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बंदी मौत प्रकरण : 12 घंटे की पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुए पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला कारागार में बंद सजायाफ्ता बंदी नंदू कुशवाहा की मौत के बाद अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने उसकी पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू को 12 घंटे की पैरोल मंजूर की। बृहस्पतिवार दोपहर तीनों को पुलिस सुरक्षा में जेल से बाहर लाकर गांव डोंगराखुर्द पहुंचाया गया, जहां उन्होंने अंतिम संस्कार में भाग लिया।
थाना नाराहट क्षेत्र के ग्राम डोंगराखुर्द निवासी 63 वर्षीय नंदू कुशवाहा एनडीपीएस एक्ट के मामले में पत्नी बरखेराबाई, पुत्र मिठ्ठू और पुत्रवधू चंदा के साथ 12-12 वर्ष की सजा काट रहा था। बुधवार सुबह उसने पेट दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की। जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
नंदू की मौत की सूचना मिलते ही जेल में बंद उसकी पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू फूट-फूटकर रो पड़े। जेल प्रशासन ने तीनों को बैरक से निकालकर परिसर में एक साथ बैठाया, जहां वे एक-दूसरे से गले लगकर विलाप करते रहे। प्रभारी जेल अधीक्षक प्रशांत उपाध्याय ने बताया कि तीनों बंदियों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जिला मजिस्ट्रेट सत्यप्रकाश से पैरोल देने का अनुरोध किया था।
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जिला मजिस्ट्रेट ने आवेदन पर विचार करते हुए तीनों को 12 घंटे की पैरोल मंजूर कर दी। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोपहर करीब 2:14 बजे उन्हें जेल से रिहा किया गया। इसके बाद सिविल पुलिस उन्हें सुरक्षा के बीच ग्राम डोंगराखुर्द लेकर पहुंची।
गांव में मृतक के पुत्र मिठ्ठू ने अन्य परिजनों के साथ अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। वहीं पत्नी बरखेराबाई और पुत्रवधू चंदा घर पर रहकर विलाप करती रहीं। परिवार की महिलाएं और ग्रामीण उन्हें ढांढस बंधाते रहे।
प्रभारी जेल अधीक्षक प्रशांत उपाध्याय ने बताया कि पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार देर रात तीनों बंदियों को दोबारा जिला कारागार लाया जाएगा।
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हार्ट अटैक से हुई थी बंदी की मौत
सजायाफ्ता बंदी नंदू कुशवाहा की मौत के कारणों की पुष्टि के लिए चिकित्सकीय पैनल की मौजूदगी और वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक पाया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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ललितपुर। जिला कारागार में बंद सजायाफ्ता बंदी नंदू कुशवाहा की मौत के बाद अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने उसकी पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू को 12 घंटे की पैरोल मंजूर की। बृहस्पतिवार दोपहर तीनों को पुलिस सुरक्षा में जेल से बाहर लाकर गांव डोंगराखुर्द पहुंचाया गया, जहां उन्होंने अंतिम संस्कार में भाग लिया।
थाना नाराहट क्षेत्र के ग्राम डोंगराखुर्द निवासी 63 वर्षीय नंदू कुशवाहा एनडीपीएस एक्ट के मामले में पत्नी बरखेराबाई, पुत्र मिठ्ठू और पुत्रवधू चंदा के साथ 12-12 वर्ष की सजा काट रहा था। बुधवार सुबह उसने पेट दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की। जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
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नंदू की मौत की सूचना मिलते ही जेल में बंद उसकी पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू फूट-फूटकर रो पड़े। जेल प्रशासन ने तीनों को बैरक से निकालकर परिसर में एक साथ बैठाया, जहां वे एक-दूसरे से गले लगकर विलाप करते रहे। प्रभारी जेल अधीक्षक प्रशांत उपाध्याय ने बताया कि तीनों बंदियों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जिला मजिस्ट्रेट सत्यप्रकाश से पैरोल देने का अनुरोध किया था।
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जिला मजिस्ट्रेट ने आवेदन पर विचार करते हुए तीनों को 12 घंटे की पैरोल मंजूर कर दी। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोपहर करीब 2:14 बजे उन्हें जेल से रिहा किया गया। इसके बाद सिविल पुलिस उन्हें सुरक्षा के बीच ग्राम डोंगराखुर्द लेकर पहुंची।
गांव में मृतक के पुत्र मिठ्ठू ने अन्य परिजनों के साथ अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। वहीं पत्नी बरखेराबाई और पुत्रवधू चंदा घर पर रहकर विलाप करती रहीं। परिवार की महिलाएं और ग्रामीण उन्हें ढांढस बंधाते रहे।
प्रभारी जेल अधीक्षक प्रशांत उपाध्याय ने बताया कि पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार देर रात तीनों बंदियों को दोबारा जिला कारागार लाया जाएगा।
हार्ट अटैक से हुई थी बंदी की मौत
सजायाफ्ता बंदी नंदू कुशवाहा की मौत के कारणों की पुष्टि के लिए चिकित्सकीय पैनल की मौजूदगी और वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक पाया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।