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Maharajganj News: 100 करोड़ से बेहतर होगी बिजली आपूर्ति व्यवस्था, दुश्वारियों से मिलेगी राहत
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लक्ष्मीपुर जरलहिया में झुका बिजली का तार।
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बिजली के पोल, तार, ट्रांसफार्मर समेत क्षमता वृद्धि के कार्य कराएगा बिजली निगम
वर्तमान में दुश्वारियां झेल रहे लोगों को आने वाले दिनों में मिलेगी निर्बाध बिजली, झूलते तारों से खतरे की आशंका
बांस-खंभे से बिजली आपूर्ति के कारण स्थानीय लोगों को होती है परेशानी
महराजगंज। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर करने का प्रस्ताव बन चुका है। विभाग की ओर से 100 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू होगा। इसमें बिजली के पोल, तार, ट्रांसफार्मर समेत क्षमता वृद्धि के कार्य शामिल है। बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति पाने वाले लोगों को लोगों को आने वाले दिनों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की सुविधा मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान समय में जिले के कई गांवों और मजरों में बिजली आपूर्ति ठीक नहीं है। कहीं बांस-बल्ली तो कहीं लकड़ी के खंभों के सहारे तार लगाए गए हैं। यह व्यवस्था न केवल तकनीकी मानकों के विपरीत है बल्कि आमजन के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। थोड़ी सी लापरवाही, तेज आंधी या बारिश के दौरान करंट लगने, स्पार्किंग होने की आशंका बनी रहती है। जिले में 577 ऐसे गांव चिह्नित किए गए हैं, जिनके मजरों में आज भी बांस-बल्ली और लकड़ी के अस्थायी खंभों से बिजली आपूर्ति की जा रही है। इन गांवों में रहने वाले लोग लंबे समय से खतरे के साए में जीवन यापन कर रहे हैं। कई जगहों पर तार इतने नीचे लटके हुए हैं कि वाहन, मवेशी या राहगीर उनसे टकरा सकते हैं।
कम्हरिया बुजुर्ग गांव की अनुसूचित बस्ती में आज भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। यहां के दिनेश बताते हैं कि केबिल का तार होने के कारण आए दिन परेशानी होती है। बैरवा बनकटवा के मनिकौरा टोले में करीब 12 घरों तक बांस-बल्ली के सहारे बिजली पहुंचाई गई है। यहां के निवासी हरिश्चंद्र बताते हैं कि कभी-कभार कटे हुए केबिल तारों से स्पार्किंग होती है। सिधवारी गांव के विश्रामपुर चौराहे के पास सड़क के किनारे बांस-बल्ली के खंभों से करीब 8 घरों की बिजली आपूर्ति हो रही है। मुरली प्रसाद बताते हैं कि तेज आंधी आने पर अक्सर बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। कई बार 10 से 12 घंटे तक बिजली गुल रहती है।
फरेंदा क्षेत्र के बड़हरा देवीचरण गांव में स्थित शिव मंदिर तक भी बिजली आपूर्ति बांस-बल्ली के सहारे की जा रही है। मंदिर से जुड़े महेंद्र का कहना है कि बारिश के मौसम में केबिल के तारों से लगातार स्पार्किंग होती है। नगर पंचायत पनियरा के वार्ड नंबर एक में बांस-बल्ली के खंभों से लगभग 12 घरों को बिजली दी जा रही है। अजय कुमार बताते हैं कि केबिल का तार सड़क के ऊपर लटका रहता है। कमासिन बुजुर्ग उत्तर टोला में भी बांस-बल्ली और लकड़ी के खंभों के सहारे बिजली आपूर्ति संचालित हो रही है। इसके अलावा सिरहीभार, लक्ष्मीपुर जरलहिया खास, हरपुर तिवारी चौराहा और बांस पार कोठी खास जैसे इलाकों में भी इसी तरह से बिजली आपूर्ति जारी है।
योजना के तहत होंगे ये प्रमुख कार्य
-बांस-बल्ली और लकड़ी के खंभों की जगह सीमेंट और लोहे के मजबूत पोल लगाए जाएंगे।
