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Maharajganj News: बारिश में जर्जर मकानों के ढहने का खतरा बढ़ा, चिह्नित करेगी पालिका
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इंदिरानगर में जर्जर पड़े भवन।
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महराजगंज। लगातार हो रही बारिश के बीच नगर पालिका क्षेत्र में जर्जर भवनों ढहने का खतरा बढ़ गया है। शहर में कई पुराने और क्षतिग्रस्त मकान हैं। बारिश के चलते इन भवनों की दीवारें और छतें कमजोर होती जा रही हैं, जिससे आसपास के लोगों में भय का माहौल है। नगर पालिका अब ऐसे मकानों को चिह्नित कर उनके मालिकों को नोटिस जारी करेगी।
नगर क्षेत्र के इंदिरा नगर में स्थित एक पुराना मकान पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की दीवारें क्षतिग्रस्त हैं और बारिश के दौरान उसके गिरने की आशंका बनी रहती है। आसपास रहने वाले परिवारों का कहना है कि हर बारिश में उन्हें डर बना रहता है कि कहीं मकान भरभराकर न गिर जाए। कई बार इसकी जानकारी संबंधित विभाग को दी गई लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदर परिसर में बने आवासीय भवन भी काफी जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं। इन भवनों में स्वास्थ्य कर्मी अपने परिवार के साथ निवास करते हैं।
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भवनों की छतों से पानी टपकने, दीवारों में दरारें आने और प्लास्टर झड़ने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में यहां रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
नगर पालिका और संबंधित विभागों को ऐसे सभी जर्जर भवनों का सर्वे कराकर उन्हें तत्काल खाली कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की जरूरत है।
उनका मानना है कि प्रशासन की लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि नगर क्षेत्र में जर्जर भवनों का चिह्नीकरण कराया जाएगा। चिह्नित भवनों के स्वामियों को पहले नोटिस जारी किया जाएगा।
निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर नियमानुसार भवनों को ध्वस्त कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और बारिश के मौसम को देखते हुए इस अभियान को जल्द शुरू किया जाएगा।
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नगर क्षेत्र के इंदिरा नगर में स्थित एक पुराना मकान पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की दीवारें क्षतिग्रस्त हैं और बारिश के दौरान उसके गिरने की आशंका बनी रहती है। आसपास रहने वाले परिवारों का कहना है कि हर बारिश में उन्हें डर बना रहता है कि कहीं मकान भरभराकर न गिर जाए। कई बार इसकी जानकारी संबंधित विभाग को दी गई लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदर परिसर में बने आवासीय भवन भी काफी जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं। इन भवनों में स्वास्थ्य कर्मी अपने परिवार के साथ निवास करते हैं।
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भवनों की छतों से पानी टपकने, दीवारों में दरारें आने और प्लास्टर झड़ने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में यहां रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
नगर पालिका और संबंधित विभागों को ऐसे सभी जर्जर भवनों का सर्वे कराकर उन्हें तत्काल खाली कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की जरूरत है।
उनका मानना है कि प्रशासन की लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि नगर क्षेत्र में जर्जर भवनों का चिह्नीकरण कराया जाएगा। चिह्नित भवनों के स्वामियों को पहले नोटिस जारी किया जाएगा।
निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर नियमानुसार भवनों को ध्वस्त कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और बारिश के मौसम को देखते हुए इस अभियान को जल्द शुरू किया जाएगा।