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Mahoba News: जांच चौकी कर्मियों की मिलीभगत से चल रहा था गिट्टी लदे ट्रकों को निकालने का खेल

Wed, 22 Jul 2026 11:59 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2026 11:59 PM IST
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A racket involving the passage of trucks loaded with crushed stone was operating with the collusion of checkpoint personnel.
महोबा/कबरई। पत्थरमंडी कबरई में खनिज रॉयल्टी माफियाओं का सिंडीकेट टूटने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन रॉयल्टी चोरी रोकने के लिए नए-नए प्रयास करता है और माफिया फिर से नए तरीके खोज लेते हैं। जांच चौकी में तैनात होमगार्डों व कर्मचारियों की मिलीभगत से लोकेशन माफियाओं ने जाल बिछा रखा था। रात के अंधेरे में बिना रॉयल्टी गिट्टी लदे ट्रकों को निकालने का खेल लंबे समय से चल रहा था।
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जिले में कबरई के साथ ही पहरा, मकरबई, एमपी के सीमावर्ती गांवों में स्थित पहाड़ों में भारी संख्या में क्रशर संचालित हैं। प्रतिदिन यहां तीन हजार से अधिक ट्रक गिट्टी लेने आते हैं। जनपद कानपुर, लखनऊ, उन्नाव, हरदाेई, बांदा, हमीरपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में कबरई से गिट्टी की सप्लाई होती है। इन वाहनों में खनिज परिवहन करने के लिए लाइसेंस के तौर पर रॉयल्टी प्रपत्र जारी किए जाते हैं। इससे सरकार को राजस्व प्राप्त होता है। इनकी जांच के लिए कबरई-कानपुर रोड और कबरई-बांदा रोड पर खनिज जांच चौकी या खनिज बैरियर स्थापित किए गए हैं। इस राजस्व की चोरी करने के लिए क्षेत्र में सिंडीकेट का काम लंबे समय से चला आ रहा है। यहां पर मिलीभगत करते हुए बिना रॉयल्टी के वाहनों को निकाले जाने के आरोप लगते रहे हैं।
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कबरई-कानपुर हाइवे में स्थित जांच चौकी पर इसी तरह से वाहन निकालने को लेकर 21 जुलाई को लोकेटरों के बीच विवाद हुआ। इस दौरान हुई मारपीट के वीडियो और भारी संख्या में कारों के वीडियो सोशल मीडिया में प्रसारित होने पर जिला प्रशासन हरकत में आया। जांच में पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ। करीब छह माह पहले फर्जी वेबसाइट बनाकर रॉयल्टी प्रपत्र तैयार करते हुए रॉयल्टी चोरी करने का मामला सामने आया था। मामले में पुलिस ने फर्जी वेबसाइट बनाने वाले आरोपी सहित कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले में आरोपी जेल गए तो माफियाओं ने चौकी में तैनात कर्मियों को ही अपने सिंडीकेट में शामिल कर लिया और रॉयल्टी चोरी करते रहे।
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