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Mahoba News: राष्ट्रीय परमिट नीति की आड़ में कार्रवाई से संकट में पहुंचा क्रशर उद्योग
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-खनन एवं क्रशर उद्योग यूनियन ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कबरई (महोबा)। पत्थरमंडी कबरई में खनन एवं क्रशर उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने खनिज जांच चौकियों पर अन्य राज्यों में पंजीकृत वाहनों पर की जा रही कार्रवाई के खिलाफ आवाज बुलंद की है। उन्होंने इस कार्रवाई को जिले के एकमात्र प्रमुख लघु उद्योग के लिए गंभीर संकट बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इसको लेकर यूनियन के पदाधिकारियों ने डीएम गजल भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा।
यूनियन के अध्यक्ष बालकिशोर द्विवेदी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि जनपद महोबा का खनन एवं क्रशर उद्योग जिले के राजस्व और हजारों लोगों के रोजगार का प्रमुख आधार है। प्रदेश समेत अन्य राज्यों के ट्रांसपोर्टर यहां से गिट्टी खरीदने के लिए आते हैं, लेकिन खनिज जांच चौकियों में अन्य राज्यों में पंजीकृत वाहनों को रोककर टास्क फोर्स व परिवहन विभाग के अधिकारी उनका चालान कर रहे हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्टर महोबा से गिट्टी लेने के बजाय मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर से गिट्टी खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इससे जिले का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
यूनियन के सचिव देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में जिले के लगभग सभी क्रशर प्लांटों में भारी भंडारण हो चुका है। माल की निकासी प्रभावित होने से कई इकाइयों के सामने उत्पादन बंद करने की नौबत आ गई है। वहीं भंडारण लाइसेंस, हैसियत प्रमाण पत्र समेत अन्य प्रशासनिक समस्याओं का समय पर निस्तारण न होने से उद्यमियों की कठिनाइयां बढ़ रही हैं। बताया कि परिवहन विभाग की कार्रवाई से जिले के 30 से 40 फीसदी ट्रक अब मध्यप्रदेश के छतरपुर से गिट्टी लोड कर रहे हैं। उन्होंने दूसरे राज्यों के ट्रकों पर की जा रही कार्रवाई तत्काल रोकने और लंबित औद्योगिक समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराए जाने की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कबरई (महोबा)। पत्थरमंडी कबरई में खनन एवं क्रशर उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने खनिज जांच चौकियों पर अन्य राज्यों में पंजीकृत वाहनों पर की जा रही कार्रवाई के खिलाफ आवाज बुलंद की है। उन्होंने इस कार्रवाई को जिले के एकमात्र प्रमुख लघु उद्योग के लिए गंभीर संकट बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इसको लेकर यूनियन के पदाधिकारियों ने डीएम गजल भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा।
यूनियन के अध्यक्ष बालकिशोर द्विवेदी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि जनपद महोबा का खनन एवं क्रशर उद्योग जिले के राजस्व और हजारों लोगों के रोजगार का प्रमुख आधार है। प्रदेश समेत अन्य राज्यों के ट्रांसपोर्टर यहां से गिट्टी खरीदने के लिए आते हैं, लेकिन खनिज जांच चौकियों में अन्य राज्यों में पंजीकृत वाहनों को रोककर टास्क फोर्स व परिवहन विभाग के अधिकारी उनका चालान कर रहे हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्टर महोबा से गिट्टी लेने के बजाय मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर से गिट्टी खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इससे जिले का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
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यूनियन के सचिव देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में जिले के लगभग सभी क्रशर प्लांटों में भारी भंडारण हो चुका है। माल की निकासी प्रभावित होने से कई इकाइयों के सामने उत्पादन बंद करने की नौबत आ गई है। वहीं भंडारण लाइसेंस, हैसियत प्रमाण पत्र समेत अन्य प्रशासनिक समस्याओं का समय पर निस्तारण न होने से उद्यमियों की कठिनाइयां बढ़ रही हैं। बताया कि परिवहन विभाग की कार्रवाई से जिले के 30 से 40 फीसदी ट्रक अब मध्यप्रदेश के छतरपुर से गिट्टी लोड कर रहे हैं। उन्होंने दूसरे राज्यों के ट्रकों पर की जा रही कार्रवाई तत्काल रोकने और लंबित औद्योगिक समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराए जाने की मांग की है।
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