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Lakhimpur Kheri News: कमियों की आग में झुलसा अग्निशमन विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 02 Apr 2026 11:14 PM IST
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लखीमपुर का फायर स्टेशन-संवाद
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अंकुर श्रीवास्तव
लखीमपुर खीरी।
गर्मी की दस्तक के साथ आगजनी की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। आग बुझाने वाला महकमा खुद ही कमियों की आग में झुलस रहा है। यहां अग्निशमन विभाग में फायरमैन और चालकों के कई पद खाली हैं, दमकल गाड़ियां तय मानक के अनुरूप पूरी नहीं हैं। खासकर संकरी गलियों में पहुंचने वाली छोटी गाड़ियां आधी भी उपलब्ध नहीं है। आधे से भी कम स्टाफ और सीमित संसाधनों के सहारे 45 लाख की आबादी वाले जिले की अग्निशमन व्यवस्था कितनी बेबस है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
सबसे ज्यादा दिक्कतें ग्रामीण इलाकों में होने वाली घटनाओं के दौरान होती हैं। हालांकि दमकल गाड़ियों में पानी की व्यवस्था के लिए हाईड्रेंट के इंतजाम कुछ हद तक ठीक हैं। शहर में अकेले 14 जगहों पर हाईड्रेंट बने हुए हैं। इसमें से एक चालू हालत में नहीं है, बाकी 13 चल रहे हैं। संवाद
पालिका के रैन बसेरे में चल रहा केंद्र
मोहम्मदी।
गोला मोहम्मदी रोड पर चल रहे अग्निशमन केंद्र नगर पालिका के रैन बसेरा में चल रहा है। यहां पर एक हवलदार, दो सिपाही, एक फायर चालक और एक प्रभारी सहित पांच लोग हैं। जबकि प्रभारी और उप प्रभारी, दो हवलदार, दो चालक, 16 सिपाही, दो खाना बनाने के लिए कुक, एक स्वीपर की तैनाती होनी चाहिए। आग बुझाने के लिए एक-एक मशीन थी, लेकिन करीब दो तीन माह से एक छोटी मशीन है।
संसाधनों की कमी से जूझ रहा धौरहरा अग्निशमन केंद्र
धौरहरा। धौरहरा अग्निशमन केंद्र इन दिनों संसाधनों और कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। स्थिति यह है कि जहां केंद्र पर कुल 26 कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए, वहां मात्र छह कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इनमें भी एक कर्मचारी जिला मुख्यालय से संबद्ध है, इससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। केंद्र पर प्रभारी की तैनाती न होने के कारण चालक को ही प्रभारी की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। इससे प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ आपात स्थिति में व्यवस्था संभालना भी चुनौती बन गया है। उपकरणों और वाहनों की भी यहां भारी कमी है। नियमानुसार, यहां पांच हजार लीटर क्षमता के दो वाटर टैंकर, दो वाटर मिस्ट वाहन और दो चालकों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केंद्र पर केवल एक फायर टैंकर, एक एंबुलेंस (रेस्क्यू कार्य के लिए) और एक पोर्टेबल पंप ही उपलब्ध है। संवाद
26 में से 19 पद रिक्त, कैसे बुझेगी आग
निघासन। अग्निशमन विभाग में कुल 26 स्वीकृत पद हैं, लेकिन इनमें से केवल सात पदों पर ही तैनाती है, जबकि 19 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। कर्मचारियों की कमी का असर आग जैसी आपात स्थितियों में राहत कार्यों पर पड़ सकता है। फायर स्टेशन ऑफिसर, फायर स्टेशन सेकंड ऑफिसर और लीडिंग फायरमैन के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनपर कोई तैनाती नहीं है। चालक के दो पदों के सापेक्ष केवल एक चालक ही कार्यरत है। 16 फायरमैन के पदों के मुकाबले सिर्फ पांच फायरमैन ही तैनात हैं। फॉलोवर के दो पदों में से एक पर ही कर्मचारी कार्यरत है। मोबाइल बाइक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। संवाद
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शहर में इन जगहों पर लगे हैं हाईड्रेंट
शहर में पुलिस लाइन, महिला थाने के समीप, ईओ आवास के पास, विलोबी मेमोरियल हाॅल, जीआईसी, थरवरनगंज, मेन रोड कपूर दुकान के समीप, मेला मैदान में दो अलग-अलग जगहों पर हाईड्रेंट लगे हैं। वहीं, लोहिया के पास के अलावा नौरंगाबाद पर लगाया गया है।
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वर्जन
-रिक्त पदों पर भर्ती के लिए हर माह शासन को रिपोर्ट भेजी जाती है। जैसे ही शासन से भर्तियां होगी, तैनात किया जाएगा। विभाग आगजनी की घटना को संजीदा से लेते हुए त्वरित मदद भेजता है। विभाग के पास फायर बाइक हैं, जो पतले से पतले मार्गों पर आसानी के साथ जा सकती हैं। इस वाहन में छोटी घटनाओं पर काबू पाने के पर्याप्त इंतजाम हैं।
