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Lalitpur News: मारपीट व छेड़खानी के मामले में जमानत की तीन याचिकाएं खारिज
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) विकास कुमार की अदालत ने मारपीट और छेड़खानी के मामले में जमानत की तीन याचिकाएं खारिज कर दीं। ऐसे में आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम बम्हौरीकलां निवासी राजेश अहिरवार ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि 21 मार्च 2025 को वह मुकदमे में गवाही देने के लिए न्यायालय आया था। दोपहर 12.40 बजे वह लघुशंका करने गया तो गैलरी में आरोपी ग्राम बम्हौरीकलां निवासी रामकेश लोधी ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी व धमकी दी। घटना को वकीलों व वादकारियों ने देखा और सीसीटीवी फुटेज में भी देखा जा सकता है। इस पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लिया था। इस मामले में आरोपी रामकेश लोधी ने जमानत के लिए याचिका दायर की थी। आरोपों को झूठा व रंजिशन फंसाने की बात कही। न्यायाधीश ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
वहीं कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने सात माह पहले थाने में तहरीर देकर बताया था कि पांच जून 2025 को रात्रि एक बजे जब वह अपने घर में सो रही थी, तभी वहां रवि कुमार उर्फ रग्गा कुशवाहा आया और छेड़छाड़ करने लगा। शोर सुनकर लोगों के आने पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। थाना बार पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
तीसरा मामला कोतवाली महरौनी क्षेत्र का है। ग्राम सुकाड़ी निवासी हल्लू पुत्र खुमान ने छह माह पूर्व कोतवाली महरौनी में तहरीर देकर बताया था कि 16 जुलाई 2025 को अपराह्न तीन बजे वह अपने पतरूआ वाले खेत पर था। उसी समय गांव के ही जयपाल सिंह व प्रदुम्न बिना वजह गालियां दीं और पिटाई कर दी। साथ ही रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में न्यायालय ने आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया ने बताया कि घर में घुसकर महिला से हाथापाई कर छेड़छाड़ करने और न्यायालय परिसर में ही गवाही देने आए वादी से मारपीट एवं खेत पर किसान से मारपीट करने के मामले को अदालत ने गंभीरता से लिया है।
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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) विकास कुमार की अदालत ने मारपीट और छेड़खानी के मामले में जमानत की तीन याचिकाएं खारिज कर दीं। ऐसे में आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम बम्हौरीकलां निवासी राजेश अहिरवार ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि 21 मार्च 2025 को वह मुकदमे में गवाही देने के लिए न्यायालय आया था। दोपहर 12.40 बजे वह लघुशंका करने गया तो गैलरी में आरोपी ग्राम बम्हौरीकलां निवासी रामकेश लोधी ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी व धमकी दी। घटना को वकीलों व वादकारियों ने देखा और सीसीटीवी फुटेज में भी देखा जा सकता है। इस पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लिया था। इस मामले में आरोपी रामकेश लोधी ने जमानत के लिए याचिका दायर की थी। आरोपों को झूठा व रंजिशन फंसाने की बात कही। न्यायाधीश ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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वहीं कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने सात माह पहले थाने में तहरीर देकर बताया था कि पांच जून 2025 को रात्रि एक बजे जब वह अपने घर में सो रही थी, तभी वहां रवि कुमार उर्फ रग्गा कुशवाहा आया और छेड़छाड़ करने लगा। शोर सुनकर लोगों के आने पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। थाना बार पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
तीसरा मामला कोतवाली महरौनी क्षेत्र का है। ग्राम सुकाड़ी निवासी हल्लू पुत्र खुमान ने छह माह पूर्व कोतवाली महरौनी में तहरीर देकर बताया था कि 16 जुलाई 2025 को अपराह्न तीन बजे वह अपने पतरूआ वाले खेत पर था। उसी समय गांव के ही जयपाल सिंह व प्रदुम्न बिना वजह गालियां दीं और पिटाई कर दी। साथ ही रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में न्यायालय ने आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया ने बताया कि घर में घुसकर महिला से हाथापाई कर छेड़छाड़ करने और न्यायालय परिसर में ही गवाही देने आए वादी से मारपीट एवं खेत पर किसान से मारपीट करने के मामले को अदालत ने गंभीरता से लिया है।
