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Lalitpur News: शिकायतें निपटाने के दावे फेल, हर तीसरा फरियादी नाराज
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मार्च महीने में 3021 पीड़ितों से लिया गया था फीडबैक, 982 शिकायतकर्ता असंतुष्ट पाए गए
डीएम ने संबंधित विभागों को पत्र किया जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में शिकायतों के निस्तारण को लेकर विभागों के दावे सवालों के घेरे में आ गए हैं। मार्च महीने में लिए गए फीडबैक में बड़ी संख्या में फरियादियों ने निस्तारण पर असंतोष जताया है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) के तहत दर्ज शिकायतों के निस्तारण के बाद शासन स्तर से रेंडम फीडबैक लिया गया। मार्च में कुल 3021 शिकायतकर्ताओं से बातचीत की गई, जिनमें से 982 ने निस्तारण को असंतोषजनक बताया। यह आंकड़ा करीब 30 प्रतिशत है।
शिकायतें जनसुनवाई पोर्टल, मुख्यमंत्री कॉल सेंटर समेत विभिन्न माध्यमों से संबंधित विभागों को भेजी जाती हैं। विभागीय अधिकारी जांच के बाद निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड करते हैं। इसके बाद शासन स्तर पर शिकायतकर्ताओं से सीधे फीडबैक लेकर गुणवत्ता की जांच की जाती है।
फीडबैक में सामने आए असंतोष के बाद जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने सभी विभागों को पत्र जारी कर जवाबदेही तय की है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में पर्यवेक्षण अधिकारियों द्वारा निस्तारण के दौरान निर्धारित नौ बिंदुओं पर आख्या अपलोड नहीं की जा रही है, जिससे नकारात्मक फीडबैक बढ़ रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।फीडबैक का स्तरवार विवरण
जनपद स्तर : 1933 में से 586 असंतुष्ट
तहसील स्तर : 430 में से 183 असंतुष्ट
विकास खंड स्तर : 565 में से 173 असंतुष्ट
नगर पालिका/नगर पंचायत : 93 में से 40 असंतुष्ट
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डीएम ने संबंधित विभागों को पत्र किया जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में शिकायतों के निस्तारण को लेकर विभागों के दावे सवालों के घेरे में आ गए हैं। मार्च महीने में लिए गए फीडबैक में बड़ी संख्या में फरियादियों ने निस्तारण पर असंतोष जताया है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) के तहत दर्ज शिकायतों के निस्तारण के बाद शासन स्तर से रेंडम फीडबैक लिया गया। मार्च में कुल 3021 शिकायतकर्ताओं से बातचीत की गई, जिनमें से 982 ने निस्तारण को असंतोषजनक बताया। यह आंकड़ा करीब 30 प्रतिशत है।
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शिकायतें जनसुनवाई पोर्टल, मुख्यमंत्री कॉल सेंटर समेत विभिन्न माध्यमों से संबंधित विभागों को भेजी जाती हैं। विभागीय अधिकारी जांच के बाद निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड करते हैं। इसके बाद शासन स्तर पर शिकायतकर्ताओं से सीधे फीडबैक लेकर गुणवत्ता की जांच की जाती है।
फीडबैक में सामने आए असंतोष के बाद जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने सभी विभागों को पत्र जारी कर जवाबदेही तय की है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में पर्यवेक्षण अधिकारियों द्वारा निस्तारण के दौरान निर्धारित नौ बिंदुओं पर आख्या अपलोड नहीं की जा रही है, जिससे नकारात्मक फीडबैक बढ़ रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।फीडबैक का स्तरवार विवरण
जनपद स्तर : 1933 में से 586 असंतुष्ट
तहसील स्तर : 430 में से 183 असंतुष्ट
विकास खंड स्तर : 565 में से 173 असंतुष्ट
नगर पालिका/नगर पंचायत : 93 में से 40 असंतुष्ट