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Maharajganj News: तीन श्रेणियों में बांटकर करें राजस्व विवादों का निस्तारण
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महराजगंज। जिले को राजस्व विवाद मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसको लेकर जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में निर्देशित किया गया कि जनपद में लंबित समस्त राजस्व विवादों का व्यवस्थित एवं श्रेणीबद्ध वर्गीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु प्रभावी रणनीति बनाई जा सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रथम श्रेणी उन विवादों को रखें जिनका निस्तारण ग्राम पंचायत स्तर पर सुलह-समझौते अथवा सीमित प्रशासनिक हस्तक्षेप से संभव है। इन वादों के त्वरित निस्तारण के लिए ग्राम स्तर पर विशेष प्रयास किया जाएगा। द्वितीय श्रेणी में राजस्व न्यायालयों में विचाराधीन वादों को सूचीबद्ध रखने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि इन मामलों में विशेष अभियान चलाकर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
तीसरी श्रेणी में सिविल न्यायालयों में लंबित वादों को शामिल करें। इन प्रकरणों में शासकीय अधिवक्ताओं के माध्यम से नियमित, प्रभावी एवं सशक्त पैरवी कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराएं और चौथी श्रेणी में सार्वजनिक उपयोग की सुरक्षित श्रेणी में दर्ज जमीन को सूचीबद्ध करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इन जमीनों पर अवैध अतिक्रमण हटाने एवं उन्हें संरक्षित करने हेतु समुचित कार्ययोजना तैयार करें और उनपर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि गांवों में जमीन विवादों को तय समय सीमा में समाप्त किया जाए।
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बैठक में निर्देशित किया गया कि जनपद में लंबित समस्त राजस्व विवादों का व्यवस्थित एवं श्रेणीबद्ध वर्गीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु प्रभावी रणनीति बनाई जा सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रथम श्रेणी उन विवादों को रखें जिनका निस्तारण ग्राम पंचायत स्तर पर सुलह-समझौते अथवा सीमित प्रशासनिक हस्तक्षेप से संभव है। इन वादों के त्वरित निस्तारण के लिए ग्राम स्तर पर विशेष प्रयास किया जाएगा। द्वितीय श्रेणी में राजस्व न्यायालयों में विचाराधीन वादों को सूचीबद्ध रखने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि इन मामलों में विशेष अभियान चलाकर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
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तीसरी श्रेणी में सिविल न्यायालयों में लंबित वादों को शामिल करें। इन प्रकरणों में शासकीय अधिवक्ताओं के माध्यम से नियमित, प्रभावी एवं सशक्त पैरवी कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराएं और चौथी श्रेणी में सार्वजनिक उपयोग की सुरक्षित श्रेणी में दर्ज जमीन को सूचीबद्ध करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इन जमीनों पर अवैध अतिक्रमण हटाने एवं उन्हें संरक्षित करने हेतु समुचित कार्ययोजना तैयार करें और उनपर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि गांवों में जमीन विवादों को तय समय सीमा में समाप्त किया जाए।