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Lalitpur News: नेहरू महाविद्यालय में 6 अगस्त से दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय में युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा से परिचित कराने के लिए ‘भारतीय ज्ञान परंपरा में महर्षि वेदव्यास का योगदान’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी छह अगस्त से आयोजित होगी। बृहस्पतिवार को इस संबंध में महाविद्यालय की प्रशासनिक बैठक में तैयारियों पर चर्चा हुई।
प्राचार्य प्रो.ओम प्रकाश शास्त्री ने कहा कि वर्तमान में युवा पीढ़ी भारतीय ज्ञान परंपरा को विस्मृत करती जा रही है। ऐसे समय में युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा एवं उसमें निहित आचार-विचार, संस्कार और नैतिक मूल्यों से परिचित कराने के उद्देश्य से दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन महाविद्यालय के संस्कृत सभागार में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि दिनांक 6 अगस्त को महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो. शिव शंकर मिश्र राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ करेंगे। इसमें ’भारतीय ज्ञान परंपरा में महर्षि वेदव्यास का योगदान’ विषय पर देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्वान आचार्य प्रतिभाग करते हुए अपने विचार एवं शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। सात अगस्त को अखिल भारतीय साहित्य परिषद, उत्तर प्रदेश के महामंत्री डॉ. महेश पांडेय ‘बजरंग’ समापन समारोह में मुख्य वक्ता होंगे एवं देश के विभिन्न प्रदेशों के विद्वान प्रतिभाग कर उक्त विषय पर विचार रखेंगे। बैठक में प्रो. आशा साहू, प्रो.अनिल सूर्यवंशी, हिमांश धर द्विवेदी, जितेंद्र कुमार, डाॅ. हरीश चंद्र दीक्षित, डॉ. सुधाकर उपाध्याय, डॉ. दीपक पाठक, फहीम बख्श आदि उपस्थित रहे।
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ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय में युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा से परिचित कराने के लिए ‘भारतीय ज्ञान परंपरा में महर्षि वेदव्यास का योगदान’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी छह अगस्त से आयोजित होगी। बृहस्पतिवार को इस संबंध में महाविद्यालय की प्रशासनिक बैठक में तैयारियों पर चर्चा हुई।
प्राचार्य प्रो.ओम प्रकाश शास्त्री ने कहा कि वर्तमान में युवा पीढ़ी भारतीय ज्ञान परंपरा को विस्मृत करती जा रही है। ऐसे समय में युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा एवं उसमें निहित आचार-विचार, संस्कार और नैतिक मूल्यों से परिचित कराने के उद्देश्य से दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन महाविद्यालय के संस्कृत सभागार में किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि दिनांक 6 अगस्त को महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो. शिव शंकर मिश्र राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ करेंगे। इसमें ’भारतीय ज्ञान परंपरा में महर्षि वेदव्यास का योगदान’ विषय पर देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्वान आचार्य प्रतिभाग करते हुए अपने विचार एवं शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। सात अगस्त को अखिल भारतीय साहित्य परिषद, उत्तर प्रदेश के महामंत्री डॉ. महेश पांडेय ‘बजरंग’ समापन समारोह में मुख्य वक्ता होंगे एवं देश के विभिन्न प्रदेशों के विद्वान प्रतिभाग कर उक्त विषय पर विचार रखेंगे। बैठक में प्रो. आशा साहू, प्रो.अनिल सूर्यवंशी, हिमांश धर द्विवेदी, जितेंद्र कुमार, डाॅ. हरीश चंद्र दीक्षित, डॉ. सुधाकर उपाध्याय, डॉ. दीपक पाठक, फहीम बख्श आदि उपस्थित रहे।
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