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Maharajganj News: शिक्षकों 21 सूत्रीय मांगों के समर्थन में डीआईओएस कार्यालय पर दिया धरना
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महराजगंज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले बुधवार को शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन कर अपनी 21 सूत्रीय मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। धरने के दौरान शिक्षकों ने सरकार से लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने कहा कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का राजकीयकरण किया जाए, पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए तथा शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और स्थानांतरण से जुड़ी विसंगतियों को दूर किया जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए सभी कार्यालयों में ई-फाइलिंग लागू करने, तीन दिन के भीतर फाइलों का निस्तारण सुनिश्चित करने तथा राज्य शिक्षा आयोग की स्थापना की भी मांग उठाई।
शिक्षक संघ ने स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों को सेवा सुरक्षा, कर्मचारी भविष्य निधि का लाभ, जीपीएफ और एनपीएस से जुड़े मामलों का ऑनलाइन निस्तारण, वर्ष 2014 से नियुक्त शिक्षकों की सामूहिक बीमा कटौती पुनः शुरू करने और विनियमित शिक्षकों को पुरानी पेंशन व उच्च वेतनमान का लाभ देने की मांग भी की। इसके अलावा प्रधानाध्यापकों के पदनाम एवं वेतनमान में संशोधन, ग्रीष्मावकाश में कार्य के बदले अर्जित अवकाश, अवैध शुल्क वसूली पर रोक तथा अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने की भी मांग रखी गई।
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं करती है तो संगठन आंदोलन को और व्यापक रूप देगा। धरने में जिला मंत्री अरुण सिंह, सत्यपाल सिंह, देवेंद्र प्रताप, डॉ. दयानंद, सूर्यप्रकाश, नंदलाल सहित शिक्षक उपस्थित रहे।
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धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने कहा कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का राजकीयकरण किया जाए, पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए तथा शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और स्थानांतरण से जुड़ी विसंगतियों को दूर किया जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए सभी कार्यालयों में ई-फाइलिंग लागू करने, तीन दिन के भीतर फाइलों का निस्तारण सुनिश्चित करने तथा राज्य शिक्षा आयोग की स्थापना की भी मांग उठाई।
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शिक्षक संघ ने स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों को सेवा सुरक्षा, कर्मचारी भविष्य निधि का लाभ, जीपीएफ और एनपीएस से जुड़े मामलों का ऑनलाइन निस्तारण, वर्ष 2014 से नियुक्त शिक्षकों की सामूहिक बीमा कटौती पुनः शुरू करने और विनियमित शिक्षकों को पुरानी पेंशन व उच्च वेतनमान का लाभ देने की मांग भी की। इसके अलावा प्रधानाध्यापकों के पदनाम एवं वेतनमान में संशोधन, ग्रीष्मावकाश में कार्य के बदले अर्जित अवकाश, अवैध शुल्क वसूली पर रोक तथा अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने की भी मांग रखी गई।
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं करती है तो संगठन आंदोलन को और व्यापक रूप देगा। धरने में जिला मंत्री अरुण सिंह, सत्यपाल सिंह, देवेंद्र प्रताप, डॉ. दयानंद, सूर्यप्रकाश, नंदलाल सहित शिक्षक उपस्थित रहे।