{"_id":"69dab2b90a17614e290985c8","slug":"we-will-find-peace-only-if-the-administration-ensures-that-the-murder-accused-are-sentenced-to-death-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-157907-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: हत्यारोपियों को प्रशासन दिलाए फांसी की सजा तो मिलेगा सुकून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: हत्यारोपियों को प्रशासन दिलाए फांसी की सजा तो मिलेगा सुकून
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 12 Apr 2026 02:14 AM IST
विज्ञापन
रामकोला क्षेत्र के मोरवन इमिलिया में एसिड से हुई काजल यादव की मौत के बाद अपने रिस्तेदारो के साथ
- फोटो : संवाद
विज्ञापन
बेटी का दाह संस्कार कर दरवाजे पर बैठे पिता प्रभुनाथ की आंखों में दिखा आरोपियों के प्रति गुस्सा
रामकोला। थाना क्षेत्र के मोरवन गांव के इमिलिया टोला में तेजाब फेंक कर युवती की हत्या के दूसरे दिन भी गांव वालों में खौफ दिखा। वारदात के बाद कमरे का दृश्य याद कर परिजन सहम जा रहे हैं। वहीं, तेजाब से झुलसी युवती की मां का इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। उसके स्वास्थ्य में सुधार बताया जा रहा है। बेटी का दाह संस्कार कर दरवाजे पर बैठे पिता प्रभुनाथ गम से नहीं उबर पा रहे हैं। आरोपियों के प्रति की आंखों में जबर्दस्त गुस्सा है। वारदात का जिक्र करने पर कहा कि आरोपियों को प्रशासन फांसी की सजा दिलाए तभी दिल को सुकून मिलेगा। मेरा तो सब कुछ बर्बाद हो गया। गम और गुस्से के बीच पिता की जुबान से निकले इस शब्द पर मौजूद लोगों ने भी हामी भरी और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
इमिलिया टोला में कमरे में सो रही 58 वर्षीय मां लीलावती देवी और 23 वर्षीय बेटी काजल पर बृहस्पतिवार की रात करीब 1.30 बजे दो युवकों ने एसिड फेंक दिया था। बुरी तरह झुलसी मां-बेटी को परिजन रामकोला सीएचसी ले गए। वहां से कुशीनगर मेडिकल कॉलेज और फिर डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में इलाज के दौरान काजल की मौत हो गई। मां लीलावती देवी जीवन और मौत से जूझ रही है।
तेजाब फेंकने वाले सिरफिरे जटहा बाजार के कंठी छपरा गांव निवासी छोटेलाल खरवार और इसके साथी अनुज कुशवाहा को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया। वारदात में शामिल तीसरे आरोपी विवेक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। काजल का अंतिम संस्कार करने के बाद पिता प्रभुनाथ दरवाजे पर बैठे हैं। गांव वालों के अलावा रिश्तेदारों का आना जाना लगा है।
उधर, परिवार के बाकी सदस्य गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में लीलावती के पास हैं। दरवाजे पर बैठे गांव के लोगों का कहना है कि कभी ऐसी घटना गांव में नहीं हुई थी। घनी आबादी के बीच छत के सहारे कमरे में पहुंच कर सो रही मां बेटी पर तेजाब फेंकने के मुख्य आरोपी छोटेलाल खरवार के खिलाफ गमजदा लोगों के चेहरे पर गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। प्रभुनाथ ने बताया कि पूरे जीवन नौकरी की अब चैन की दो रोटी की बारी आई तो परिवार पर ही संकट आ गया। प्रशासन आरोपियों को मुकदमे की पैरवी कर फांसी के फंदे तक पहुंचाए, ताकि दोबारा ऐसी वारदात को अंजाम देने की कोई हिम्मत न करे।
Trending Videos
रामकोला। थाना क्षेत्र के मोरवन गांव के इमिलिया टोला में तेजाब फेंक कर युवती की हत्या के दूसरे दिन भी गांव वालों में खौफ दिखा। वारदात के बाद कमरे का दृश्य याद कर परिजन सहम जा रहे हैं। वहीं, तेजाब से झुलसी युवती की मां का इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। उसके स्वास्थ्य में सुधार बताया जा रहा है। बेटी का दाह संस्कार कर दरवाजे पर बैठे पिता प्रभुनाथ गम से नहीं उबर पा रहे हैं। आरोपियों के प्रति की आंखों में जबर्दस्त गुस्सा है। वारदात का जिक्र करने पर कहा कि आरोपियों को प्रशासन फांसी की सजा दिलाए तभी दिल को सुकून मिलेगा। मेरा तो सब कुछ बर्बाद हो गया। गम और गुस्से के बीच पिता की जुबान से निकले इस शब्द पर मौजूद लोगों ने भी हामी भरी और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
इमिलिया टोला में कमरे में सो रही 58 वर्षीय मां लीलावती देवी और 23 वर्षीय बेटी काजल पर बृहस्पतिवार की रात करीब 1.30 बजे दो युवकों ने एसिड फेंक दिया था। बुरी तरह झुलसी मां-बेटी को परिजन रामकोला सीएचसी ले गए। वहां से कुशीनगर मेडिकल कॉलेज और फिर डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में इलाज के दौरान काजल की मौत हो गई। मां लीलावती देवी जीवन और मौत से जूझ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तेजाब फेंकने वाले सिरफिरे जटहा बाजार के कंठी छपरा गांव निवासी छोटेलाल खरवार और इसके साथी अनुज कुशवाहा को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया। वारदात में शामिल तीसरे आरोपी विवेक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। काजल का अंतिम संस्कार करने के बाद पिता प्रभुनाथ दरवाजे पर बैठे हैं। गांव वालों के अलावा रिश्तेदारों का आना जाना लगा है।
उधर, परिवार के बाकी सदस्य गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में लीलावती के पास हैं। दरवाजे पर बैठे गांव के लोगों का कहना है कि कभी ऐसी घटना गांव में नहीं हुई थी। घनी आबादी के बीच छत के सहारे कमरे में पहुंच कर सो रही मां बेटी पर तेजाब फेंकने के मुख्य आरोपी छोटेलाल खरवार के खिलाफ गमजदा लोगों के चेहरे पर गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। प्रभुनाथ ने बताया कि पूरे जीवन नौकरी की अब चैन की दो रोटी की बारी आई तो परिवार पर ही संकट आ गया। प्रशासन आरोपियों को मुकदमे की पैरवी कर फांसी के फंदे तक पहुंचाए, ताकि दोबारा ऐसी वारदात को अंजाम देने की कोई हिम्मत न करे।