-अक्षय रंजन, अग्निशमन अधिकारी
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लखीमपुर खीरी।
गर्मी की दस्तक के साथ आगजनी की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। आग बुझाने वाला महकमा खुद ही कमियों की आग में झुलस रहा है। यहां अग्निशमन विभाग में फायरमैन और चालकों के कई पद खाली हैं, दमकल गाड़ियां तय मानक के अनुरूप पूरी नहीं हैं। खासकर संकरी गलियों में पहुंचने वाली छोटी गाड़ियां आधी भी उपलब्ध नहीं है। आधे से भी कम स्टाफ और सीमित संसाधनों के सहारे 45 लाख की आबादी वाले जिले की अग्निशमन व्यवस्था कितनी बेबस है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
सबसे ज्यादा दिक्कतें ग्रामीण इलाकों में होने वाली घटनाओं के दौरान होती हैं। हालांकि दमकल गाड़ियों में पानी की व्यवस्था के लिए हाईड्रेंट के इंतजाम कुछ हद तक ठीक हैं। शहर में अकेले 14 जगहों पर हाईड्रेंट बने हुए हैं। इसमें से एक चालू हालत में नहीं है, बाकी 13 चल रहे हैं। संवाद
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पालिका के रैन बसेरे में चल रहा केंद्र
मोहम्मदी।
गोला मोहम्मदी रोड पर चल रहे अग्निशमन केंद्र नगर पालिका के रैन बसेरा में चल रहा है। यहां पर एक हवलदार, दो सिपाही, एक फायर चालक और एक प्रभारी सहित पांच लोग हैं। जबकि प्रभारी और उप प्रभारी, दो हवलदार, दो चालक, 16 सिपाही, दो खाना बनाने के लिए कुक, एक स्वीपर की तैनाती होनी चाहिए। आग बुझाने के लिए एक-एक मशीन थी, लेकिन करीब दो तीन माह से एक छोटी मशीन है।
संसाधनों की कमी से जूझ रहा धौरहरा अग्निशमन केंद्र
धौरहरा। धौरहरा अग्निशमन केंद्र इन दिनों संसाधनों और कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। स्थिति यह है कि जहां केंद्र पर कुल 26 कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए, वहां मात्र छह कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इनमें भी एक कर्मचारी जिला मुख्यालय से संबद्ध है, इससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। केंद्र पर प्रभारी की तैनाती न होने के कारण चालक को ही प्रभारी की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। इससे प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ आपात स्थिति में व्यवस्था संभालना भी चुनौती बन गया है। उपकरणों और वाहनों की भी यहां भारी कमी है। नियमानुसार, यहां पांच हजार लीटर क्षमता के दो वाटर टैंकर, दो वाटर मिस्ट वाहन और दो चालकों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केंद्र पर केवल एक फायर टैंकर, एक एंबुलेंस (रेस्क्यू कार्य के लिए) और एक पोर्टेबल पंप ही उपलब्ध है। संवाद
26 में से 19 पद रिक्त, कैसे बुझेगी आग
निघासन। अग्निशमन विभाग में कुल 26 स्वीकृत पद हैं, लेकिन इनमें से केवल सात पदों पर ही तैनाती है, जबकि 19 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। कर्मचारियों की कमी का असर आग जैसी आपात स्थितियों में राहत कार्यों पर पड़ सकता है। फायर स्टेशन ऑफिसर, फायर स्टेशन सेकंड ऑफिसर और लीडिंग फायरमैन के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनपर कोई तैनाती नहीं है। चालक के दो पदों के सापेक्ष केवल एक चालक ही कार्यरत है। 16 फायरमैन के पदों के मुकाबले सिर्फ पांच फायरमैन ही तैनात हैं। फॉलोवर के दो पदों में से एक पर ही कर्मचारी कार्यरत है। मोबाइल बाइक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। संवाद
शहर में इन जगहों पर लगे हैं हाईड्रेंट
शहर में पुलिस लाइन, महिला थाने के समीप, ईओ आवास के पास, विलोबी मेमोरियल हाॅल, जीआईसी, थरवरनगंज, मेन रोड कपूर दुकान के समीप, मेला मैदान में दो अलग-अलग जगहों पर हाईड्रेंट लगे हैं। वहीं, लोहिया के पास के अलावा नौरंगाबाद पर लगाया गया है।
वर्जन
-रिक्त पदों पर भर्ती के लिए हर माह शासन को रिपोर्ट भेजी जाती है। जैसे ही शासन से भर्तियां होगी, तैनात किया जाएगा। विभाग आगजनी की घटना को संजीदा से लेते हुए त्वरित मदद भेजता है। विभाग के पास फायर बाइक हैं, जो पतले से पतले मार्गों पर आसानी के साथ जा सकती हैं। इस वाहन में छोटी घटनाओं पर काबू पाने के पर्याप्त इंतजाम हैं।
-अक्षय रंजन, अग्निशमन अधिकारी