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होमगार्ड भर्ती फर्जीवाड़ा : आरोपी के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पुलिस लाइन में होमगार्ड भर्ती के दस्तावेज सत्यापन (डीवी) और शारीरिक मानक परीक्षण (पीएसटी) के दौरान फर्जी दस्तावेजों के सहारे भर्ती में शामिल होने का प्रयास करने वाले अभ्यर्थी के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार कराए और इस पूरे मामले में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह तो शामिल नहीं था। उधर, भर्ती प्रक्रिया के अंतिम दिन शुक्रवार को डीवी/पीएसटी के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।
होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम 28 जून को घोषित होने के बाद पुलिस लाइन भर्ती केंद्र में 13 जुलाई से दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसमें विभिन्न जनपदों के सफल अभ्यर्थी शामिल हो रहे थे। चार अगस्त को दस्तावेज सत्यापन के दौरान कानपुर नगर के थाना चकेरी क्षेत्र के देहली सुजानपुर निवासी बृजेश कुमार के बायोमेट्रिक सत्यापन में गड़बड़ी सामने आई थी। जांच में उसके पास दो अलग-अलग जन्मतिथियों वाले दो आधार कार्ड और दो हाईस्कूल प्रमाणपत्र मिले थे। पूछताछ में उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की बात स्वीकार की थी। इसके बाद प्रभारी (डीवी/पीएसटी) उपनिरीक्षक फारूक अहमद की तहरीर पर कोतवाली सदर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया था।
अब पुलिस आरोपी के अन्य दस्तावेजों और उसकी पृष्ठभूमि की भी जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कराने में किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका तो नहीं है। भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद शुक्रवार को डीवी/पीएसटी के दौरान प्रत्येक अभ्यर्थी के दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया गया। बायोमेट्रिक सत्यापन भी अतिरिक्त सावधानी के साथ कराया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
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कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ललितपुर। पुलिस लाइन में होमगार्ड भर्ती के दस्तावेज सत्यापन (डीवी) और शारीरिक मानक परीक्षण (पीएसटी) के दौरान फर्जी दस्तावेजों के सहारे भर्ती में शामिल होने का प्रयास करने वाले अभ्यर्थी के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार कराए और इस पूरे मामले में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह तो शामिल नहीं था। उधर, भर्ती प्रक्रिया के अंतिम दिन शुक्रवार को डीवी/पीएसटी के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।
होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम 28 जून को घोषित होने के बाद पुलिस लाइन भर्ती केंद्र में 13 जुलाई से दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसमें विभिन्न जनपदों के सफल अभ्यर्थी शामिल हो रहे थे। चार अगस्त को दस्तावेज सत्यापन के दौरान कानपुर नगर के थाना चकेरी क्षेत्र के देहली सुजानपुर निवासी बृजेश कुमार के बायोमेट्रिक सत्यापन में गड़बड़ी सामने आई थी। जांच में उसके पास दो अलग-अलग जन्मतिथियों वाले दो आधार कार्ड और दो हाईस्कूल प्रमाणपत्र मिले थे। पूछताछ में उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की बात स्वीकार की थी। इसके बाद प्रभारी (डीवी/पीएसटी) उपनिरीक्षक फारूक अहमद की तहरीर पर कोतवाली सदर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया था।
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अब पुलिस आरोपी के अन्य दस्तावेजों और उसकी पृष्ठभूमि की भी जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कराने में किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका तो नहीं है। भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद शुक्रवार को डीवी/पीएसटी के दौरान प्रत्येक अभ्यर्थी के दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया गया। बायोमेट्रिक सत्यापन भी अतिरिक्त सावधानी के साथ कराया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
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कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।