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Kushinagar News: बारिश ने दिलाई गर्मी से राहत, मोहल्लों में जलभराव से आफत
Mon, 20 Jul 2026 02:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 20 Jul 2026 02:12 AM IST
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तमकुहीराज ओवरब्रिज के पास सड़क पर लगा बारिश का पानी। स्रोत -सोशल मीडिया
- फोटो : shiv tripathi
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पडरौना। रविवार की सुबह करीब चार बजे से दोपहर करीब एक बजे तक कभी बूंदाबांदी तो कभी झमाझम बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से तो लोगों को राहत मिल गई लेकिन शहर के कई मोहल्लों में जलभराव की समस्या ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के कारण मुख्य नाले चोक हो गए। शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया। शहर के निचले मोहल्लों के कई घरों में भी पानी घुस गया। घरों की दीवारों में सीलन आने लगी है और जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
शहर के नौका टोला मोहल्ला में करीब 100 घर हैं। इस मोहल्ले के एक तरफ रामकोला रोड और दूसरी तरफ रेललाइन है। सड़क और रेललाइन की ऊंचाई मोहल्ले से करीब ढाई से तीन फुट है। मोहल्ले से जलनिकासी की व्यवस्था मुकम्मल नहीं होने से यहां की नालियां चोक हो गई हैं। इससे बारिश का पानी न केवल सड़क पर एकत्र हो जाता है बल्कि नाली का पानी ओवरफ्लो होकर लोगों के घर में घुस रहा है।
रविवार की सुबह झमाझम बारिश में भी यही हुआ। बारिश का पानी मोहल्ले की सड़क पर एकत्र हो गया। यही नहीं, नालियां ओवरफ्लो होने से मोहल्ले के जहीर अंसारी, मस्तक अली, वसीर अली, अहमुल्लाह अंसारी आदि के घरों में पानी भर गया। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से शहर के कठकुइयां मोड़ के पास मुख्य सड़क एक से डेढ़ फुट पानी एकत्र हो गया। वहां सवारी बैठाने वाले ऑटो चालकों के अलावा राहगीरों को भी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी।
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सबसे अधिक दिक्कत बाइक और साइकिल सवारों को हुई। ऑटो चालक मोहम्मद इरफान ने बताया कि सुबह से चार सवारी मिली है। सड़क पर पानी भर जाने से इस रास्ते आवागमन करने वाले बाइक सवारों की बाइक बंद हो जा रही हैं। नगर पालिका वाले सिर्फ वादा करते हैं। यही हाल शहर की राजपूत कॉलोनी की है। बारिश का पानी मोहल्ले की सड़क पर एकत्र हो गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी। बारिश बांद होने के करीब एक घंटे बाद सड़क पर एकत्र पानी धीरे-धीरे निकला तब जाकर लोगों ने राहत महसूस की।
करीब 15 दिनों से हो रही रुक-रुक कर होरही बारिश ने न केवल जनजीवन अस्तव्यस्त कर रखा है बल्कि कई मकानों में सीलन हो गया है। नमी के कारण शहर के तिलक चौक, छुछिया गेट और वाल्मीकिनगर समेत अन्य मोहल्लों में पुराने मकानों के प्लास्टर गिर रहे हैं। दुकानदारों ने सामान को सुरक्षित करने के लिए उसे ऊंची जगहों पर शिफ्ट कर दिया है। वाल्मीकिनगर के दुकानदार राजेश गुप्ता ने बताया कि हर साल दो दिन की बारिश में ही यह हाल हो जाता है। नालों की सफाई मानसून से पहले होनी चाहिए थी।
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बारिश के दिनों में इस तरह की दिक्कत होती है। जेसीबी और पंपिंग मशशीन लगाकर नालों से पानी निकाला जा रहा है। छह टीमें अलग-अलग मोहल्लों में लगी हैं। 24 घंटे में स्थिति सामान्य कर दी जाएगी। -संतराम सरोज, ईओ, नगर पालिका पडरौना।
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24 घंटे में 42 एमएम बारिश
पिछले 24 घंटे में जिले में 42 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के प्रभारी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार की सुबह हुई बारिश से शनिवार के मुकाबले तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। बारिश के बाद रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटे तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। उन्होंने लोगों से निचले इलाकों में सावधानी बरतने, बिजली के तारों से दूर रहने और बच्चों को भरे पानी में न जाने देने की अपील की है।
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समिति परिसर में घुसा पानी, खाद-बीज खराब होने का खतरा
कसया। बारिश से टेकुआटार बाजार स्थित इफको किसान सेवा समिति का परिसर जलमग्न हो गया है। समिति के कार्यालय और गोदाम में पानी भर जाने से वहां रखे खाद-बीज और अन्य कृषि सामग्री की सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों को सामान सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। समिति के मुख्य द्वार और पूरे परिसर में पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। कर्मचारियों ने बताया कि यदि बारिश पानी गोदाम में पहुंच गया है। इससे लाखों रुपये मूल्य की खाद के खराब होने का खतरा है। समिति का नियमित कार्य भी प्रभावित है।
खाद लेने पहुंचे किसानों ने बताया कि पानी से होकर गुजरना मजबूरी है। फिसलन के कारण दुर्घटना की आशंका है। किसान इशरार, पप्पू तिवारी, गोविंद तिवारी, मंजूर आलम, दिलशाद अहमद, महेंद्र यादव, शशिकांत अली और महेंद्र मौर्य ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने और समिति परिसर को जलभराव से मुक्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो गोदाम में रखा खाद, बीज और गेहूं खराब होने से किसानों के साथ समिति को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। समिति के सचिव श्याम बदन ने बताया कि जलभराव की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दे दी गई है। जल्द ही पानी निकासी का प्रयास किया जा रहा है।
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शहर के नौका टोला मोहल्ला में करीब 100 घर हैं। इस मोहल्ले के एक तरफ रामकोला रोड और दूसरी तरफ रेललाइन है। सड़क और रेललाइन की ऊंचाई मोहल्ले से करीब ढाई से तीन फुट है। मोहल्ले से जलनिकासी की व्यवस्था मुकम्मल नहीं होने से यहां की नालियां चोक हो गई हैं। इससे बारिश का पानी न केवल सड़क पर एकत्र हो जाता है बल्कि नाली का पानी ओवरफ्लो होकर लोगों के घर में घुस रहा है।
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रविवार की सुबह झमाझम बारिश में भी यही हुआ। बारिश का पानी मोहल्ले की सड़क पर एकत्र हो गया। यही नहीं, नालियां ओवरफ्लो होने से मोहल्ले के जहीर अंसारी, मस्तक अली, वसीर अली, अहमुल्लाह अंसारी आदि के घरों में पानी भर गया। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से शहर के कठकुइयां मोड़ के पास मुख्य सड़क एक से डेढ़ फुट पानी एकत्र हो गया। वहां सवारी बैठाने वाले ऑटो चालकों के अलावा राहगीरों को भी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी।
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सबसे अधिक दिक्कत बाइक और साइकिल सवारों को हुई। ऑटो चालक मोहम्मद इरफान ने बताया कि सुबह से चार सवारी मिली है। सड़क पर पानी भर जाने से इस रास्ते आवागमन करने वाले बाइक सवारों की बाइक बंद हो जा रही हैं। नगर पालिका वाले सिर्फ वादा करते हैं। यही हाल शहर की राजपूत कॉलोनी की है। बारिश का पानी मोहल्ले की सड़क पर एकत्र हो गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी। बारिश बांद होने के करीब एक घंटे बाद सड़क पर एकत्र पानी धीरे-धीरे निकला तब जाकर लोगों ने राहत महसूस की।
करीब 15 दिनों से हो रही रुक-रुक कर होरही बारिश ने न केवल जनजीवन अस्तव्यस्त कर रखा है बल्कि कई मकानों में सीलन हो गया है। नमी के कारण शहर के तिलक चौक, छुछिया गेट और वाल्मीकिनगर समेत अन्य मोहल्लों में पुराने मकानों के प्लास्टर गिर रहे हैं। दुकानदारों ने सामान को सुरक्षित करने के लिए उसे ऊंची जगहों पर शिफ्ट कर दिया है। वाल्मीकिनगर के दुकानदार राजेश गुप्ता ने बताया कि हर साल दो दिन की बारिश में ही यह हाल हो जाता है। नालों की सफाई मानसून से पहले होनी चाहिए थी।
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बारिश के दिनों में इस तरह की दिक्कत होती है। जेसीबी और पंपिंग मशशीन लगाकर नालों से पानी निकाला जा रहा है। छह टीमें अलग-अलग मोहल्लों में लगी हैं। 24 घंटे में स्थिति सामान्य कर दी जाएगी। -संतराम सरोज, ईओ, नगर पालिका पडरौना।
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24 घंटे में 42 एमएम बारिश
पिछले 24 घंटे में जिले में 42 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के प्रभारी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार की सुबह हुई बारिश से शनिवार के मुकाबले तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। बारिश के बाद रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटे तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। उन्होंने लोगों से निचले इलाकों में सावधानी बरतने, बिजली के तारों से दूर रहने और बच्चों को भरे पानी में न जाने देने की अपील की है।
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समिति परिसर में घुसा पानी, खाद-बीज खराब होने का खतरा
कसया। बारिश से टेकुआटार बाजार स्थित इफको किसान सेवा समिति का परिसर जलमग्न हो गया है। समिति के कार्यालय और गोदाम में पानी भर जाने से वहां रखे खाद-बीज और अन्य कृषि सामग्री की सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों को सामान सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। समिति के मुख्य द्वार और पूरे परिसर में पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। कर्मचारियों ने बताया कि यदि बारिश पानी गोदाम में पहुंच गया है। इससे लाखों रुपये मूल्य की खाद के खराब होने का खतरा है। समिति का नियमित कार्य भी प्रभावित है।
खाद लेने पहुंचे किसानों ने बताया कि पानी से होकर गुजरना मजबूरी है। फिसलन के कारण दुर्घटना की आशंका है। किसान इशरार, पप्पू तिवारी, गोविंद तिवारी, मंजूर आलम, दिलशाद अहमद, महेंद्र यादव, शशिकांत अली और महेंद्र मौर्य ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने और समिति परिसर को जलभराव से मुक्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो गोदाम में रखा खाद, बीज और गेहूं खराब होने से किसानों के साथ समिति को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। समिति के सचिव श्याम बदन ने बताया कि जलभराव की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दे दी गई है। जल्द ही पानी निकासी का प्रयास किया जा रहा है।

तमकुहीराज ओवरब्रिज के पास सड़क पर लगा बारिश का पानी। स्रोत -सोशल मीडिया- फोटो : shiv tripathi

तमकुहीराज ओवरब्रिज के पास सड़क पर लगा बारिश का पानी। स्रोत -सोशल मीडिया- फोटो : shiv tripathi

तमकुहीराज ओवरब्रिज के पास सड़क पर लगा बारिश का पानी। स्रोत -सोशल मीडिया- फोटो : shiv tripathi

तमकुहीराज ओवरब्रिज के पास सड़क पर लगा बारिश का पानी। स्रोत -सोशल मीडिया- फोटो : shiv tripathi