{"_id":"6982318a3269f05421035885","slug":"father-son-and-mother-in-law-daughter-in-law-sentenced-to-12-years-imprisonment-for-cultivating-cannabis-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-151027-2026-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: गांजे की खेती करने में पिता-पुत्र व सास-बहू को 12 वर्ष का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: गांजे की खेती करने में पिता-पुत्र व सास-बहू को 12 वर्ष का कारावास
विज्ञापन
विज्ञापन
- न्यायालय ने 1.20-1.20 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। थाना नाराहट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोंगराखुर्द में गांजे की खेती करने और तीन क्विंटल से अधिक गांजा पकड़े जाने के सात वर्ष पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट की अदालत ने पिता-पुत्र व सास-बहू को दोष सिद्ध पाते हुए बारह-बारह वर्ष की सजा और 4.80 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना नाराहट प्रभारी महेश चंद्र गौतम ने नौ वर्ष पहले 11 दिसंबर 2017 को थाना नाराहट में तहरीर देकर बताया था कि ग्राम डोंगरा में गांजा की खेती होने की सूचना मिलने पर वह उसी दिन थाने के सिपाहियों के साथ गांव जाने के लिए रवाना हुए और वह पुलिसकर्मियों के साथ राजेंद्र सिंह उर्फ पतले राजा के खेत पर पहुंचे, जहां खेत में लगी बारी के अंदर गांजे के कटे पेड़ाें के चार ढेरों पर दो महिलाएं व दो पुरुष बैठे दिखाई दिए। जिस पर वह छिपते छिपाते पास में पहुंचे तो पुलिस को देखकर गांजे के ढेर पर बैठे दोनों पुरुष भाग गए। अन्य दो ढेरों पर बैठी महिलाओं को वहीं रोककर पूछताछ की तो एक महिला ने अपना नाम बरखेरावारी पत्नी नंदू कुशवाहा और दूसरी महिला ने अपना नाम चंदा पत्नी मिंटू कुशवाहा निवासी ग्राम डोंगराखुर्द बताया। महिलाओं ने बताया था कि वह यहां अपने गांजा के ढेरों पर बैठी थीं। पुलिस को देखकर उन दोनों के पति वहां से भाग गए। उन्होंने बताया कि यह खेत उनके गांव के राजेंद्र सिंह उर्फ पतले राजा का है, जिसे वह लोग बटाई पर लिए थीं। कांटा मंगाकर गांजे के ढेरों की तौल कराई गई तो बरखेराबारी के कब्जे से बरामद गांजा 70 किलोग्राम, चंदा के कब्जे के 75 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जबकि नंदू कुशवाहा के बताए गए ढेर में 85 किलोग्राम और मिट्ठू कुशवाहा के बताए गए ढेर में 75 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। नाराहट पुलिस ने दोनों महिलाओं समेत चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली और दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया था। जबकि बाद में दोनों व्यक्तियों को भी गिरफ्तार कर लिया था। नाराहट पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश कर दिए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। अब न्यायाधीश ने इस मामले में बीते शनिवार को दोनों महिलाओं समेत चारों आरोपियों को गांजा बरामदी के मामले में दोष सिद्ध करार देते हुए सजा के बिंदु पर मंगलवार की तारीख नियत कर दी थी। अब इस मामले में न्यायालय द्वारा मंगलवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए दोनों महिलाओं समेत चारों आरोपियों को बारह-बारह वर्ष के कारावास और 1.20-1.20 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
-- -- -- -- -- -
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया ने बताया कि दोनों महिलाएं सास-बहू हैं और वह अपने-अपने पतियों, जो पिता-पुत्र हैं, के साथ मिलकर गांव में ही बटाई पर खेत लेकर गांजा की खेती कर रही थीं। दोषी करार देने के बाद सभी चारों दोषियों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। इस प्रकरण में पूर्व में कारावास में बिताई गई अवधि दोष सिद्ध की सजा में समायोजित करने का आदेश भी न्यायालय ने दिया है।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। थाना नाराहट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोंगराखुर्द में गांजे की खेती करने और तीन क्विंटल से अधिक गांजा पकड़े जाने के सात वर्ष पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट की अदालत ने पिता-पुत्र व सास-बहू को दोष सिद्ध पाते हुए बारह-बारह वर्ष की सजा और 4.80 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना नाराहट प्रभारी महेश चंद्र गौतम ने नौ वर्ष पहले 11 दिसंबर 2017 को थाना नाराहट में तहरीर देकर बताया था कि ग्राम डोंगरा में गांजा की खेती होने की सूचना मिलने पर वह उसी दिन थाने के सिपाहियों के साथ गांव जाने के लिए रवाना हुए और वह पुलिसकर्मियों के साथ राजेंद्र सिंह उर्फ पतले राजा के खेत पर पहुंचे, जहां खेत में लगी बारी के अंदर गांजे के कटे पेड़ाें के चार ढेरों पर दो महिलाएं व दो पुरुष बैठे दिखाई दिए। जिस पर वह छिपते छिपाते पास में पहुंचे तो पुलिस को देखकर गांजे के ढेर पर बैठे दोनों पुरुष भाग गए। अन्य दो ढेरों पर बैठी महिलाओं को वहीं रोककर पूछताछ की तो एक महिला ने अपना नाम बरखेरावारी पत्नी नंदू कुशवाहा और दूसरी महिला ने अपना नाम चंदा पत्नी मिंटू कुशवाहा निवासी ग्राम डोंगराखुर्द बताया। महिलाओं ने बताया था कि वह यहां अपने गांजा के ढेरों पर बैठी थीं। पुलिस को देखकर उन दोनों के पति वहां से भाग गए। उन्होंने बताया कि यह खेत उनके गांव के राजेंद्र सिंह उर्फ पतले राजा का है, जिसे वह लोग बटाई पर लिए थीं। कांटा मंगाकर गांजे के ढेरों की तौल कराई गई तो बरखेराबारी के कब्जे से बरामद गांजा 70 किलोग्राम, चंदा के कब्जे के 75 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जबकि नंदू कुशवाहा के बताए गए ढेर में 85 किलोग्राम और मिट्ठू कुशवाहा के बताए गए ढेर में 75 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। नाराहट पुलिस ने दोनों महिलाओं समेत चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली और दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया था। जबकि बाद में दोनों व्यक्तियों को भी गिरफ्तार कर लिया था। नाराहट पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश कर दिए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। अब न्यायाधीश ने इस मामले में बीते शनिवार को दोनों महिलाओं समेत चारों आरोपियों को गांजा बरामदी के मामले में दोष सिद्ध करार देते हुए सजा के बिंदु पर मंगलवार की तारीख नियत कर दी थी। अब इस मामले में न्यायालय द्वारा मंगलवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए दोनों महिलाओं समेत चारों आरोपियों को बारह-बारह वर्ष के कारावास और 1.20-1.20 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया ने बताया कि दोनों महिलाएं सास-बहू हैं और वह अपने-अपने पतियों, जो पिता-पुत्र हैं, के साथ मिलकर गांव में ही बटाई पर खेत लेकर गांजा की खेती कर रही थीं। दोषी करार देने के बाद सभी चारों दोषियों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। इस प्रकरण में पूर्व में कारावास में बिताई गई अवधि दोष सिद्ध की सजा में समायोजित करने का आदेश भी न्यायालय ने दिया है।
