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Lakhimpur Kheri News: खुले नालों पर सिस्टम की आंखें बंद
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:20 PM IST
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मोहल्ला नई बस्ती में बिना पुलिया पर रेलिंग के खुला बउ़ा और गहरा नाला। संवाद
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लखीमपुर खीरी। शहर में खुले नाले अब सीधे जानलेवा खतरे में बदल चुके हैं। डीसी रोड, नहर पटरी और नई बस्ती जैसे इलाकों में बिना ढक्कन और बिना चेतावनी खुले पड़े नाले रोज हादसों को न्योता दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी आंखें मूंदे बैठा है।
बृहस्पतिवार को पड़ताल में शहर के कई ऐसे नाले सामने आए, जहां पलक झपकते ही बरेली जैसा हादसा हो सकता है। शहर की डीसी रोड, नई बस्ती, मुक्तिधाम, आवास विकास नहर पटरी और मेला रोड जैसे इलाकों में बड़े नाले बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुले पड़े हैं। इन स्थानों पर कई बार स्कूटी और बाइक सवार गिरकर घायल हो चुके हैं, वहीं पैदल राहगीर भी हादसों का शिकार बने हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में लगता है कि प्रशासन को बरेली जैसे हादसे का इंतजार है।
नहर पटरी पर भारी आवागमन के बीच कई बार सवारियों से भरे ई-रिक्शा पलट चुके हैं। डीसी रोड पर भी अक्सर वाहन सवार नाले में गिरते हैं। रोजाना हजारों लोग इन मार्गों से गुजरते हैं और हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
जल्द स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए टीम आने वाली है, लेकिन शहर में नालों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। कई जगह नालों पर स्लैब नहीं डाले गए हैं और जहां डाले गए थे, वे भी टूट चुके हैं। हर वर्ष इन नालों पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद समस्या बनी हुई है।
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अस्पताल रोड नई बस्ती का मुख्य नाला : अस्पताल रोड से मोहल्ला नई बस्ती में जाने वाले रास्ते पर बड़ा नाला है। इस पर स्लैब तो पड़ा है, लेकिन पुलिया नहीं बनी है, जिससे बाइक सवारों के गिरने का खतरा बना रहता है।
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डीसी रोड का नाला : सौजन्या चौक से डीएम बंगले की ओर जाने वाले रास्ते पर बड़ा नाला पूरी तरह खुला है। इस पर लोहे का जाल डाला जा सकता है, लेकिन कई जगह यह टूटकर और फैल चुका है। यहां आए दिन लोग और जानवर गिरते हैं।
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मुक्तिधाम के पास सड़क बनी खतरा : घोसियाना मार्ग पर मुक्तिधाम के सामने पुलिया के पास सड़क खतरनाक है। फुटपाथ नहीं होने से सड़क ऊंची हो गई है और बगल में नहर है। जरा सी चूक पर वाहन नहर में गिर सकता है।
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सेठघाट रोड : मेला रोड से सेठघाट जाने वाले रास्ते पर पुलिया के पास नाला खुला और काफी गहरा है। थोड़ी सी असावधानी में वाहन सीधे नाले में गिर सकता है।
खुले नालों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार वाहन समेत लोग नहर में गिर चुके हैं। नगर पालिका से कई बार लोहे के जाल लगाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
-अंबुज गुप्ता, समाजसेवी, निवासी नहर पटरी क्षेत्र
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डीसी मार्ग पर आए दिन दोपहिया वाहन चालक नाले में गिरकर घायल हो रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद नालों को ढकने की मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
