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Lalitpur News: डीजल-पेट्रोल संकट से जूझे किसान, पंपों पर लंबी कतारें
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थ्रेसर-ट्रैक्टर के लिए डीजल नहीं, दोपहर तक कई पंपों का स्टॉक खत्म
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। कुदरत की मार से परेशान किसानों को अब गेहूं की कटाई के लिए डीजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही किसानों और वाहन चालकों की लंबी कतारें लग गईं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई पंपों पर पेट्रोल दो लीटर और डीजल 10 से 20 लीटर तक सीमित कर दिया गया, लेकिन सुबह 11 बजे तक कई पंपों का डीजल स्टॉक खत्म हो गया। कई स्थानों पर पेट्रोल भी समाप्त होने की बात कहकर कर्मचारियों ने आपूर्ति बंद कर दी। इस दौरान किसानों और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई।
पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव का असर अब पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पर भी दिखने लगा है। बुधवार को पाली और मड़ावरा क्षेत्र से शुरू हुई किल्लत रात तक महरौनी, सदर और तालबेहट तक हो गई। बृहस्पतिवार सुबह शहर के कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ी। जानकारी के अनुसार झांसी डिपो से समय पर टैंकर न पहुंचने से संकट गहरा गया। सूत्रों के मुताबिक, ऑयल कंपनियों की ओर से न्यूनतम स्टॉक सीमा तय किए जाने के कारण पंप संचालक भी समय से डिमांड नहीं कर पा रहे हैं।
भीड़ संभालने पहुंची पुलिस, शाम तक खत्म हुआ डीजल
महरौनी, सिलावन और मड़ावरा क्षेत्र के करीब 13 पेट्रोल पंपों पर बुधवार रात से ही अफवाहों के चलते भीड़ बढ़ने लगी। किसान ट्रैक्टर और ड्रम लेकर पंपों पर पहुंच गए, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बन गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और अपने सामने डीजल-पेट्रोल का वितरण कराया। इसके बावजूद बृहस्पतिवार को कई पंपों का स्टॉक खत्म हो गया। लाइन में लगे किसानों ने बताया कि कटाई के समय डीजल न मिलने से थ्रेसर और अन्य मशीनें ठप हो गई हैं, जिससे फसल कटाई प्रभावित हो रही है।
कई पंपों पर ‘नो स्टॉक’, किसान भटकते रहे
तालबेहट और बांसी क्षेत्र में भी डीजल की किल्लत रही। कुछ पंपों पर दोपहर से ही डीजल मिलना बंद हो गया, जबकि पेट्रोल के लिए भी सीमित आपूर्ति की गई। किसान घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटते रहे। कई जगह लोग डिब्बों और कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल लेने के लिए लाइन में लगे दिखे।
आधार कार्ड के आधार पर दिया गया डीजल
बार कस्बे के एक पेट्रोल पंप पर टैंकर पहुंचने के बाद भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस की मौजूदगी में किसानों को आधार कार्ड के आधार पर प्रति व्यक्ति 20 लीटर डीजल दिया गया, जबकि बाइक चालकों को सीमित मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध कराया गया।
किसानों की पीड़ा
सुबह से लाइन में खड़ी हूं, लेकिन डीजल नहीं मिला। – पिंकी, कल्याणपुरा
थ्रेसर चलाने के लिए डीजल लेने आया था लेकिन खाली लौटना पड़ा। – घनश्याम, बांसी
गांव में नहीं मिला तो शहर आया, यहां भी निराशा हाथ लगी। – महेश, रायपुर
खेत के काम के लिए डीजल नहीं मिला, अब लौट रही हूं। – राजकुमारी, छिपाई
कालाबाजारी पर सख्ती, प्रशासन ने दिए निर्देश
फोटो-49, 50
डीजल-पेट्रोल की किल्लत के बीच जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। पंप संचालकों के साथ बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन अचानक मांग बढ़ने से समस्या उत्पन्न हुई है। जिलाधिकारी ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। निर्देश दिए गए हैं कि पेट्रोल केवल वाहनों में ही दिया जाएगा, जबकि कृषि कार्य के लिए सीमित मात्रा में डीजल आधार कार्ड के सत्यापन के बाद ही उपलब्ध कराया जाएगा।
