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Maharajganj News: ऑपरेशन के बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ने से मौत, हंगामे के बाद अस्पताल सील
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अस्पताल को सील करने के बाद नोडल अधिकारी।
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हनुमानगढ़ी स्थित अनुराग अस्पताल का मामला
परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर किया हंगामा
महराजगंज। बुधवार को नगर के हनुमानगढ़ी स्थित अनुराग अस्पताल में ऑपरेशन के बाद एक प्रसूता की हालत बिगड़ गई। अस्पताल संचालक उसे गोरखपुर ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इससे परिजन भड़क गए और शव लेकर अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल के गेट पर शव रखकर हंगामा करने लगे। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। हादसे के बाद अस्पताल कर्मी भाग गए। देर रात मौके पर पहुंचे नोडल अधिकारी वीरेंद्र आर्या ने अस्पताल को सील कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। मामले में अभी को तहरीर नहीं दी गई है।
जानकारी के अनुसार, रामपुर बलडीहा निवासी रेहाना खातून (26) गर्भवती थीं। बुधवार को तबीयत खराब होने पर परिजन नगर के हनुमानगढ़ी स्थित अनुराग अस्पताल में भर्ती कराए थे। दोपहर करीब एक बजकर 30 बजे महिला का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद ब्लड नहीं रुक रहा था। यह देख अस्पताल संचालक अपनी गाड़ी से गोरखपुर लेकर जा रहे थे। रास्ते से ही वह गाड़ी वापस अनुराग हास्पिटल पर लेकर चले आए और परिजन को बताया कि महिला की मौत हो गई है।
इससे परिजन भड़क उठे और हंगामा करने लगे। परिजनों का हंगामा देख अस्पताल कर्मी मौके से भाग गए। परिजन शव अस्पताल गेट पर रखकर हंगामा करने लगे। इसकी जानकारी होने पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। परिजन अस्पताल को सील करने और संचालक पर कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। देर रात मौके पर पहुंचे नोडल अधिकारी वीरेंद्र आर्या ने अस्पताल को सील कर दिया।
आशा कार्यकर्ता ने कराया था भर्ती
मृतका की मां साबरा निवासी बागापार ने बताया कि उनकी बेटी की शादी दो साल पहले रामपुर बलडीहा में हुई थी। पति रमजान अपना व्यवसाय करते हैं। गर्भवती होने के बाद बेटी उनके पास ही थी। मां साबरा का आरोप है कि वह बेटी को जिला अस्पताल ले जा रही थीं लेकिन आशा कार्यकर्ता ने बहकाकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया और चली गई।
वर्जन
मामला संज्ञान में आया है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. नवनाथ प्रसाद, मुख्य चिकित्साधिकारी
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परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर किया हंगामा
महराजगंज। बुधवार को नगर के हनुमानगढ़ी स्थित अनुराग अस्पताल में ऑपरेशन के बाद एक प्रसूता की हालत बिगड़ गई। अस्पताल संचालक उसे गोरखपुर ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इससे परिजन भड़क गए और शव लेकर अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल के गेट पर शव रखकर हंगामा करने लगे। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। हादसे के बाद अस्पताल कर्मी भाग गए। देर रात मौके पर पहुंचे नोडल अधिकारी वीरेंद्र आर्या ने अस्पताल को सील कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। मामले में अभी को तहरीर नहीं दी गई है।
जानकारी के अनुसार, रामपुर बलडीहा निवासी रेहाना खातून (26) गर्भवती थीं। बुधवार को तबीयत खराब होने पर परिजन नगर के हनुमानगढ़ी स्थित अनुराग अस्पताल में भर्ती कराए थे। दोपहर करीब एक बजकर 30 बजे महिला का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद ब्लड नहीं रुक रहा था। यह देख अस्पताल संचालक अपनी गाड़ी से गोरखपुर लेकर जा रहे थे। रास्ते से ही वह गाड़ी वापस अनुराग हास्पिटल पर लेकर चले आए और परिजन को बताया कि महिला की मौत हो गई है।
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इससे परिजन भड़क उठे और हंगामा करने लगे। परिजनों का हंगामा देख अस्पताल कर्मी मौके से भाग गए। परिजन शव अस्पताल गेट पर रखकर हंगामा करने लगे। इसकी जानकारी होने पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। परिजन अस्पताल को सील करने और संचालक पर कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। देर रात मौके पर पहुंचे नोडल अधिकारी वीरेंद्र आर्या ने अस्पताल को सील कर दिया।
आशा कार्यकर्ता ने कराया था भर्ती
मृतका की मां साबरा निवासी बागापार ने बताया कि उनकी बेटी की शादी दो साल पहले रामपुर बलडीहा में हुई थी। पति रमजान अपना व्यवसाय करते हैं। गर्भवती होने के बाद बेटी उनके पास ही थी। मां साबरा का आरोप है कि वह बेटी को जिला अस्पताल ले जा रही थीं लेकिन आशा कार्यकर्ता ने बहकाकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया और चली गई।
वर्जन
मामला संज्ञान में आया है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. नवनाथ प्रसाद, मुख्य चिकित्साधिकारी