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Lalitpur News: पॉली व लिक्विड क्लोरीन के उपयोग से पानी की गुणवत्ता में होगा सुधार

Tue, 18 Aug 2026 01:17 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 01:17 AM IST
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Water quality will improve with the use of poly and liquid chlorine.
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। शहर में पेयजल आपूर्ति के पानी की गुणवत्ता में जल्द ही अधिक सुधार होगा। पानी के बैक्टीरिया को मारने के लिए लिक्विड क्लोरीन का प्रयोग किया जाएगा। इसके प्लांट स्थापित करने के लिए भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। मशीनों के स्थापित होते ही प्लांट क्रियाशील हो जाएगा। इससे पानी अधिक शुद्ध हो सकेगा।
नगरपालिका क्षेत्र में जल संस्थान लगभग पेयजल आपूर्ति से वंचित 23665 परिवारों को पानी देने के लिए कार्य कर रहा है। इसमें कुछ परिवारों को टेस्टिंग के अंतर्गत पानी मिलने लगा है। कई क्षेत्रों में कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। इस तरह से कुल लगभग 1.98 लाख की आबादी को पानी की आपूर्ति की जाएगी। अब जल निगम ने पानी की गुणवत्ता को सुधार कर शुद्ध पानी देने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जल संस्थान के डोड़ाघाट स्थित परिसर में क्लोरीन हाउस का निर्माण किया जा रहा है। इसके 50 फीसदी से ज्यादा भवन का निर्माण हो चुका है।
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इसमें क्लोरीन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसमें टनल लगाया जा रहा है, जिससे लिक्विड क्लोरीन क्षमता के अनुसार पानी में मिलाई जाएगी। इससे पानी के बैक्टीरिया पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे। लोगों को साफ पानी मिलेगा।
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फैक्ट फाइल

- 34 एमएलडी पानी बांध से ले रहे।
- दो टन एलम का उपयोग एक दिन में।
- 31 हजार नल कनेक्शन।
- 1.53 लाख लाभान्वित आबादी।
- पांच जलशोधन संयंत्र।
- पांच स्वच्छ जलाशय।
- 11 ओवर हेड टैंक।
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एलम की जगह लेगा पॉली एल्युमीनियम क्लोराइड
जलशोधन संयंत्रों में अब तक पारंपरिक फिटकरी (एलम) का प्रयोग किया जाता है। साथ ही ब्लीचिंग डाली जाती है। लेकिन, अब पानी को साफ करने के लिए एलम नहीं डाला जाएगा। इसकी जगह अब पॉली एल्युमीनियम क्लोराइड (पीएसी) का प्रयोग किया जाएगा। यह एलम की अपेक्षा पानी साफ करने में अधिक प्रभावी है। इससे पानी की गंदगी कम हो जाएगी।
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पानी में रहते हैं बैक्टीरिया
मेडिकल कॉलेज के सर्जन डॉ. विशाल जैन ने बताया कि पानी में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए क्लोरीन मिलाई जाती है। क्लोरीन न मिलाने पर बैक्टीरिया पानी में मौजूद रहते हैं। यह लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस पानी को पीने से लीवर और किडनी प्रभावित हो सकती है। साथ ही, पीलिया व लीवर में सूजन की समस्या हो सकती है।

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डोड़ाघाट परिसर में क्लोरीन हाउस बनाया जा रहा है। इसके निर्माण के साथ ही क्लोरीन प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके संचालन से पानी की गुणवत्ता में अधिक सुधार आएगा।
- अवनीश मिश्रा, सहायक अभियंता, जल निगम
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पानी को साफ करने के लिए एलम की जगह पॉली का प्रयोग किया जाएगा। इसमें यह ऑटोमेटिक आवश्यकता के अनुसार मिल जाएगा। इससे पानी लगातार ही शुद्ध सप्लाई होगा।
- मुंशीलाल, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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