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Lakhimpur Kheri News: अधिकांश किसान नाखुश, मछली व पशु पालन के लिए कुछ राहत
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 01 Feb 2026 11:30 PM IST
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अमनदीप सिंह संधू
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लखीमपुर खीरी। बजट को लेकर जनपद के किसानों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हैं। कोई इसे अच्छा बात रहा तो कोई निराशाजनक। वैसे अधिकांश किसान बजट से खुश नहीं है लेकिन मछली व पशु पालन से जुड़े किसानों ने इस बजट का स्वागत किया है।
किसानों का कहना है कि बड़े दावों के बावजूद बजट में न तो कोई नई घोषणा की गई और न ही पुराने वादों का पालन दिखाई दिया। हां, केसीसी की सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने से किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को सस्ता ऋण मिलेगा। मौजूदा समय में जनपद में पौने चार सौ से अधिक अमृत सरोवर हैं। बजट के बाद अब सरोवरों की संख्या में और इजाफा होगा।
किसानों के लिए किसान सम्मान निधि की 6,000 सालाना राशि को ही दोहराया गया है लेकिन बीते कई वर्षों में इस राशि में कोई वृद्धि नहीं की गई, जबकि इसी अवधि में खाद, बीज, डीजल और बिजली की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। खाद्यान्न और दैनिक उपभोग की वस्तुएं लगातार महंगी हुई हैं। कृषि लागत कई गुना बढ़ चुकी है।
अमनदीप सिंह संधू, राष्ट्रीय अध्यक्ष भाकियू
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केंद्रीय बजट में किसानों को निराश किया गया है। केंद्र सरकार के एजेंडे में किसान और मजदूरों के विकास का कोई लक्ष्य नहीं है। ऐसे में किसानों को कर्ज से उत्थान के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया।
-अंजनी कुमार दीक्षित, जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन
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बजट को लेकर जो उम्मीदें की गई थीं, उन पर यह पूरी तरह खरा नहीं उतरता। किसानों को जीएसटी मुक्त कृषि यंत्र कृषि लागत को कम करने के लिए सुविधाएं और सब्सिडी की उम्मीदाें पर पानी फिर गया है।
-हरिपाल सिंह, किसान
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किसानों का कहना है कि बड़े दावों के बावजूद बजट में न तो कोई नई घोषणा की गई और न ही पुराने वादों का पालन दिखाई दिया। हां, केसीसी की सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने से किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को सस्ता ऋण मिलेगा। मौजूदा समय में जनपद में पौने चार सौ से अधिक अमृत सरोवर हैं। बजट के बाद अब सरोवरों की संख्या में और इजाफा होगा।
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किसानों के लिए किसान सम्मान निधि की 6,000 सालाना राशि को ही दोहराया गया है लेकिन बीते कई वर्षों में इस राशि में कोई वृद्धि नहीं की गई, जबकि इसी अवधि में खाद, बीज, डीजल और बिजली की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। खाद्यान्न और दैनिक उपभोग की वस्तुएं लगातार महंगी हुई हैं। कृषि लागत कई गुना बढ़ चुकी है।
अमनदीप सिंह संधू, राष्ट्रीय अध्यक्ष भाकियू
केंद्रीय बजट में किसानों को निराश किया गया है। केंद्र सरकार के एजेंडे में किसान और मजदूरों के विकास का कोई लक्ष्य नहीं है। ऐसे में किसानों को कर्ज से उत्थान के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया।
-अंजनी कुमार दीक्षित, जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन
बजट को लेकर जो उम्मीदें की गई थीं, उन पर यह पूरी तरह खरा नहीं उतरता। किसानों को जीएसटी मुक्त कृषि यंत्र कृषि लागत को कम करने के लिए सुविधाएं और सब्सिडी की उम्मीदाें पर पानी फिर गया है।
-हरिपाल सिंह, किसान

अमनदीप सिंह संधू
