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Mahoba News: नहर में कटाव होने से 20 बीघा की फसल बर्बाद
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फोटो 05 एमएएचपी 06 परिचय-ब्लॉक कबरई के पचपहरा गांव में नहर में कटाव होने से इस खेतों में भरा पानी व डूबी फसल। संवाद
फोटो 05 एमएएचपी 07 परिचय-पानी अवरुद्ध होने पर फावड़े से नहर में नाली बनाते श्रमिक। संवाद
-खन्ना क्षेत्र से निकली अर्जुन सहायक नहर में पक्की पिचिंग न होने से जगह-जगह हो रहा कटाव
-बिना पिचिंग और सफाई कराए बगैर ही नहर में छोड़ा गया पानी,
संवाद न्यूज एजेंसी
खन्ना (महोबा)। ब्लॉक कबरई के खन्ना क्षेत्र से निकली अर्जुन सहायक नहर किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। पक्की पिचिंग न होने और बिना सफाई नहर में पानी छोड़े जाने से जगह-जगह कटाव हो रहा है। पचपहरा गांव के पास नहर में कटाव होने से छह से अधिक किसानों के 20 बीघा खेत जलमग्न हो गए। इससे खेतों में बोई गई तिल की फसल डूब गई।
अर्जुन सहायक परियोजना का उद्घाटन पांच साल पहले हुआ था। खन्ना क्षेत्र से निकली नहर का काम आज तक पूरा नहीं हो सका है। दो दिन पहले अर्जुन सहायक परियोजना की जांच करने लखनऊ से आई टीम को भी खामियां मिली थीं। नहर की सफाई कराए बिना ही पानी छोड़ दिया गया। इससे नहर में कई स्थानों पर कटाव हो गया। पचपहरा गांव के रमेश, संतोष, ओमप्रकाश समेत आसपास के छह किसानों के करीब 20 बीघा खेत पानी से भर गए जिससे तिल की फसल पानी में डूब गई।
किसानों का कहना है कि सिरसीकलां, घंडुआ, पचपहरा, तिंदुही आदि गांवों से यह परियोजना निकली है। किसानों ने अपने खेतों में फसल की बोआई की है लेकिन नहर में कटाव होने से खेतों में पानी भर रहा है। इससे उन्हें हजारों का नुकसान हुआ है। वहीं खेतों में पानी भरने के बाद अधिकारियों के निर्देश पर श्रमिक नहर में खोदाई कर पानी की निकासी व्यवस्था करते नजर आए। परियोजना के अवर अभियंता अवधेश कुमार का कहना है कि नहर में आगे टेल के चलते पानी की निकासी न हो पाने से दिक्कत हुई है।
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पानी भरने से पूरी फसल नष्ट हो गई
फोटो 05 एमएएचपी 08 परिचय-कौशल्या। संवाद
पचपहरा निवासी महिला किसान कौशल्या ने बताया कि उन्होंने खेत में तिल की फसल बोई थी। अधिकारियों की लापरवाही से नहर के पानी से खेत तालाब बन गए हैं। इससे पूरी फसल नष्ट हो गई। मुआवजा दिलाया जाए।
फोटो 05 एमएएचपी 09 परिचय-रामप्यारी। संवाद
महिला किसान रामप्यारी का कहना है कि नहर में पक्की पिचिंग व सफाई कराए बिना ही पानी छोड़े जाने से जगह-जगह कटाव हो रहा है। पानी खेतों में भरने से फसल बर्बाद हो रही है। बीज का पैसा निकलना भी मुश्किल है।
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फोटो 05 एमएएचपी 07 परिचय-पानी अवरुद्ध होने पर फावड़े से नहर में नाली बनाते श्रमिक। संवाद
-खन्ना क्षेत्र से निकली अर्जुन सहायक नहर में पक्की पिचिंग न होने से जगह-जगह हो रहा कटाव
-बिना पिचिंग और सफाई कराए बगैर ही नहर में छोड़ा गया पानी,
संवाद न्यूज एजेंसी
खन्ना (महोबा)। ब्लॉक कबरई के खन्ना क्षेत्र से निकली अर्जुन सहायक नहर किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। पक्की पिचिंग न होने और बिना सफाई नहर में पानी छोड़े जाने से जगह-जगह कटाव हो रहा है। पचपहरा गांव के पास नहर में कटाव होने से छह से अधिक किसानों के 20 बीघा खेत जलमग्न हो गए। इससे खेतों में बोई गई तिल की फसल डूब गई।
अर्जुन सहायक परियोजना का उद्घाटन पांच साल पहले हुआ था। खन्ना क्षेत्र से निकली नहर का काम आज तक पूरा नहीं हो सका है। दो दिन पहले अर्जुन सहायक परियोजना की जांच करने लखनऊ से आई टीम को भी खामियां मिली थीं। नहर की सफाई कराए बिना ही पानी छोड़ दिया गया। इससे नहर में कई स्थानों पर कटाव हो गया। पचपहरा गांव के रमेश, संतोष, ओमप्रकाश समेत आसपास के छह किसानों के करीब 20 बीघा खेत पानी से भर गए जिससे तिल की फसल पानी में डूब गई।
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किसानों का कहना है कि सिरसीकलां, घंडुआ, पचपहरा, तिंदुही आदि गांवों से यह परियोजना निकली है। किसानों ने अपने खेतों में फसल की बोआई की है लेकिन नहर में कटाव होने से खेतों में पानी भर रहा है। इससे उन्हें हजारों का नुकसान हुआ है। वहीं खेतों में पानी भरने के बाद अधिकारियों के निर्देश पर श्रमिक नहर में खोदाई कर पानी की निकासी व्यवस्था करते नजर आए। परियोजना के अवर अभियंता अवधेश कुमार का कहना है कि नहर में आगे टेल के चलते पानी की निकासी न हो पाने से दिक्कत हुई है।
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पानी भरने से पूरी फसल नष्ट हो गई
फोटो 05 एमएएचपी 08 परिचय-कौशल्या। संवाद
पचपहरा निवासी महिला किसान कौशल्या ने बताया कि उन्होंने खेत में तिल की फसल बोई थी। अधिकारियों की लापरवाही से नहर के पानी से खेत तालाब बन गए हैं। इससे पूरी फसल नष्ट हो गई। मुआवजा दिलाया जाए।
फोटो 05 एमएएचपी 09 परिचय-रामप्यारी। संवाद
महिला किसान रामप्यारी का कहना है कि नहर में पक्की पिचिंग व सफाई कराए बिना ही पानी छोड़े जाने से जगह-जगह कटाव हो रहा है। पानी खेतों में भरने से फसल बर्बाद हो रही है। बीज का पैसा निकलना भी मुश्किल है।