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नदियों के संरक्षण से ही हो सकता पर्यावरण संतुलन : डीएम
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- बंडई नदी के पुनर्जीवन के लिए जागरुकता यात्रा एवं जल संरक्षण गोष्ठी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर-मड़ावरा। गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत मड़ावरा ब्लॉक में ‘एक जनपद एक नदी’ के तहत चयनित बंडई नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन को लेकर जागरुकता कार्यक्रम किया गया। जिसके तहत बंडई नदी के पुनर्जीवन के लिए जनजागरुकता रैली निकाली गई। प्रतिभागियों ने नदी बचाओ-जीवन बचाओ जैसे नारों के साथ लोगों को जागरूक किया। यात्रा के दौरान लोगों को नदी में कचरा न डालने, जल संरक्षण करने तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
ब्लॉक प्रमुख चंद्रदीप रावत ने बताया कि नदियों का संरक्षण करने से पर्यावरण सुरक्षित होता है। ऐसे में हम सभी को जल संरक्षण की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। परियोजना अधिकारी जिला गंगा समिति केतन दुबे ने बंडई नदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत ही नहीं, बल्कि हमारे जीवन, कृषि और जैव विविधता की आधारशिला हैं। क्षेत्रीय वनाधिकारी अशोक यादव ने गर्मी के मौसम जंगलों में लगने वाली आग के रोकथाम हेतु लोगों को जागरूक किया l बुंदेलखंड सेवा संस्थान के सचिव बासुदेव सिंह ने बताया कि बंडई नदी को पुनर्जीवित करने के लिए जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है और इसके लिए निरंतर अभियान चलाए जाएंगे। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी हृदेश अहिरवार ने सभी प्रतिभागियों से अपने स्तर पर नदी संरक्षण के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान सभी ने गंगा और उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता के लिए शपथ भी ली।
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ललितपुर-मड़ावरा। गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत मड़ावरा ब्लॉक में ‘एक जनपद एक नदी’ के तहत चयनित बंडई नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन को लेकर जागरुकता कार्यक्रम किया गया। जिसके तहत बंडई नदी के पुनर्जीवन के लिए जनजागरुकता रैली निकाली गई। प्रतिभागियों ने नदी बचाओ-जीवन बचाओ जैसे नारों के साथ लोगों को जागरूक किया। यात्रा के दौरान लोगों को नदी में कचरा न डालने, जल संरक्षण करने तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
ब्लॉक प्रमुख चंद्रदीप रावत ने बताया कि नदियों का संरक्षण करने से पर्यावरण सुरक्षित होता है। ऐसे में हम सभी को जल संरक्षण की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। परियोजना अधिकारी जिला गंगा समिति केतन दुबे ने बंडई नदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत ही नहीं, बल्कि हमारे जीवन, कृषि और जैव विविधता की आधारशिला हैं। क्षेत्रीय वनाधिकारी अशोक यादव ने गर्मी के मौसम जंगलों में लगने वाली आग के रोकथाम हेतु लोगों को जागरूक किया l बुंदेलखंड सेवा संस्थान के सचिव बासुदेव सिंह ने बताया कि बंडई नदी को पुनर्जीवित करने के लिए जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है और इसके लिए निरंतर अभियान चलाए जाएंगे। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी हृदेश अहिरवार ने सभी प्रतिभागियों से अपने स्तर पर नदी संरक्षण के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान सभी ने गंगा और उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता के लिए शपथ भी ली।
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