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Maharajganj News: मौसम की मार से एसएनसीयू वार्ड में 32 बेड पर 35 नवजात भर्ती
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जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नवजात बच्चे।
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बाल रोग विभाग में 90 से 100 मरीज सर्दी-खांसी से परेशान
मौसम में बदलाव के कारण जिला अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़
महराजगंज। मौसम में अचानक हो रहे बदलाव ने जिला अस्पताल परिसर को मरीजों की भीड़ से भर दिया है। सोमवार को सुबह से ही बाल रोग विभाग में मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। छोटे बच्चे मौसम परिवर्तन की मार सबसे ज्यादा झेल रहे हैं। ठंड बढ़ने और दिन-रात के तापमान में अंतर के कारण बच्चे तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। एसएनसीयू वार्ड में 32 बेडों की क्षमता है, लेकिन वर्तमान में 35 नवजात शिशु भर्ती हैं।
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 90 से 100 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश बच्चे सर्दी, खांसी, उल्टी और बुखार की शिकायत लेकर आ रहे हैं। एक सप्ताह पहले ऐसे मरीजों की संख्या 70 से 80 तक होती थी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि मौसम बदलने से वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सर्दी-खांसी के साथ उल्टी और बुखार वाले मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। अभिभावक बच्चों को ठंड से बचाने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। समय पर दवा और पौष्टिक आहार दें, अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती है।
एसएनसीयू वार्ड में 32 बेडों की क्षमता है लेकिन वर्तमान में 35 नवजात शिशु भर्ती हैं। वार्ड पूरी तरह भर चुका है। इनमें समय से पहले जन्मे बच्चे, पीलिया से पीड़ित, सांस लेने में दिक्कत वाले और कम वजन के शिशु मुख्य रूप से शामिल हैं। कई बच्चों को ऑक्सीजन सपोर्ट और विशेष देखभाल की जरूरत है। डॉ. रंजन मिश्रा ने कहा कि बच्चों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकालें, गर्म कपड़े पहनाएं और लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचे।
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मौसम में बदलाव के कारण जिला अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़
महराजगंज। मौसम में अचानक हो रहे बदलाव ने जिला अस्पताल परिसर को मरीजों की भीड़ से भर दिया है। सोमवार को सुबह से ही बाल रोग विभाग में मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। छोटे बच्चे मौसम परिवर्तन की मार सबसे ज्यादा झेल रहे हैं। ठंड बढ़ने और दिन-रात के तापमान में अंतर के कारण बच्चे तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। एसएनसीयू वार्ड में 32 बेडों की क्षमता है, लेकिन वर्तमान में 35 नवजात शिशु भर्ती हैं।
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 90 से 100 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश बच्चे सर्दी, खांसी, उल्टी और बुखार की शिकायत लेकर आ रहे हैं। एक सप्ताह पहले ऐसे मरीजों की संख्या 70 से 80 तक होती थी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि मौसम बदलने से वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सर्दी-खांसी के साथ उल्टी और बुखार वाले मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। अभिभावक बच्चों को ठंड से बचाने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। समय पर दवा और पौष्टिक आहार दें, अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती है।
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एसएनसीयू वार्ड में 32 बेडों की क्षमता है लेकिन वर्तमान में 35 नवजात शिशु भर्ती हैं। वार्ड पूरी तरह भर चुका है। इनमें समय से पहले जन्मे बच्चे, पीलिया से पीड़ित, सांस लेने में दिक्कत वाले और कम वजन के शिशु मुख्य रूप से शामिल हैं। कई बच्चों को ऑक्सीजन सपोर्ट और विशेष देखभाल की जरूरत है। डॉ. रंजन मिश्रा ने कहा कि बच्चों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकालें, गर्म कपड़े पहनाएं और लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचे।