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दावा : महाशिवरात्रि से पहले शिव मंदिर मार्ग और तीर्थ निर्माण होगा पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:03 PM IST
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गोला में निर्माणाधीन कॉरिडोर में परिक्रमा पथ की छत से हटाई जा रही शटरिंग। संवाद
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गोला गोकर्णनाथ। महाशिवरात्रि के करीब आने के साथ ही पौराणिक शिव मंदिर कॉरिडोर के निर्माण कार्यों में तेजी आ गई है। कार्यदायी संस्था महाशिवरात्रि (15 फरवरी) से पहले शिव मंदिर मार्ग, मंदिर परिसर और तीर्थ स्थलों का निर्माण कार्य पूरा करने पर विशेष जोर दे रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
महाशिवरात्रि गोला के पौराणिक शिव मंदिर का विशेष एवं प्रमुख उत्सव है। शिवरात्रि पर यहां पूरी रात पौराणिक शिव मंदिर के कपाट खुले रहते हैं। रात्रि के चारों प्रहर में भोलेनाथ का विशेष शृंगार होता है। पूजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। निर्माणाधीन कॉरिडोर में तीर्थ के किनारे के निर्माण स्थल पर रखे पंडा-पुरोहितों और पूजन सामग्री विक्रेताओं के तख्त तथा अस्थायी दुकानें व्यवधान बनी हुई हैं। निर्माण स्थल खाली नहीं होने से काम को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। फिर भी जैसे-तैसे कार्य किया जा रहा है।
महाशिवरात्रि को लेकर तीर्थ के पाथ-वे पर मिट्टी पटाई, सीढ़ियों एवं दीवारों पर पत्थर लगाने, तीर्थ में भरा गंदा पानी निकालने, शिव मंदिर मार्ग के परिक्रमा पथ पर पड़ चुकी छत की शटरिंग हटाने, स्तंभों पर नक्काशीदार पत्थर और मेहराब लगाने का काम तेजी से कराया जा रहा है।
ये होंगे विशेष कार्यक्रम
पौराणिक शिव मंदिर में रात्रि के चारों प्रहर भगवान शिव की श्रृंगार पूजा, अबीर गुलाल की होली, महाशिवरात्रि की शाम गोकर्ण तीर्थ के तट पर दीपोत्सव, गोकर्ण तीर्थ के आरती मंच पर युवा टोली द्वारा रंगोली का आयोजन, नीलकंठ मैदान में पंडित रामदेव मिश्र शास्त्री के संयोजन में पार्थिव शिवलिंग बेदियों पर सामूहिक महारुद्राभिषेक पूरी रात होगा।
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महाशिवरात्रि से पूर्व मंदिर का मुख्य रास्ता और तीर्थ का निर्माण पूर्ण करा लेने के लिए कार्यदायी संस्था के जेई से कहा गया है। स्वयं भी वर्तमान में निर्माण की प्रगति को देखा है। तीर्थ में भरा पानी निकलवाया जा रहा है।
-विजय शुक्ला रिंकू, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, गोला
-- -- -- -- -- -- -- महाशिवरात्रि से पूर्व 12 फरवरी तक मुख्य द्वार से मंदिर तक मुख्य रास्ता, तीर्थ के चारों ओर पाथ-वे और तीर्थ की साफ-सफाई का कार्य करा लिया जाएगा। श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं होगी।
नितिन सिंह, जेई, कार्यदायी संस्था
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महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। उससे पहले रास्ता, तीर्थ का निर्माण एवं साफ-सफाई होना आवश्यक है।
कृष्ण कुमार मिश्र, उपाध्यक्ष, पंडा कल्याण समिति
