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Maharajganj News: धूल और बारीक कणों से बढ़ाई परेशानी, आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ी

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 02:29 AM IST
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Dust and fine particles increase problems, number of eye patients increases
जिला अस्पताल में लगी भीड़।  
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जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे 70 से 80 मरीज
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आंखों में धूल पड़ने से जलन, एलर्जी, लाली और खुजली की समस्या से परेशान हैं ज्यादातर मरीज
महराजगंज। मौसम में हुए परिवर्तन ने जिला अस्पताल में आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। सूखी हवाओं, उड़ती धूल और गेहूं के भूसे व फसल से टूटकर उड़ रहे बारीक कणों के कारण आंखों के मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। आंखों की समस्या से पीड़ित इन दिनों 70 से 80 मरीज प्रतिदिन जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल में रोजाना आंखों से संबंधित शिकायतों वाले मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। ज्यादातर लोग आंखों में एलर्जी, धूल पड़ने से जलन, लाली और खुजली की समस्या से परेशान हैं। खासतौर पर गेहूं की कटाई के मौसम में फसल के बारीक कण हवा में उड़कर आंखों में चले जा रहे हैं। जैसे ही लोग इन कणों को निकालने के लिए आंखें रगड़ते हैं, लाली बढ़ जाती है और आंखों में जलन होने लगती है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. निरंजन सिंह ने बताया कि वर्तमान में रोजाना 70 से 80 आंखों के मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। इनमें से करीब 40 मरीज एलर्जी से पीड़ित हैं। एक सप्ताह पहले तक ऐसे मरीजों की संख्या 30 से 40 थी। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम में धूल और परागकणों की मात्रा बढ़ जाती है, यह आंखों की बाहरी परत को प्रभावित करती है। अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए तो संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। डॉ. निरंजन सिंह ने बचाव के सरल उपाय भी सुझाए।
उन्होंने कहा कि अगर आप बाइक से यात्रा कर रहे हैं तो हेलमेट जरूर पहनें और शीशा पूरी तरह बंद रखें। आंखों में कुछ पड़ने पर तुरंत ठंडे साफ पानी से अच्छी तरह धुलाई करें। इससे अक्सर आराम मिल जाता है। अगर धुलाई के बाद भी जलन, लाली या पानी आना जारी रहे तो कभी भी आंखें न रगड़ें। रगड़ने से कण आंख की नाजुक परत को खराब कर सकते हैं और दृष्टि संबंधी समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें और उनके बताए अनुसार दवा या आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें।



इस मौसम में खेतों में काम करने वाले किसान और खुले में घूमने वाले लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि घर से बाहर निकलते समय धूप का चश्मा लगाना और आंखों को बार-बार छूने से बचना भी उपयोगी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि उनकी आंखें ज्यादा संवेदनशील होती हैं।
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