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Kushinagar News: एक अस्पताल का पंजीकरण नहीं, दूसरे का संचालन बेसमेंट में
Fri, 03 Jul 2026 02:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 03 Jul 2026 02:07 AM IST
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कसया नगर में एक निजी अस्पताल का जांच करते सीएचसी प्रभारी डा मार्कण्डेय चतुर्वेदी, डा मुकेश यादव
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कसया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को कसया क्षेत्र के निजी अस्पतालों में अग्निशमन व्यवस्था और बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की सघन जांच की। एक अस्पताल बिना पंजीकरण संचालित पाया गया, जबकि दूसरे अस्पताल का कुछ हिस्सा बेसमेंट में संचालित होने पर दोनों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मुकेश यादव एवं सीएचसी अधीक्षक डॉ. मारकंडे चतुर्वेदी के नेतृत्व में गठित टीम ने कसया के हंसराज हॉस्पिटल, कसया सेंट्रल हॉस्पिटल, बीना हॉस्पिटल, आयुष्मान हॉस्पिटल, गोपी चाइल्ड केयर एवं हमराही हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। कसया सेंट्रल हॉस्पिटल का वैध पंजीकरण नहीं मिला। वहीं, हमराही हॉस्पिटल का कुछ हिस्सा बेसमेंट में चल रहा था। टीम ने दोनों अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया। हमराही हॉस्पिटल को तत्काल बेसमेंट में गतिविधियों का संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए।
सीएचसी प्रभारी डॉ. मारकंडे चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल संचालन के लिए अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और बायो मेडिकल वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था अनिवार्य है। निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को रिपोर्ट भेज दी गई है।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मुकेश यादव एवं सीएचसी अधीक्षक डॉ. मारकंडे चतुर्वेदी के नेतृत्व में गठित टीम ने कसया के हंसराज हॉस्पिटल, कसया सेंट्रल हॉस्पिटल, बीना हॉस्पिटल, आयुष्मान हॉस्पिटल, गोपी चाइल्ड केयर एवं हमराही हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। कसया सेंट्रल हॉस्पिटल का वैध पंजीकरण नहीं मिला। वहीं, हमराही हॉस्पिटल का कुछ हिस्सा बेसमेंट में चल रहा था। टीम ने दोनों अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया। हमराही हॉस्पिटल को तत्काल बेसमेंट में गतिविधियों का संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. मारकंडे चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल संचालन के लिए अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और बायो मेडिकल वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था अनिवार्य है। निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को रिपोर्ट भेज दी गई है।
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