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Lakhimpur Kheri News: मानसून की पहली बारिश में ही जवाब दे गए रास्ते
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ग्राम देवरी में बीचो-बीच सड़क पर भरा गंदा पानी छाया। संवाद
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लखीमपुर खीरी/पलियाकलां। बरसात शुरू होते ही जिले के दो प्रमुख मार्गों पर जलभराव से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पलियाकलां क्षेत्र में मझौरा-इमलिया फार्म मार्ग पर पानी भरने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो रहा है, जबकि देवरी गांव में टेढ़ेनाथ जाने वाले मार्ग पर गंदा पानी भरने से श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
शारदा पुल के आगे मझौरा से इमलिया फार्म को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर बरसात का पानी भर गया है। यह मार्ग इमलिया फार्म, जगन्नाथ टांडा, जंगल नंबर सात, जमुना सपू टांडा, कुंवरपुर, बजेडा, धूसर और सूरजपुर समेत दर्जनों गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी हल्की बारिश में ही यह स्थिति है। यदि बाढ़ आई तो मार्ग पूरी तरह बंद हो जाएगा। ऐसे में लोगों को मनमीत नगर स्कूल और बरम बाबा मार्ग से होकर करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
उधर, सावन से पहले देवरी गांव में टेढ़ेनाथ शिव मंदिर जाने वाला मार्ग भी बदहाल है। श्यामलाल के मकान के पास सड़क पर गंदा पानी भरा है। चुरईपुरवा, जानुकीनगर ग्रंट, ढाका, रावन खुर्द और शिवपुरी समेत आसपास के गांवों के श्रद्धालु इसी रास्ते से मंदिर जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र पंचायत ने नालियां तो बनवा दीं, लेकिन सड़क अब भी गड्ढायुक्त है। बरसात में सड़क तालाब जैसी हो जाती है और नाली का पानी भी सड़क पर बहता रहता है।
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ग्रामीणों ने दोनों मार्गों की मरम्मत कर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
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शारदा पुल के आगे मझौरा से इमलिया फार्म को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर बरसात का पानी भर गया है। यह मार्ग इमलिया फार्म, जगन्नाथ टांडा, जंगल नंबर सात, जमुना सपू टांडा, कुंवरपुर, बजेडा, धूसर और सूरजपुर समेत दर्जनों गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी हल्की बारिश में ही यह स्थिति है। यदि बाढ़ आई तो मार्ग पूरी तरह बंद हो जाएगा। ऐसे में लोगों को मनमीत नगर स्कूल और बरम बाबा मार्ग से होकर करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
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उधर, सावन से पहले देवरी गांव में टेढ़ेनाथ शिव मंदिर जाने वाला मार्ग भी बदहाल है। श्यामलाल के मकान के पास सड़क पर गंदा पानी भरा है। चुरईपुरवा, जानुकीनगर ग्रंट, ढाका, रावन खुर्द और शिवपुरी समेत आसपास के गांवों के श्रद्धालु इसी रास्ते से मंदिर जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र पंचायत ने नालियां तो बनवा दीं, लेकिन सड़क अब भी गड्ढायुक्त है। बरसात में सड़क तालाब जैसी हो जाती है और नाली का पानी भी सड़क पर बहता रहता है।
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ग्रामीणों ने दोनों मार्गों की मरम्मत कर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।

ग्राम देवरी में बीचो-बीच सड़क पर भरा गंदा पानी छाया। संवाद