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Maharajganj News: 30 माह से कोटा की दुकान खाली, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Thu, 02 Apr 2026 01:13 AM IST
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Kota shop remains vacant for 30 months, villagers protest
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- सोनवल गांव के लोगों का आरोप- जिला प्रशासन जानबूझकर कर रहा विलंब
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- आमरण अनशन की दी चेतावनी
महराजगंज। कलक्ट्रेट परिसर में बुधवार को सोनवल गांव के ग्रामीणों ने कोटे की दुकान के चयन को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर जानबूझकर विलंब करने का आरोप लगाया है।


गांव निवासी नेहा ने बताया की मिठौरा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनवल में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पिछले 30 माह से खाली पड़ी हुई है। शासनादेश के अनुसार दुकान खाली होने के दो माह के अंदर नए विक्रेता का चयन करना अनिवार्य है लेकिन जिला प्रशासन लगातार इस प्रक्रिया में देरी कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
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रीमा, कमलावती, मैना, मनोज कुमार, संदीप, मोलई, अभिषेक भारती, अमर ने बताया कि ग्रामसभा स्तर पर कोटा चयन के लिए कई बार खुली बैठकें आयोजित की गईं लेकिन हर बार किसी न किसी बहाने से प्रक्रिया टाल दी गई। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश का अनुपालन करते हुए 27 जून 2025 को बैठक बुलाई गई, जिसमें नियमानुसार विकास स्वयं सहायता समूह का प्रस्ताव पारित किया गया लेकिन इसे निराधार आरोप लगाकर निरस्त कर दिया गया।



इसके बाद एसडीएम सदर के निर्देश पर 27 जनवरी 2026 को दोबारा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नोडल अधिकारी, नायब तहसीलदार, विभिन्न विभागों के सहायक विकास अधिकारी, एनआरएलएम विभाग के अधिकारी और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में सभी अभिलेखों की गहन जांच के बाद एक बार फिर स्वयं सहायता समूह के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया गया।
बीडीओ मिठौरा ने 31 जनवरी 2026 को प्रस्ताव एसडीएम सदर को भेज दिया। दो माह बीत जाने के बावजूद अभी तक लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। समूह की महिलाओं ने इस मामले में तीन बार तहसील दिवस और डीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
ग्रामीणों का आरोप है कि, 19 मार्च 2026 को महिलाएं जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ गईं। तब अधिकारियों ने सात दिन के अंदर लाइसेंस जारी करने का लिखित भरोसा दिया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है।



महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक दबाव में एक विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के अंदर लाइसेंस जारी नहीं किया गया अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
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