-मनीष तिवारी, समाजसेवी
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कई बार मांग हुई है, इसके लिए प्रस्ताव बनाया गया है। जल्द ही स्लैब और लोहे के जाल डलवाने की प्रक्रिया की जाएगी। कुछ जगहों पर पत्थर टूट गए हैं, वहां पत्थर डाले जाने का आदेश दिया जा चुका है।
-डॉ. इरा श्रीवास्तव, पालिका अध्यक्ष लखीमपुर
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बृहस्पतिवार को पड़ताल में शहर के कई ऐसे नाले सामने आए, जहां पलक झपकते ही बरेली जैसा हादसा हो सकता है। शहर की डीसी रोड, नई बस्ती, मुक्तिधाम, आवास विकास नहर पटरी और मेला रोड जैसे इलाकों में बड़े नाले बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुले पड़े हैं। इन स्थानों पर कई बार स्कूटी और बाइक सवार गिरकर घायल हो चुके हैं, वहीं पैदल राहगीर भी हादसों का शिकार बने हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में लगता है कि प्रशासन को बरेली जैसे हादसे का इंतजार है।
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नहर पटरी पर भारी आवागमन के बीच कई बार सवारियों से भरे ई-रिक्शा पलट चुके हैं। डीसी रोड पर भी अक्सर वाहन सवार नाले में गिरते हैं। रोजाना हजारों लोग इन मार्गों से गुजरते हैं और हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
जल्द स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए टीम आने वाली है, लेकिन शहर में नालों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। कई जगह नालों पर स्लैब नहीं डाले गए हैं और जहां डाले गए थे, वे भी टूट चुके हैं। हर वर्ष इन नालों पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद समस्या बनी हुई है।
अस्पताल रोड नई बस्ती का मुख्य नाला : अस्पताल रोड से मोहल्ला नई बस्ती में जाने वाले रास्ते पर बड़ा नाला है। इस पर स्लैब तो पड़ा है, लेकिन पुलिया नहीं बनी है, जिससे बाइक सवारों के गिरने का खतरा बना रहता है।
डीसी रोड का नाला : सौजन्या चौक से डीएम बंगले की ओर जाने वाले रास्ते पर बड़ा नाला पूरी तरह खुला है। इस पर लोहे का जाल डाला जा सकता है, लेकिन कई जगह यह टूटकर और फैल चुका है। यहां आए दिन लोग और जानवर गिरते हैं।
मुक्तिधाम के पास सड़क बनी खतरा : घोसियाना मार्ग पर मुक्तिधाम के सामने पुलिया के पास सड़क खतरनाक है। फुटपाथ नहीं होने से सड़क ऊंची हो गई है और बगल में नहर है। जरा सी चूक पर वाहन नहर में गिर सकता है।
सेठघाट रोड : मेला रोड से सेठघाट जाने वाले रास्ते पर पुलिया के पास नाला खुला और काफी गहरा है। थोड़ी सी असावधानी में वाहन सीधे नाले में गिर सकता है।
खुले नालों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार वाहन समेत लोग नहर में गिर चुके हैं। नगर पालिका से कई बार लोहे के जाल लगाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
-अंबुज गुप्ता, समाजसेवी, निवासी नहर पटरी क्षेत्र
डीसी मार्ग पर आए दिन दोपहिया वाहन चालक नाले में गिरकर घायल हो रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद नालों को ढकने की मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
-मनीष तिवारी, समाजसेवी
कई बार मांग हुई है, इसके लिए प्रस्ताव बनाया गया है। जल्द ही स्लैब और लोहे के जाल डलवाने की प्रक्रिया की जाएगी। कुछ जगहों पर पत्थर टूट गए हैं, वहां पत्थर डाले जाने का आदेश दिया जा चुका है।
-डॉ. इरा श्रीवास्तव, पालिका अध्यक्ष लखीमपुर

मोहल्ला नई बस्ती में बिना पुलिया पर रेलिंग के खुला बउ़ा और गहरा नाला। संवाद

मोहल्ला नई बस्ती में बिना पुलिया पर रेलिंग के खुला बउ़ा और गहरा नाला। संवाद

मोहल्ला नई बस्ती में बिना पुलिया पर रेलिंग के खुला बउ़ा और गहरा नाला। संवाद