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Lalitpur News: नीलकंठेश्वर मंदिर में पेयजल और सड़क की समस्या से जूझ रहे श्रद्धालु
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संवाद न्यूज एजेंसी
पाली। सावन के पवित्र तीसरे सोमवार को श्री नीलकंठेश्वर महादेव की नगरी भक्तिभाव में डूब गई। सोमवार को भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए।
दूर-दराज से आए कावड़ियों के जत्थे भोले के जयकारों के साथ मंदिर पहुंचे। श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कंधे पर कावड़, हाथ में धर्म ध्वजा और माथे पर तिलक-त्रिपुंड लगाए शिवभक्त नंगे पांव लंबी दूरी तय कर यहां पहुंचे। कई भक्तों के पांव में छाले पड़ गए, लेकिन भक्ति का उत्साह कम नहीं हुआ। बैंड-बाजा और डीजे की धुनों पर थिरकते हुए कांवड़िये हर-हर महादेव और बम-बम भोले के नारों के साथ मंदिर पहुंचे। महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर मंगल गायन किया, तो युवाओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य कर माहौल शिवमय कर दिया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से बाबा का गंगाजल और दूध से अभिषेक किया। मंदिर परिसर में पंडितों द्वारा तिलक और त्रिपुंड लगवाकर भक्त शांति का अनुभव कर रहे थे।
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भीड़ के चलते बदला गया रूट
भगवान भोलेनाथ के दर्शन को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर को जाने वाली सिंगल सड़क पर पैदल और वाहनों की भारी आवाजाही थी। भीड़ को देखते हुए पाली पुलिस ने नगर पंचायत के साथ मिलकर रूट डायवर्ट किया। इसके तहत मुख्य सड़क केवल कांवड़ियों व पैदल श्रद्धालुओं के लिए खोली गई। अन्य वाहनों को मंदिर तक जाने के लिए नंदवानी बगीचा से बड़ी भवानी मंदिर के रास्ते भेजा गया। वापसी के लिए शनि देव मंदिर से होकर राजगढ़ मार्ग की सड़क को पाली से जोड़ा गया।
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उखड़ी गिट्टी से कावड़ियों को परेशानी
सोमवार को कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को मंदिर तक पैदल जाने में परेशानी हुई। बारिश के कारण नीलकंठेश्वर मार्ग पर जगह-जगह गिट्टी उखड़ गई, जो श्रद्धालुओं के पैरों में चुभ रही थी। लोगों ने प्रशासन से सड़क की मरम्मत और गिट्टी साफ कराने की मांग की है।
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लाखों का वाटर कूलर खराब, पेयजल के लिए भटके श्रद्धालु
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए कुछ वर्ष पहले लगाया गया लाखों का वाटर कूलर कई समय से खराब पड़ा है। साथ ही सौर पैनल से चलने वाली पानी की टंकी भी बंद है। गर्मी और भीड़ के बीच दर्शन को आए भक्तों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ा। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से खराब वाटर कूलर और टंकी को जल्द ठीक कराने की मांग की है।
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पाली। सावन के पवित्र तीसरे सोमवार को श्री नीलकंठेश्वर महादेव की नगरी भक्तिभाव में डूब गई। सोमवार को भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए।
दूर-दराज से आए कावड़ियों के जत्थे भोले के जयकारों के साथ मंदिर पहुंचे। श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कंधे पर कावड़, हाथ में धर्म ध्वजा और माथे पर तिलक-त्रिपुंड लगाए शिवभक्त नंगे पांव लंबी दूरी तय कर यहां पहुंचे। कई भक्तों के पांव में छाले पड़ गए, लेकिन भक्ति का उत्साह कम नहीं हुआ। बैंड-बाजा और डीजे की धुनों पर थिरकते हुए कांवड़िये हर-हर महादेव और बम-बम भोले के नारों के साथ मंदिर पहुंचे। महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर मंगल गायन किया, तो युवाओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य कर माहौल शिवमय कर दिया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से बाबा का गंगाजल और दूध से अभिषेक किया। मंदिर परिसर में पंडितों द्वारा तिलक और त्रिपुंड लगवाकर भक्त शांति का अनुभव कर रहे थे।
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भीड़ के चलते बदला गया रूट
भगवान भोलेनाथ के दर्शन को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर को जाने वाली सिंगल सड़क पर पैदल और वाहनों की भारी आवाजाही थी। भीड़ को देखते हुए पाली पुलिस ने नगर पंचायत के साथ मिलकर रूट डायवर्ट किया। इसके तहत मुख्य सड़क केवल कांवड़ियों व पैदल श्रद्धालुओं के लिए खोली गई। अन्य वाहनों को मंदिर तक जाने के लिए नंदवानी बगीचा से बड़ी भवानी मंदिर के रास्ते भेजा गया। वापसी के लिए शनि देव मंदिर से होकर राजगढ़ मार्ग की सड़क को पाली से जोड़ा गया।
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उखड़ी गिट्टी से कावड़ियों को परेशानी
सोमवार को कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को मंदिर तक पैदल जाने में परेशानी हुई। बारिश के कारण नीलकंठेश्वर मार्ग पर जगह-जगह गिट्टी उखड़ गई, जो श्रद्धालुओं के पैरों में चुभ रही थी। लोगों ने प्रशासन से सड़क की मरम्मत और गिट्टी साफ कराने की मांग की है।
लाखों का वाटर कूलर खराब, पेयजल के लिए भटके श्रद्धालु
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए कुछ वर्ष पहले लगाया गया लाखों का वाटर कूलर कई समय से खराब पड़ा है। साथ ही सौर पैनल से चलने वाली पानी की टंकी भी बंद है। गर्मी और भीड़ के बीच दर्शन को आए भक्तों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ा। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से खराब वाटर कूलर और टंकी को जल्द ठीक कराने की मांग की है।