-पुराने और जर्जर तारों को हटाकर इंसुलेटेड और सुरक्षित केबिल बिछाई जाएगी।
-जरूरत के अनुसार नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे और पुराने ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
-ओवरलोड और लो-वोल्टेज की समस्या से निपटने के लिए नेटवर्क का पुनर्गठन किया जाएगा।
-सड़क किनारे और आबादी वाले क्षेत्रों में तारों की ऊंचाई मानकों के अनुसार तय की जाएगी।
वर्जन
गांव के साथ-साथ तरकुलवा, भटगांवा और सिरहीभार खास टोले में बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। तेज हवा केबल तार टूटने की आशंका बनी रहती है। कई बार तारों से आग की चिंगारी भी निकलती हैं, जिससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है।
- राजेश गुप्ता, लक्ष्मीपुर जरलहिया
गांव के सिवान क्षेत्र में नहर रोड पर त्रिवेनी के घर के पास बांस के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। यह सड़क अत्यधिक व्यस्त है, जहां से प्रतिदिन बड़े वाहनों की आवाजाही होती रहती है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।
रामबचन, मोहद्दीनपुर
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यहां बदले जाएंगे खंभे और बिजली के तार
जिले के धरमौली के मुन्नी टोला, बरगदवा मेन रोड, बरगदवा हरडी टोला, बरगदवा एसएसबी रोड बैरिया, पिपरहवा, सोनपिपरी खुर्द, जंगल बाकी टुकड़ा नंबर 14, कमासिन बुजुर्ग, पिपरी बक्स, नवीगंज, रामनगर, महुअवा, बेलटिकरा, हेमछापर, गोनहां, बेलहिया, भवानीपुर, गांगी, बरवास, अड़बडहवा समेत अन्य गांवों में तार पोल लगाए जाएंंगे।
वर्जन
577 गांवों के मजरों में विद्युतीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया जाएगा। आरडीएसएस (रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) योजना के तहत बिजली के नए पोल और केबिल तार लगाए जाएंगे। धनराशि मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा।
-वाईपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, महराजगंज
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वर्तमान में दुश्वारियां झेल रहे लोगों को आने वाले दिनों में मिलेगी निर्बाध बिजली, झूलते तारों से खतरे की आशंका
बांस-खंभे से बिजली आपूर्ति के कारण स्थानीय लोगों को होती है परेशानी
महराजगंज। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर करने का प्रस्ताव बन चुका है। विभाग की ओर से 100 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू होगा। इसमें बिजली के पोल, तार, ट्रांसफार्मर समेत क्षमता वृद्धि के कार्य शामिल है। बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति पाने वाले लोगों को लोगों को आने वाले दिनों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की सुविधा मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान समय में जिले के कई गांवों और मजरों में बिजली आपूर्ति ठीक नहीं है। कहीं बांस-बल्ली तो कहीं लकड़ी के खंभों के सहारे तार लगाए गए हैं। यह व्यवस्था न केवल तकनीकी मानकों के विपरीत है बल्कि आमजन के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। थोड़ी सी लापरवाही, तेज आंधी या बारिश के दौरान करंट लगने, स्पार्किंग होने की आशंका बनी रहती है। जिले में 577 ऐसे गांव चिह्नित किए गए हैं, जिनके मजरों में आज भी बांस-बल्ली और लकड़ी के अस्थायी खंभों से बिजली आपूर्ति की जा रही है। इन गांवों में रहने वाले लोग लंबे समय से खतरे के साए में जीवन यापन कर रहे हैं। कई जगहों पर तार इतने नीचे लटके हुए हैं कि वाहन, मवेशी या राहगीर उनसे टकरा सकते हैं।