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महाशिवरात्रि पर रात भर शिव मंदिर के द्वार खुले रहते हैं। श्रद्धालु तीर्थ के जल में स्नान व आचमन करते हैं। श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
श्यामलाल, पंडा, गोकर्ण तीर्थ घाट
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महाशिवरात्रि की शाम तीर्थ पर दीपोत्सव सहित कई कार्यक्रम होंगे। दाे दिन पूर्व ही तैयारी शुरू हो जाती है। इसलिए उससे पूर्व ही निर्माण कार्य कर लिया जाए।
रामगोपाल, पंडा, गोकर्ण तीर्थ
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महाशिवरात्रि गोला के पौराणिक शिव मंदिर का विशेष एवं प्रमुख उत्सव है। शिवरात्रि पर यहां पूरी रात पौराणिक शिव मंदिर के कपाट खुले रहते हैं। रात्रि के चारों प्रहर में भोलेनाथ का विशेष शृंगार होता है। पूजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। निर्माणाधीन कॉरिडोर में तीर्थ के किनारे के निर्माण स्थल पर रखे पंडा-पुरोहितों और पूजन सामग्री विक्रेताओं के तख्त तथा अस्थायी दुकानें व्यवधान बनी हुई हैं। निर्माण स्थल खाली नहीं होने से काम को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। फिर भी जैसे-तैसे कार्य किया जा रहा है।
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महाशिवरात्रि को लेकर तीर्थ के पाथ-वे पर मिट्टी पटाई, सीढ़ियों एवं दीवारों पर पत्थर लगाने, तीर्थ में भरा गंदा पानी निकालने, शिव मंदिर मार्ग के परिक्रमा पथ पर पड़ चुकी छत की शटरिंग हटाने, स्तंभों पर नक्काशीदार पत्थर और मेहराब लगाने का काम तेजी से कराया जा रहा है।
ये होंगे विशेष कार्यक्रम
पौराणिक शिव मंदिर में रात्रि के चारों प्रहर भगवान शिव की श्रृंगार पूजा, अबीर गुलाल की होली, महाशिवरात्रि की शाम गोकर्ण तीर्थ के तट पर दीपोत्सव, गोकर्ण तीर्थ के आरती मंच पर युवा टोली द्वारा रंगोली का आयोजन, नीलकंठ मैदान में पंडित रामदेव मिश्र शास्त्री के संयोजन में पार्थिव शिवलिंग बेदियों पर सामूहिक महारुद्राभिषेक पूरी रात होगा।
महाशिवरात्रि से पूर्व मंदिर का मुख्य रास्ता और तीर्थ का निर्माण पूर्ण करा लेने के लिए कार्यदायी संस्था के जेई से कहा गया है। स्वयं भी वर्तमान में निर्माण की प्रगति को देखा है। तीर्थ में भरा पानी निकलवाया जा रहा है।
-विजय शुक्ला रिंकू, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, गोला
नितिन सिंह, जेई, कार्यदायी संस्था
महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। उससे पहले रास्ता, तीर्थ का निर्माण एवं साफ-सफाई होना आवश्यक है।
कृष्ण कुमार मिश्र, उपाध्यक्ष, पंडा कल्याण समिति
महाशिवरात्रि पर रात भर शिव मंदिर के द्वार खुले रहते हैं। श्रद्धालु तीर्थ के जल में स्नान व आचमन करते हैं। श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
श्यामलाल, पंडा, गोकर्ण तीर्थ घाट
महाशिवरात्रि की शाम तीर्थ पर दीपोत्सव सहित कई कार्यक्रम होंगे। दाे दिन पूर्व ही तैयारी शुरू हो जाती है। इसलिए उससे पूर्व ही निर्माण कार्य कर लिया जाए।
रामगोपाल, पंडा, गोकर्ण तीर्थ

गोला में निर्माणाधीन कॉरिडोर में परिक्रमा पथ की छत से हटाई जा रही शटरिंग। संवाद

गोला में निर्माणाधीन कॉरिडोर में परिक्रमा पथ की छत से हटाई जा रही शटरिंग। संवाद

गोला में निर्माणाधीन कॉरिडोर में परिक्रमा पथ की छत से हटाई जा रही शटरिंग। संवाद
