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Lakhimpur Kheri News: रजिस्ट्री से पहले होगा आधार वेरिफिकेशन, नहीं हो पाएगा फर्जीवाड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:02 PM IST
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आधार सत्यापन बायोमेट्रिक मशीन दिखाते हुए एआईजी स्टांप अमिताभ कुमार। संवाद
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लखीमपुर खीरी। जमीन की रजिस्ट्री में अब फर्जीवाड़ा की आंशक पूरी तरह खत्म हो जाएगी। धोखाधड़ी रोकने और पारदर्शिता के लिए उपनिबंधन कार्यालय में ही आधार नंबर सत्यापन की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। यह व्यवस्था एक फवरी से शुरू हो जाएगी। रजिस्ट्री के समय खरीदार-विक्रेता के साथ ही गवाहों के आधार कार्ड नंबर का सत्यापन किया जाएगा।
बायोमेट्रिक मशीन से उनके फ्रिंगर प्रिंट का मिलान होगा। इसके बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। एआईजी स्टांप अमिताभ कुमार ने बताया कि निबंधन विभाग और आधार की वेबसाइट को मर्ज कर दिया गया है। जैसे ही किसी व्यक्ति का बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा रखा जाएगा, दिल्ली सर्वर पहचान व्यक्ति के पूरी पहचान बता देगा। मिलान होने पर ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जिले के सभी निबंधन कार्यालयों में एक फरवरी से पक्षकारों और गवाहों की पहचान का सत्यापन आधार से किया जाएगा। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिले में सात उप निबंधन कार्यालय हैं। सातों कार्यालय में प्रत्येक महीनों चार से अधिक बैनामें होते है, जिसमें सबसे अधिक सदर तहसील में होते है। एआईजी स्टांप ने बताया कि दिसंबर 2025 में सभी कार्यालय में 4131 बैनामें हुए, जिससे 19.60 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। अमूमन हर माह इतने ही बैनामें होते हैं।
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सभी कार्यालयों को दी गई बायोमेट्रिक मशीनें
-एआईजी स्टांप अमिताभ कुमार एक फरवरी से शुरू होने वाली आधार सत्यापन व्यवस्था के तहत जिले के सातों उप निबंधन कार्यालयों को एक-एक बायोमेट्रिक मशीन दी गई। इस मशीन पर अंगूठा लगाकर सत्यापन किया जायेगा। स्टाफ को इसकी ट्रेनिंग भी दी जा रही है, ताकि रजिस्ट्री से पहले होने वाले आधार सत्यापन के दौरान दिक्कतें न हो।
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अभी तक नहीं थी यह व्यवस्था
-अभी तक उपनिबंधन कार्यालयों में आधार सत्यापन की कोई भी व्यवस्था नहीं थी। अगर कोई फर्जी आधार लगा दे तो कोई उसे पकड़ नहीं पाएगा। हालांकि जनपद में फर्जी आधार का मामला नहीं आया, लेकिन अन्य रजिस्ट्री में फर्जी आधार के सामने आए है। इसी वजह से अब यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि फर्जीवाड़े की आशंका पूरी तरह खत्म हो जाए।
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बायोमेट्रिक मशीन से उनके फ्रिंगर प्रिंट का मिलान होगा। इसके बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। एआईजी स्टांप अमिताभ कुमार ने बताया कि निबंधन विभाग और आधार की वेबसाइट को मर्ज कर दिया गया है। जैसे ही किसी व्यक्ति का बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा रखा जाएगा, दिल्ली सर्वर पहचान व्यक्ति के पूरी पहचान बता देगा। मिलान होने पर ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जिले के सभी निबंधन कार्यालयों में एक फरवरी से पक्षकारों और गवाहों की पहचान का सत्यापन आधार से किया जाएगा। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिले में सात उप निबंधन कार्यालय हैं। सातों कार्यालय में प्रत्येक महीनों चार से अधिक बैनामें होते है, जिसमें सबसे अधिक सदर तहसील में होते है। एआईजी स्टांप ने बताया कि दिसंबर 2025 में सभी कार्यालय में 4131 बैनामें हुए, जिससे 19.60 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। अमूमन हर माह इतने ही बैनामें होते हैं।
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सभी कार्यालयों को दी गई बायोमेट्रिक मशीनें
-एआईजी स्टांप अमिताभ कुमार एक फरवरी से शुरू होने वाली आधार सत्यापन व्यवस्था के तहत जिले के सातों उप निबंधन कार्यालयों को एक-एक बायोमेट्रिक मशीन दी गई। इस मशीन पर अंगूठा लगाकर सत्यापन किया जायेगा। स्टाफ को इसकी ट्रेनिंग भी दी जा रही है, ताकि रजिस्ट्री से पहले होने वाले आधार सत्यापन के दौरान दिक्कतें न हो।
अभी तक नहीं थी यह व्यवस्था
-अभी तक उपनिबंधन कार्यालयों में आधार सत्यापन की कोई भी व्यवस्था नहीं थी। अगर कोई फर्जी आधार लगा दे तो कोई उसे पकड़ नहीं पाएगा। हालांकि जनपद में फर्जी आधार का मामला नहीं आया, लेकिन अन्य रजिस्ट्री में फर्जी आधार के सामने आए है। इसी वजह से अब यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि फर्जीवाड़े की आशंका पूरी तरह खत्म हो जाए।
