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Maharajganj News: खरीफ सीजन में उर्वरक की नहीं होगी किल्लत, बिक्री का किया जाएगा सत्यापन

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2026 02:32 AM IST
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There will be no shortage of fertilizers in the Kharif season, sales will be verified.
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शासन के आदेश व कृषि निदेशालय से आदेश जारी
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अधिक उर्वरक खरीद वाले 20 किसानों का होगा सत्यापन
महराजगंज। एक माह बाद शुरू हो रहे खरीफ सीजन के मद्देनजर कृषि महकमा तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। नए नियम लागू करते हुए प्रबंध किए जा रहे हैं कि पिछले खरीफ सीजन की तरह उर्वरक किल्लत की स्थिति न उत्पन्न होने पाए। नए नियमों के तहत मई माह से प्रति माह 20 सर्वाधिक उर्वरक क्रय करने वाले किसानों का सत्यापन कर स्पष्ट किया जाएगा कि किसान ने कृषि कार्य के लिए उर्वरकों की खरीद की है या नहीं।
गेहूं की कटाई जनपद में शुरू है। इसके बाद जायद व खरीफ का सीजन शुरू होगा। 2025 में तस्करी व अन्य कारणों से उर्वरकों के किल्लत की कमी का मामला सामने आया था। किसानों को इसके लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। स्थिति को संभालने के लिए खुद कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही को सीमा से सटे जनपदों का दौरा कर यह विश्वास किसानों को दिलाना पड़ा कि उर्वरक की कोई कमी नहीं है।
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जोत रकबे के आधार पर किसान खाद खरीद करें। इस बार यह स्थिति न उत्पन्न हो इसके लिए शासन के आदेश पर राज्य कृषि निदेशालय ने सीजन से पहले नेपाल सीमा से सटे जिलों में प्रति माह सत्यापन की व्यवस्था प्रभावी कर दी है। इसके अलावा सीमा से सटे पांच किमी के दायरे में खाद बिक्री का लाइसेंस दुकानदारों को न जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। एक हेक्टेयर जोत वाले किसान के लिए 5 बोरी डीएपी व सात बोरी यूरिया का प्रावधान किया गया है। इससे अधिक उर्वरक खरीद का सत्यापन जनपद स्तरीय टीम करेगी। प्रत्येक माह समीक्षा भी होगी जिससे तस्करी, कालाबाजारी इत्यादि किसानों के सहारे न किया जा सके।
डीएम ने गठित की सत्यापन टीम
शासन से आए निर्देश क्रम में डीएम संतोष कुमार शर्मा ने सत्यापन टीम गठित कर दी है। टीम में उप कृषि निदेशक, डीएओ,सहायक आयुक्त निबंधक, डीपीआरओ, जिला गन्ना अधिकारी, प्रबंधक पीसीएस, जिला उद्यान अधिकारी व जिला सूचना अधिकारी का नाम शामिल है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनपद में 16,989 एमटी यूरिया खरीफ के लिए उपलब्ध है। इसमें 5,106 एमटी सहकारिता व 11,883 एमटी प्राइवेट दुकानों पर है। 8,555 एमटी डीएपी है। इसमें से 1,382 एमटी सहकारिता व 7,173 एमटी दुकानों के लिए है। इसके अलावा एनपीके 7,207 एमटी रिजर्व रखी गई है।
वर्जन

खरीफ सीजन में अगले माह से प्रत्येक माह जनपद के 20 सर्वाधिक उर्वरक खरीद वाले किसानों का सत्यापन किया जाएगा। साथ ही सीमा क्षेत्र के 5 किमी के दायरे में खाद बिक्री का लाइसेंस नहीं जारी होगा। निदेशालय की तरफ से मिले निर्देश व डीएम के आदेश क्रम में सत्यपन टीम गठित की गई है।
-शैलेंद्र प्रताप सिंह, डीएओ महराजगंज
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