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Lalitpur: अटल आवासीय विद्यालय में बच्चों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला जारी, सात भेजे गए जिला अस्पताल
Fri, 17 Jul 2026 10:35 AM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Published by: दीपक महाजन
Updated Fri, 17 Jul 2026 10:35 AM IST
सार
बृहस्पतिवार को दोपहर का भोजन करने के बाद 46 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। मौके पर पहुंची चिकित्सकों की टीम उपचार में जुट गई थी। करीब 300 बच्चों की जांच भी कराई गई थी लेकिन शुक्रवार सुबह फिर कुछ बच्चों की हालत बिगड़ गई।
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बच्चे को ले जाते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जाखलौन के धौर्रा स्थित अटल आवासीय विद्यालय में शुक्रवार की सुबह फूड प्वाइजनिंग के चलते सात और बच्चों की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल के लिए भेजा गया। वहीं, तीन बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें ललितपुर मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया गया है।
बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में बच्चे फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए थे। मौके पर पहुंची चिकित्सकों की टीम उपचार में जुट गई थी। मौके पर सीएमओ, जिलाधिकारी, मंत्री मनोहर लाल समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों का हाल जानने के लिए विद्यालय पहुंची थी। विद्यालय में मौजूद करीब 300 विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच (स्क्रीनिंग) कराई गई। एहतियात के तौर पर रातभर निगरानी के लिए चिकित्सकों की टीमें भी विद्यालय में तैनात की गई थी। वाइस प्रिंसिपल हीरालाल कुशवाहा ने बताया 30 बच्चे डिस्चार्ज हो रहे हैं। जिनको विद्यालय भेजा जाएगा। अगर इनके परिजन ले जाने की जिद करेंगे तो उनको उनके परिजन के साथ भेज दिया जाएगा। विद्यालय में डॉक्टरों की टीम की देखरेख में बच्चों की देखभाल होती रहेगी।
बताया जा रहा बृहस्पतिवार को दोपहर का भोजन करने के बाद 46 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम विद्यालय पहुंची और प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसके बाद तीन एंबुलेंस से बच्चों को मेडिकल कॉलेज भेजकर भर्ती कराया गया। श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ और जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर बच्चों का हालचाल जाना। उधर, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विद्यालय पहुंचकर भोजन और खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। धौर्रा स्थित मंडलीय अटल आवासीय विद्यालय में फिलहाल कक्षा छह से 11 तक 845 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। कक्षा 11 की पढ़ाई शुरू नहीं होने के कारण बृहस्पतिवार को 707 विद्यार्थी विद्यालय में मौजूद थे। दोपहर करीब 1:40 बजे मध्यावकाश के दौरान बच्चों ने कढ़ी, चावल, सब्जी और रोटी खाई। बच्चों के अनुसार खाना खाने के करीब 45 मिनट बाद कई विद्यार्थियों को चक्कर आने, नींद महसूस होने, पेट और गले में दर्द, उल्टी तथा दस्त की शिकायत होने लगी थी।
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इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गजेंद्र सिंह का कहना है कि सभी बच्चों की हालत में सुधार हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच में फूड प्वाइजनिंग के बजाय डिहाइड्रेशन की स्थिति सामने आई है। मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. विशाल जैन ने बताया कि सूचना मिलते ही वार्ड की साफ-सफाई, कूलर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से कर ली गई थीं, जिससे बच्चों का उपचार तुरंत शुरू किया जा सका।
बच्चों को अस्पताल ले जाती स्वास्थ्य विभाग की टीम...
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बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में बच्चे फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए थे। मौके पर पहुंची चिकित्सकों की टीम उपचार में जुट गई थी। मौके पर सीएमओ, जिलाधिकारी, मंत्री मनोहर लाल समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों का हाल जानने के लिए विद्यालय पहुंची थी। विद्यालय में मौजूद करीब 300 विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच (स्क्रीनिंग) कराई गई। एहतियात के तौर पर रातभर निगरानी के लिए चिकित्सकों की टीमें भी विद्यालय में तैनात की गई थी। वाइस प्रिंसिपल हीरालाल कुशवाहा ने बताया 30 बच्चे डिस्चार्ज हो रहे हैं। जिनको विद्यालय भेजा जाएगा। अगर इनके परिजन ले जाने की जिद करेंगे तो उनको उनके परिजन के साथ भेज दिया जाएगा। विद्यालय में डॉक्टरों की टीम की देखरेख में बच्चों की देखभाल होती रहेगी।
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बताया जा रहा बृहस्पतिवार को दोपहर का भोजन करने के बाद 46 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम विद्यालय पहुंची और प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसके बाद तीन एंबुलेंस से बच्चों को मेडिकल कॉलेज भेजकर भर्ती कराया गया। श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ और जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर बच्चों का हालचाल जाना। उधर, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विद्यालय पहुंचकर भोजन और खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। धौर्रा स्थित मंडलीय अटल आवासीय विद्यालय में फिलहाल कक्षा छह से 11 तक 845 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। कक्षा 11 की पढ़ाई शुरू नहीं होने के कारण बृहस्पतिवार को 707 विद्यार्थी विद्यालय में मौजूद थे। दोपहर करीब 1:40 बजे मध्यावकाश के दौरान बच्चों ने कढ़ी, चावल, सब्जी और रोटी खाई। बच्चों के अनुसार खाना खाने के करीब 45 मिनट बाद कई विद्यार्थियों को चक्कर आने, नींद महसूस होने, पेट और गले में दर्द, उल्टी तथा दस्त की शिकायत होने लगी थी।
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इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गजेंद्र सिंह का कहना है कि सभी बच्चों की हालत में सुधार हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच में फूड प्वाइजनिंग के बजाय डिहाइड्रेशन की स्थिति सामने आई है। मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. विशाल जैन ने बताया कि सूचना मिलते ही वार्ड की साफ-सफाई, कूलर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से कर ली गई थीं, जिससे बच्चों का उपचार तुरंत शुरू किया जा सका।
बच्चों को अस्पताल ले जाती स्वास्थ्य विभाग की टीम...