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Maharajganj News: संकट की आहट...भुगतान के बाद पंपों को मिल रहा पेट्रोल-डीजल
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बल्लो खास में बंद पड़ा पेट्रोलपंप।
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कंपनियों ने पंप मालिकों को उधार पेट्रोल-डीजल देने से कर दिया मना
ज्यादा खपत वाले पंपों को पहले मिल रहा पेट्रोल, कम खपत वाले पंप परेशान
पेट्रोल पंप संचालकों को डीजल-पेट्रोल की डिमांड के साथ दोगुना रुपये का चेक भेजना पड़ रहा है
महराजगंज। इस्राइल-ईरान युद्ध से जनपद के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। युद्ध के 25 दिन बीतने के बाद भी लोग अभी तक गैस सिलिंडर के लिए लोग परेशान हैं। इसी बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने नया नियम लागू कर दिया है। कंपनियों ने पंप मालिकों को उधार पेट्रोल-डीजल देने से मना कर दिया है। अब एडवांस भुगतान करने के बाद कंपनियों को पेट्रोल-डीजल मिल रहा है। ऐसे में कम पूंजी वाले पेट्रोल पंप संचालकों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
पेट्रोलियम कंपनियों के नियम बदलने से पंप मालिक भी परेशान हो गए हैं। पंप मालिकों का कहना है कि पहले उन्हें कंपनियों या ट्रांसपोर्टरों को डिमांड भेजने के बाद सप्ताह भर के लिए उधारी पर मिल जाता था। इससे काफी सहूलियत होती थी। बिक्री के बाद भुगतान करके नई डीजल-पेट्रोल की नई गाड़ी मंगा ली जाती थी। इससे पंप चलने में कोई व्यवधान नहीं था। उन्होंने बताया कि होली के बाद से कंपनियों ने अपने नियम बदल दिए हैं। अब पेट्रोल-डीजल के डिमांड के साथ दोगुना रुपये का चेक भेजना पड़ रहे है। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों में वरियता क्रम में डीजल-पेट्रोल मिल रहा है।
एक पेट्रोल पंप मालिक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले अब हालत यह हो गए हैं कि जिनकी खपत ज्यादा है उन्हें पहले दिया जा रहा है उसके बाद कम वालों को डीजल-पेट्रोल दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले डिमांड भेजा गया था लेकिन अभी तक डीजल-पेट्रोल नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि पहले यह नियम नहीं था। अब एडवांस रुपये की व्यवस्था करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों की भरमार होने से बिक्री कम है और खर्च अधिक हैं। इसलिए उधार पर ही यह व्यवसाय चल रहा है।
उधर, मंगलवार को बल्लो शिकारपुर खास में स्थित पेट्रोल पंप बंद दिखा। इसके चलते लोग पेट्रोल-डीजल के लिए इधर-उधर भटकते देखे गए। वहीं कुछ दिन पहले फरेंदा में एक पंप करीब तीन दिनों तक बंद रहा। रुपये की लेन-देन की वजह से पंप का संचालन प्रभावित हुआ था।
वर्जन
डीजल व पेट्रोल भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। पेट्रोलियम कंपनियों ने जो नियम बनाए है यह उनकी निजी विषय है। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
-एपी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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बाइक में पेट्रोल भरवाने के लिए बल्लोखास पंप पर गया था लेकिन पंप बंद मिला। अब आगे जहां पेट्रोल मिलेगा, भरवा लूंगा।
-कृष्णबिहारी पांडेय, नंदना
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बाइक में पेट्रोल कम हो गया तो भरवाने के लिए बल्लोखास पंप पर रुका लेकिन पंप बंद मिला। अभी गाड़ी में दो दिन की जरूरत का पेट्रोल है। कल भरवा लूंगा।
-शिवेश पांडेय, बेलवाखुर्द
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पेट्रोल पंप संचालकों को डीजल-पेट्रोल की डिमांड के साथ दोगुना रुपये का चेक भेजना पड़ रहा है
महराजगंज। इस्राइल-ईरान युद्ध से जनपद के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। युद्ध के 25 दिन बीतने के बाद भी लोग अभी तक गैस सिलिंडर के लिए लोग परेशान हैं। इसी बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने नया नियम लागू कर दिया है। कंपनियों ने पंप मालिकों को उधार पेट्रोल-डीजल देने से मना कर दिया है। अब एडवांस भुगतान करने के बाद कंपनियों को पेट्रोल-डीजल मिल रहा है। ऐसे में कम पूंजी वाले पेट्रोल पंप संचालकों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
पेट्रोलियम कंपनियों के नियम बदलने से पंप मालिक भी परेशान हो गए हैं। पंप मालिकों का कहना है कि पहले उन्हें कंपनियों या ट्रांसपोर्टरों को डिमांड भेजने के बाद सप्ताह भर के लिए उधारी पर मिल जाता था। इससे काफी सहूलियत होती थी। बिक्री के बाद भुगतान करके नई डीजल-पेट्रोल की नई गाड़ी मंगा ली जाती थी। इससे पंप चलने में कोई व्यवधान नहीं था। उन्होंने बताया कि होली के बाद से कंपनियों ने अपने नियम बदल दिए हैं। अब पेट्रोल-डीजल के डिमांड के साथ दोगुना रुपये का चेक भेजना पड़ रहे है। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों में वरियता क्रम में डीजल-पेट्रोल मिल रहा है।
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एक पेट्रोल पंप मालिक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले अब हालत यह हो गए हैं कि जिनकी खपत ज्यादा है उन्हें पहले दिया जा रहा है उसके बाद कम वालों को डीजल-पेट्रोल दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले डिमांड भेजा गया था लेकिन अभी तक डीजल-पेट्रोल नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि पहले यह नियम नहीं था। अब एडवांस रुपये की व्यवस्था करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों की भरमार होने से बिक्री कम है और खर्च अधिक हैं। इसलिए उधार पर ही यह व्यवसाय चल रहा है।
उधर, मंगलवार को बल्लो शिकारपुर खास में स्थित पेट्रोल पंप बंद दिखा। इसके चलते लोग पेट्रोल-डीजल के लिए इधर-उधर भटकते देखे गए। वहीं कुछ दिन पहले फरेंदा में एक पंप करीब तीन दिनों तक बंद रहा। रुपये की लेन-देन की वजह से पंप का संचालन प्रभावित हुआ था।
वर्जन
डीजल व पेट्रोल भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। पेट्रोलियम कंपनियों ने जो नियम बनाए है यह उनकी निजी विषय है। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
-एपी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
बाइक में पेट्रोल भरवाने के लिए बल्लोखास पंप पर गया था लेकिन पंप बंद मिला। अब आगे जहां पेट्रोल मिलेगा, भरवा लूंगा।
-कृष्णबिहारी पांडेय, नंदना
बाइक में पेट्रोल कम हो गया तो भरवाने के लिए बल्लोखास पंप पर रुका लेकिन पंप बंद मिला। अभी गाड़ी में दो दिन की जरूरत का पेट्रोल है। कल भरवा लूंगा।
-शिवेश पांडेय, बेलवाखुर्द

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