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Lakhimpur Kheri News: नेपाल चुनाव के कारण गौरीफंटा बॉर्डर 72 घंटे के लिए किया सील
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 03 Mar 2026 11:00 PM IST
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भारत-नेपाल सीमा पर फंसे नेपाली नागरिक। स्रोत : सोशल मीडिया
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गौरीफंटा/धनगढ़ी। नेपाल में पांच मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा के मतदान को लेकर सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सोमवार मध्य रात्रि 12:00 बजे से भारत नेपाल सीमा को 72 घंटों के लिए पूरी तरह सील कर दिया गया है।
मंगलवार को सुबह से ही बॉर्डर पर सन्नाटा पसरा रहा और आवागमन पूरी तरह ठप रहा। सीमा बंदी के पहले ही दिन मंगलवार सुबह भारतीय महानगरों से काम कर लौट रहे करीब 25 नेपाली नागरिकों को एसएसबी ने गौरीफंटा बॉर्डर पर रोक लिया। इनमें कुछ मरीज और उनके तीमारदार भी शामिल थे। सीमा पार न कर पाने के कारण यह लोग कई घंटों तक बॉर्डर पर ही फंसे रहे। बाद में कैलाली जिला प्रशासन और एसएसबी के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद मानवीय आधार पर उन्हें नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी गई। कैलाली के जिला सूचना अधिकारी शिवराज जोशी ने बताया कि चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक में 72 घंटे की सीमा बंदी पर सहमति बनी थी। प्रशासन के आदेशानुसार यह पाबंदी दो मार्च सोमवार रात 12:00 बजे से लागू हो चुकी है। यह पाबंदी पांच मार्च को मतदान समाप्ति के बाद रात 12:00 बजे तक जारी रहेगी।
इस दौरान गौरीफंटा बॉर्डर से यात्री वाहनों और आम लोगों के आने जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि आपातकालीन सेवाओं को राहत देते हुए एंबुलेंस, दमकल, शव वाहन, पेट्रोलियम टैंकर और अस्पताल सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट दी गई है। अब छह मार्च शुक्रवार की सुबह से ही बॉर्डर पर आवागमन दोबारा सामान्य हो सकेगा।
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मंगलवार को सुबह से ही बॉर्डर पर सन्नाटा पसरा रहा और आवागमन पूरी तरह ठप रहा। सीमा बंदी के पहले ही दिन मंगलवार सुबह भारतीय महानगरों से काम कर लौट रहे करीब 25 नेपाली नागरिकों को एसएसबी ने गौरीफंटा बॉर्डर पर रोक लिया। इनमें कुछ मरीज और उनके तीमारदार भी शामिल थे। सीमा पार न कर पाने के कारण यह लोग कई घंटों तक बॉर्डर पर ही फंसे रहे। बाद में कैलाली जिला प्रशासन और एसएसबी के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद मानवीय आधार पर उन्हें नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी गई। कैलाली के जिला सूचना अधिकारी शिवराज जोशी ने बताया कि चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक में 72 घंटे की सीमा बंदी पर सहमति बनी थी। प्रशासन के आदेशानुसार यह पाबंदी दो मार्च सोमवार रात 12:00 बजे से लागू हो चुकी है। यह पाबंदी पांच मार्च को मतदान समाप्ति के बाद रात 12:00 बजे तक जारी रहेगी।
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इस दौरान गौरीफंटा बॉर्डर से यात्री वाहनों और आम लोगों के आने जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि आपातकालीन सेवाओं को राहत देते हुए एंबुलेंस, दमकल, शव वाहन, पेट्रोलियम टैंकर और अस्पताल सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट दी गई है। अब छह मार्च शुक्रवार की सुबह से ही बॉर्डर पर आवागमन दोबारा सामान्य हो सकेगा।
