक साड़ियों की मांग कम है, लेकिन वर्क वाली साड़ियों की मांग अधिक की जा रही है। ऐसी साड़ियों की कीमत 500 से 3000, सिल्क 400 से 4000 और सिंंथेटिक साड़ियां 250 रुपये से शुरू है। ग्राहकों के रेंज और वेराइटी का ध्यान रखा जा रहा है। आभूषण व्यापारी संजीव कुमार ने बताया कि जिन परिवारों में अप्रैल और मई में शादी है, वे दुकान पर ऑर्डर बुक करा रहे हैं। रेट कम होने से आभूषण की बिक्री बढ़ी है। सराफा बाजार में रौनक बढ़ी है। शादियों का मौसम शुरू होने वाला है, इसलिए आगामी दिनों में खरीदारी और भी बढ़ने की उम्मीद है। वहीं एक आभूषण की खरीदारी करने परिवार के साथ आए कांता राय मठिया निवासी अरुण पांडेय ने बताया कि 29 अप्रैल को उनकी बेटी की शादी है। सोने और चांदी के दाम कम होने पर उन्होंने पायल, बिछुआ, मंगलसूत्र और अन्य गहने खरीदे हैं। सोने और चांदी के दाम कम होने से उन्हें खरीदारी में थोड़ी राहत मिली है।
0
बोल व्यापारी
आभूषण बाजार में इस समय खरीदारों के लिए सबसे अनुकूल माना जा रहा है, क्योंकि गिरावट के बाद खरीदारी करने पर उपहार और शादी-विवाह के लिए आभूषणों पर अच्छा फायदा मिल रहा है। ग्राहक नए डिजाइन के हल्के वजन के आभूषण पसंद कर रहे हैं। मध्य वर्ग के लोग ठोस और नई डिजाइन के आभूषण की मांग कर रहे हैं। -उमंग खेतान, आभूषण व्यापारी।
0
सहालग की खरीदारी शुरू होने से बाजार में तेजी आई है। लोग दुल्हन के लिए जयपुर, दिल्ली और सूरत की बने लहंगे की अधिक मांग कर रहे हैं। वहीं, पहनने के लिए जयपुरी, कोलकाता की बनी सीफान की साड़ी अधिक पसंद की जा रही है। बंगलोरी और बनारसी साढ़ी की मांग भी अधिक है। कई व्यापारी रेडिमेड ब्लाउज साड़ी और दुपट्टा साड़ी भी पसंद कर रहे हैं। -अखिलेश अग्रहरि, कपड़ा व्यापारी।

पडरौना शहर में कपड़े की दुकान पर साड़ी की खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद