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Kushinagar News: इलाज से पहले जांच के लिए मशक्कत
Tue, 04 Aug 2026 02:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 04 Aug 2026 02:17 AM IST
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मेडिकल कॉलेज के अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते मरीज। संवाद
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पडरौना। मेडिकल कॉलेज में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंच रहे मरीजों का ज्यादा समय सिर्फ पंजीकरण और जांच कराने में ही बीत जा रहा है। यहां मरीज को डाक्टर की सलाह से ज्यादा खून की जांच व अल्ट्रासाउंड के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
पर्ची काउंटर पर भीड़ और इंतजार का सिलसिला पैथोलॉजी लैब तक बनी रहती है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद जब मरीज डाॅक्टर के चैंबर तक पहुंचता है, तो उसे इलाज से पहले जांच की सलाह दी जाती है। इसके बाद जांच और उसकी रिपोर्ट लेने में मरीज व तीमारदारों को मशक्कत करनी पड़ रही है। पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी में मरीज दिखाने और जांच कक्ष में भीड़ के चलते अक्सर धक्का-मुक्की हो रही है।
तीमारदारों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में जांच कराना सबसे कठिन हो गया है। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे कक्ष में बेशुमार भीड़ हो रही है। बारिश के कारण लोगों को नई बिल्डिंग में ओपीडी में दिखाने के बाद जांच के लिए पुरानी बिल्डिंग में जाना पड़ता था। मौसम में बदलाव के कारण सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई ळै। सोमवार को 1356 मरीजों ने ओपीडी में रजिस्ट्रेशन कराया।
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सुबह 8्र ही पर्ची बनवाकर अल्ट्रासाउंड कमरे के बाहर कतार में खड़ी हो गई थी। दोपहर एक बजे तक नंबर नहीं आया था। खाली पेट बैठकर इंतजार कर रही हूं। कमरे से बाहर निकले स्वास्थ्य कर्मचारी ने बताया कि जांच अभी एक घंटे बाद नंबर आएगा। इतना लंबा इंतजार मरीज के लिए ठीक नहीं है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन को डॉक्टर व मशीन बढ़ाकर आने वाले मरीजों की जांच का बंदोबस्त करना चाहिए। -आशा देवी, कोटवा, सेवरही
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सुबह करीब 10:30 बजे ओपीडी में डॉक्टर से दिखाया। अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह दी गई। पर्ची लेकर जांच के लिए अल्ट्रासाउंड कक्ष पहुंचा। वहां पहले से ही मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। किसी तरह से पर्ची तो जमा हो गई है लेकिन घंटों से इंतजार कर रही हूं। नंबर लगाने वाले स्वास्थ्य कर्मचारी ने बताया है कि जांच हो पाने की आज उम्मीद कम है। यह सुनकर परेशान हूं। -मीना देवी, पकड़ी खुर्द वनटोलवा, पडरौना
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पैथोलॉजी में भी मरीजों की लंबी कतार
मेडिकल कॉलेज में सोमवार को दोपहर 12:40 बजे तक 1053 मरीज पहुंचे थे। ओपीडी में डाॅक्टरों ने मरीजों की तरफ से बताई गई बीमारी के लक्षणों के आधार पर खून की जांच कराने की सलाह दी। खून की जांच कराने काउंटर पर खड़ी रीता देवी, सरिता देवी, मीना, मनोज प्रजापति, हरीलाल यादव, सचिन जायसवाल, रमेश सिंह, संजय चौहान ने कहा कि इंतजार करते करीब दो घंटे बीत गए हैं लेकिन अभी नंबर नहीं आया है। पर्ची जमा हो गई है। मरीजों ने कहा कि जांच रिपोर्ट के लिए दूसरे दिन बुलाया जा रहा है।
कोट:-
ओपीडी में मरीजों की संख्या अधिक होने के चलते अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और पैथाेलॉजी में भीड़ ज्यादर रही। ओपीडी में आने वाले मरीजों को इलाज में सहूलियत देने का प्रयास किया जा रहा है। सभी डाॅक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि ओपीडी में जिन मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो गया है, उनका इलाज उसी दिन करें। बिना मरीज को देखे न जाएं। -डॉ. केपी गोड़, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
एमसीएच विंग परिसर में भरा पानी
सोमवार की सुबह हुई झमाझम बारिश के चलते मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग परिसर में जलभराव हो गया। इसके चलते मरीजों व तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से एमसीएच विंग परिसर में जलनिकासी का समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। बारिश होते ही परिसर में पानी भर जाता है। मरीज व तीमारदार पानी से गुजरते हैं। यही हाल मेडिकल कॉलेज जाने वाले रास्ते पर भी है। लेन में पूरा पानी भरा हुआ है। एक ही लेन से वाहनों व मरीजों की आवाजाही के चलते परेशानी होती है। इसके बावजूद कोई बंदोबस्त नहीं किया जा रहा है।
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पर्ची काउंटर पर भीड़ और इंतजार का सिलसिला पैथोलॉजी लैब तक बनी रहती है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद जब मरीज डाॅक्टर के चैंबर तक पहुंचता है, तो उसे इलाज से पहले जांच की सलाह दी जाती है। इसके बाद जांच और उसकी रिपोर्ट लेने में मरीज व तीमारदारों को मशक्कत करनी पड़ रही है। पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी में मरीज दिखाने और जांच कक्ष में भीड़ के चलते अक्सर धक्का-मुक्की हो रही है।
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तीमारदारों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में जांच कराना सबसे कठिन हो गया है। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे कक्ष में बेशुमार भीड़ हो रही है। बारिश के कारण लोगों को नई बिल्डिंग में ओपीडी में दिखाने के बाद जांच के लिए पुरानी बिल्डिंग में जाना पड़ता था। मौसम में बदलाव के कारण सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई ळै। सोमवार को 1356 मरीजों ने ओपीडी में रजिस्ट्रेशन कराया।
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सुबह 8्र ही पर्ची बनवाकर अल्ट्रासाउंड कमरे के बाहर कतार में खड़ी हो गई थी। दोपहर एक बजे तक नंबर नहीं आया था। खाली पेट बैठकर इंतजार कर रही हूं। कमरे से बाहर निकले स्वास्थ्य कर्मचारी ने बताया कि जांच अभी एक घंटे बाद नंबर आएगा। इतना लंबा इंतजार मरीज के लिए ठीक नहीं है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन को डॉक्टर व मशीन बढ़ाकर आने वाले मरीजों की जांच का बंदोबस्त करना चाहिए। -आशा देवी, कोटवा, सेवरही
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सुबह करीब 10:30 बजे ओपीडी में डॉक्टर से दिखाया। अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह दी गई। पर्ची लेकर जांच के लिए अल्ट्रासाउंड कक्ष पहुंचा। वहां पहले से ही मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। किसी तरह से पर्ची तो जमा हो गई है लेकिन घंटों से इंतजार कर रही हूं। नंबर लगाने वाले स्वास्थ्य कर्मचारी ने बताया है कि जांच हो पाने की आज उम्मीद कम है। यह सुनकर परेशान हूं। -मीना देवी, पकड़ी खुर्द वनटोलवा, पडरौना
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पैथोलॉजी में भी मरीजों की लंबी कतार
मेडिकल कॉलेज में सोमवार को दोपहर 12:40 बजे तक 1053 मरीज पहुंचे थे। ओपीडी में डाॅक्टरों ने मरीजों की तरफ से बताई गई बीमारी के लक्षणों के आधार पर खून की जांच कराने की सलाह दी। खून की जांच कराने काउंटर पर खड़ी रीता देवी, सरिता देवी, मीना, मनोज प्रजापति, हरीलाल यादव, सचिन जायसवाल, रमेश सिंह, संजय चौहान ने कहा कि इंतजार करते करीब दो घंटे बीत गए हैं लेकिन अभी नंबर नहीं आया है। पर्ची जमा हो गई है। मरीजों ने कहा कि जांच रिपोर्ट के लिए दूसरे दिन बुलाया जा रहा है।
कोट:-
ओपीडी में मरीजों की संख्या अधिक होने के चलते अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और पैथाेलॉजी में भीड़ ज्यादर रही। ओपीडी में आने वाले मरीजों को इलाज में सहूलियत देने का प्रयास किया जा रहा है। सभी डाॅक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि ओपीडी में जिन मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो गया है, उनका इलाज उसी दिन करें। बिना मरीज को देखे न जाएं। -डॉ. केपी गोड़, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
एमसीएच विंग परिसर में भरा पानी
सोमवार की सुबह हुई झमाझम बारिश के चलते मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग परिसर में जलभराव हो गया। इसके चलते मरीजों व तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से एमसीएच विंग परिसर में जलनिकासी का समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। बारिश होते ही परिसर में पानी भर जाता है। मरीज व तीमारदार पानी से गुजरते हैं। यही हाल मेडिकल कॉलेज जाने वाले रास्ते पर भी है। लेन में पूरा पानी भरा हुआ है। एक ही लेन से वाहनों व मरीजों की आवाजाही के चलते परेशानी होती है। इसके बावजूद कोई बंदोबस्त नहीं किया जा रहा है।

मेडिकल कॉलेज के अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते मरीज। संवाद