सभी पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने और वितरण व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पुलिस को पंपों पर तैनात कर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है, ताकि अवैध भंडारण और तस्करी पर रोक लगाई जा सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। कुदरत की मार से परेशान किसानों को अब गेहूं की कटाई के लिए डीजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही किसानों और वाहन चालकों की लंबी कतारें लग गईं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई पंपों पर पेट्रोल दो लीटर और डीजल 10 से 20 लीटर तक सीमित कर दिया गया, लेकिन सुबह 11 बजे तक कई पंपों का डीजल स्टॉक खत्म हो गया। कई स्थानों पर पेट्रोल भी समाप्त होने की बात कहकर कर्मचारियों ने आपूर्ति बंद कर दी। इस दौरान किसानों और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई।
पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव का असर अब पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पर भी दिखने लगा है। बुधवार को पाली और मड़ावरा क्षेत्र से शुरू हुई किल्लत रात तक महरौनी, सदर और तालबेहट तक हो गई। बृहस्पतिवार सुबह शहर के कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ी। जानकारी के अनुसार झांसी डिपो से समय पर टैंकर न पहुंचने से संकट गहरा गया। सूत्रों के मुताबिक, ऑयल कंपनियों की ओर से न्यूनतम स्टॉक सीमा तय किए जाने के कारण पंप संचालक भी समय से डिमांड नहीं कर पा रहे हैं।
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भीड़ संभालने पहुंची पुलिस, शाम तक खत्म हुआ डीजल
महरौनी, सिलावन और मड़ावरा क्षेत्र के करीब 13 पेट्रोल पंपों पर बुधवार रात से ही अफवाहों के चलते भीड़ बढ़ने लगी। किसान ट्रैक्टर और ड्रम लेकर पंपों पर पहुंच गए, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बन गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और अपने सामने डीजल-पेट्रोल का वितरण कराया। इसके बावजूद बृहस्पतिवार को कई पंपों का स्टॉक खत्म हो गया। लाइन में लगे किसानों ने बताया कि कटाई के समय डीजल न मिलने से थ्रेसर और अन्य मशीनें ठप हो गई हैं, जिससे फसल कटाई प्रभावित हो रही है।
कई पंपों पर ‘नो स्टॉक’, किसान भटकते रहे
तालबेहट और बांसी क्षेत्र में भी डीजल की किल्लत रही। कुछ पंपों पर दोपहर से ही डीजल मिलना बंद हो गया, जबकि पेट्रोल के लिए भी सीमित आपूर्ति की गई। किसान घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटते रहे। कई जगह लोग डिब्बों और कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल लेने के लिए लाइन में लगे दिखे।
आधार कार्ड के आधार पर दिया गया डीजल
बार कस्बे के एक पेट्रोल पंप पर टैंकर पहुंचने के बाद भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस की मौजूदगी में किसानों को आधार कार्ड के आधार पर प्रति व्यक्ति 20 लीटर डीजल दिया गया, जबकि बाइक चालकों को सीमित मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध कराया गया।
किसानों की पीड़ा
सुबह से लाइन में खड़ी हूं, लेकिन डीजल नहीं मिला। – पिंकी, कल्याणपुरा
थ्रेसर चलाने के लिए डीजल लेने आया था लेकिन खाली लौटना पड़ा। – घनश्याम, बांसी
गांव में नहीं मिला तो शहर आया, यहां भी निराशा हाथ लगी। – महेश, रायपुर
खेत के काम के लिए डीजल नहीं मिला, अब लौट रही हूं। – राजकुमारी, छिपाई
कालाबाजारी पर सख्ती, प्रशासन ने दिए निर्देश
फोटो-49, 50
डीजल-पेट्रोल की किल्लत के बीच जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। पंप संचालकों के साथ बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन अचानक मांग बढ़ने से समस्या उत्पन्न हुई है। जिलाधिकारी ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। निर्देश दिए गए हैं कि पेट्रोल केवल वाहनों में ही दिया जाएगा, जबकि कृषि कार्य के लिए सीमित मात्रा में डीजल आधार कार्ड के सत्यापन के बाद ही उपलब्ध कराया जाएगा।
सभी पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने और वितरण व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पुलिस को पंपों पर तैनात कर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है, ताकि अवैध भंडारण और तस्करी पर रोक लगाई जा सके।