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किसी भी स्तर पर शोषित और वंचितों का शोषण नहीं होगा बर्दाश्त, होगी कार्रवाई : बाल्मीकि
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सेंट्रल मॉनीटरिंग कमेटी के सदस्य राम सिंह बाल्मीकि ने कहा कि किसी भी स्तर पर शोषित और वंचितों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए कई योजनाओं का संचालन कर रही है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे समान रूप से इन योजनाओं से पात्रों को लाभान्वित कराएं। वह बुधवार को लोक निर्माण विभाग के सर्किट हाउस में एससी-एसटी के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।
मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने संयुक्त ज्ञापन देकर अवगत कराया कि उन्हें कई महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस पर सदस्य ने दूरभाष पर सीएमओ से वार्ता कर निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद कराने के लिए आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया है, जिसमें न्यूनतम 18 हजार मानदेय देने का प्रावधान है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन आउटसोर्स कर्मचारियों को भी नया टेंडर कराते हुए आउटसोर्सिंग सेवा निगम के प्रावधानों का लाभ दिलाया जाए और यह कार्यवाही करते हुए मुझे व्यक्तिगत रूप से अवगत कराए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति उत्पीड़न में आर्थिक सहायता के लंबित मामलों में शीघ्रता से कार्यवाही करते हुए भुगतान कराया जाए। इसके अलावा उन्होंने आवास, शौचालय, आयुष्मान, सामूहिक विवाह, शादी अनुदान, पारिवारिक लाभ, पेंशन, छात्रवृत्ति आदि योजनाओं में वंचित व शोषित वर्गों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इस दौरान विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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सीवर में डूबकर हुई मौत पर सरकार 30 लाख रुपये व एक नौकरी दे रही
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए सदस्य ने सीवर में डूबकर हुई मौतों की जानकारी ली, जिसमें बताया गया कि ऐसी कोई घटना जनपद में नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि यदि सीवर में डूबने से किसी की मृत्यु होती है तो सरकार द्वारा 30 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति और एक नौकरी का प्रावधान है, यदि ऐसी कोई भी घटना होती है तो हमें बताए, उस परिवार की पूरी मदद की जाएगी।
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...जो कर्मचारी काम नहीं कर रहे उनके स्थान पर जरूरतमंद को दें काम
महिलाओं ने नगर पालिका में कुछ कर्मचारियों पर अपने रिश्तेदारों को आउटसोर्सिंग में नाम चढ़ाकर बिना काम कराए सैलरी दिलाने का आरोप लगाया,जिस पर सदस्य ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा से कहा कि इस समस्या का निस्तारण कराना आवश्यक है, इसलिए कार्यदायी एजेंसी से कर्मचारियों की लिस्ट लेकर उनका स्थलीय सत्यापन कराए कि कौन-कौन कर्मचारी काम कर रहे हैं और कौन नहीं। जो कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं उन्हें हटाकर दूसरे जरूरतमंद लोगों को काम दिया जाए।
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मृतक आश्रितों दस साला का लाभ न देने पर जताई नाराजगी
पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं ने मृतक आश्रितों दस साला का लाभ न दिए जाने की शिकायत की, जिस पर सदस्य ने कहा कि विगत 8 माह पूर्व हुए निरीक्षण में भी इस समस्या के समाधान के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो सका, यह स्थिति अत्यंत खेदजनक है।
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ललितपुर। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सेंट्रल मॉनीटरिंग कमेटी के सदस्य राम सिंह बाल्मीकि ने कहा कि किसी भी स्तर पर शोषित और वंचितों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए कई योजनाओं का संचालन कर रही है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे समान रूप से इन योजनाओं से पात्रों को लाभान्वित कराएं। वह बुधवार को लोक निर्माण विभाग के सर्किट हाउस में एससी-एसटी के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।
मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने संयुक्त ज्ञापन देकर अवगत कराया कि उन्हें कई महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस पर सदस्य ने दूरभाष पर सीएमओ से वार्ता कर निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद कराने के लिए आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया है, जिसमें न्यूनतम 18 हजार मानदेय देने का प्रावधान है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन आउटसोर्स कर्मचारियों को भी नया टेंडर कराते हुए आउटसोर्सिंग सेवा निगम के प्रावधानों का लाभ दिलाया जाए और यह कार्यवाही करते हुए मुझे व्यक्तिगत रूप से अवगत कराए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति उत्पीड़न में आर्थिक सहायता के लंबित मामलों में शीघ्रता से कार्यवाही करते हुए भुगतान कराया जाए। इसके अलावा उन्होंने आवास, शौचालय, आयुष्मान, सामूहिक विवाह, शादी अनुदान, पारिवारिक लाभ, पेंशन, छात्रवृत्ति आदि योजनाओं में वंचित व शोषित वर्गों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इस दौरान विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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सीवर में डूबकर हुई मौत पर सरकार 30 लाख रुपये व एक नौकरी दे रही
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए सदस्य ने सीवर में डूबकर हुई मौतों की जानकारी ली, जिसमें बताया गया कि ऐसी कोई घटना जनपद में नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि यदि सीवर में डूबने से किसी की मृत्यु होती है तो सरकार द्वारा 30 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति और एक नौकरी का प्रावधान है, यदि ऐसी कोई भी घटना होती है तो हमें बताए, उस परिवार की पूरी मदद की जाएगी।
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...जो कर्मचारी काम नहीं कर रहे उनके स्थान पर जरूरतमंद को दें काम
महिलाओं ने नगर पालिका में कुछ कर्मचारियों पर अपने रिश्तेदारों को आउटसोर्सिंग में नाम चढ़ाकर बिना काम कराए सैलरी दिलाने का आरोप लगाया,जिस पर सदस्य ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा से कहा कि इस समस्या का निस्तारण कराना आवश्यक है, इसलिए कार्यदायी एजेंसी से कर्मचारियों की लिस्ट लेकर उनका स्थलीय सत्यापन कराए कि कौन-कौन कर्मचारी काम कर रहे हैं और कौन नहीं। जो कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं उन्हें हटाकर दूसरे जरूरतमंद लोगों को काम दिया जाए।
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मृतक आश्रितों दस साला का लाभ न देने पर जताई नाराजगी
पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं ने मृतक आश्रितों दस साला का लाभ न दिए जाने की शिकायत की, जिस पर सदस्य ने कहा कि विगत 8 माह पूर्व हुए निरीक्षण में भी इस समस्या के समाधान के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो सका, यह स्थिति अत्यंत खेदजनक है।