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कम्हरिया बुजुर्ग गांव की अनुसूचित बस्ती में आज भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। यहां के दिनेश बताते हैं कि केबिल का तार होने के कारण आए दिन परेशानी होती है। बैरवा बनकटवा के मनिकौरा टोले में करीब 12 घरों तक बांस-बल्ली के सहारे बिजली पहुंचाई गई है। यहां के निवासी हरिश्चंद्र बताते हैं कि कभी-कभार कटे हुए केबिल तारों से स्पार्किंग होती है। सिधवारी गांव के विश्रामपुर चौराहे के पास सड़क के किनारे बांस-बल्ली के खंभों से करीब 8 घरों की बिजली आपूर्ति हो रही है। मुरली प्रसाद बताते हैं कि तेज आंधी आने पर अक्सर बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। कई बार 10 से 12 घंटे तक बिजली गुल रहती है।
फरेंदा क्षेत्र के बड़हरा देवीचरण गांव में स्थित शिव मंदिर तक भी बिजली आपूर्ति बांस-बल्ली के सहारे की जा रही है। मंदिर से जुड़े महेंद्र का कहना है कि बारिश के मौसम में केबिल के तारों से लगातार स्पार्किंग होती है। नगर पंचायत पनियरा के वार्ड नंबर एक में बांस-बल्ली के खंभों से लगभग 12 घरों को बिजली दी जा रही है। अजय कुमार बताते हैं कि केबिल का तार सड़क के ऊपर लटका रहता है। कमासिन बुजुर्ग उत्तर टोला में भी बांस-बल्ली और लकड़ी के खंभों के सहारे बिजली आपूर्ति संचालित हो रही है। इसके अलावा सिरहीभार, लक्ष्मीपुर जरलहिया खास, हरपुर तिवारी चौराहा और बांस पार कोठी खास जैसे इलाकों में भी इसी तरह से बिजली आपूर्ति जारी है।
योजना के तहत होंगे ये प्रमुख कार्य
-बांस-बल्ली और लकड़ी के खंभों की जगह सीमेंट और लोहे के मजबूत पोल लगाए जाएंगे।
-पुराने और जर्जर तारों को हटाकर इंसुलेटेड और सुरक्षित केबिल बिछाई जाएगी।
-जरूरत के अनुसार नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे और पुराने ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
-ओवरलोड और लो-वोल्टेज की समस्या से निपटने के लिए नेटवर्क का पुनर्गठन किया जाएगा।
-सड़क किनारे और आबादी वाले क्षेत्रों में तारों की ऊंचाई मानकों के अनुसार तय की जाएगी।
वर्जन
गांव के साथ-साथ तरकुलवा, भटगांवा और सिरहीभार खास टोले में बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। तेज हवा केबल तार टूटने की आशंका बनी रहती है। कई बार तारों से आग की चिंगारी भी निकलती हैं, जिससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है।
- राजेश गुप्ता, लक्ष्मीपुर जरलहिया
गांव के सिवान क्षेत्र में नहर रोड पर त्रिवेनी के घर के पास बांस के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। यह सड़क अत्यधिक व्यस्त है, जहां से प्रतिदिन बड़े वाहनों की आवाजाही होती रहती है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।
रामबचन, मोहद्दीनपुर
यहां बदले जाएंगे खंभे और बिजली के तार
जिले के धरमौली के मुन्नी टोला, बरगदवा मेन रोड, बरगदवा हरडी टोला, बरगदवा एसएसबी रोड बैरिया, पिपरहवा, सोनपिपरी खुर्द, जंगल बाकी टुकड़ा नंबर 14, कमासिन बुजुर्ग, पिपरी बक्स, नवीगंज, रामनगर, महुअवा, बेलटिकरा, हेमछापर, गोनहां, बेलहिया, भवानीपुर, गांगी, बरवास, अड़बडहवा समेत अन्य गांवों में तार पोल लगाए जाएंंगे।
वर्जन
577 गांवों के मजरों में विद्युतीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया जाएगा। आरडीएसएस (रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) योजना के तहत बिजली के नए पोल और केबिल तार लगाए जाएंगे। धनराशि मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा।
-वाईपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, महराजगंज
