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Mahoba News: बेतहाशा उमस से बीपी, माइग्रेन व डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़े

Sat, 01 Aug 2026 12:37 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 12:37 AM IST
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Number of patients suffering from high blood pressure, migraines, and dehydration rises due to intense humidity
फोटो 31 एमएएचपी 01 परिचय-जिला अस्पताल के कक्ष में मरीज का बीपी नापते डॉ. गुलशेर अहमद। संवाद - फोटो : 1
-जिला अस्पताल की ओपीडी में जुट रही मरीजों की भीड़
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-मौसम में उतार-चढ़ाव से सिर चकराने की समस्या लेकर पहुंच रहे मरीज

फोटो 31 एमएएचपी 01 परिचय-जिला अस्पताल के कक्ष में मरीज का बीपी नापते डॉ. गुलशेर अहमद। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। बारिश के बाद धूप और उमस बढ़ने से लोगों में बैक्टीरियल व वायरल रोगों के साथ चक्कर आने की समस्या भी बढ़ गई है। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कई मरीज चक्कर की शिकायत लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने मरीजों को दवा के साथ बचाव के उपाय बताए।
जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों की भीड़ जुटी। पर्चा बनवाने से लेकर काउंटर से दवाएं लेने तक के लिए मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान ओपीडी में 810 मरीजों ने उपचार कराया। इस समय सर्दी, खांसी, बुखार, पेटदर्द, उल्टी, दस्त के साथ ही बेतहाशा उमस होने से बीपी, माइग्रेन व डिहाइड्रेशन के मरीज भी बढ़ा दिए हैं।
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जिला अस्पताल के डॉ. गुलशेर अहमद ने बताया कि प्रतिदिन बीपी, माइग्रेन और डिहाइड्रेशन के 25 से 30 मरीज आ रहे हैं। जिनका इलाज किया गया जरा है। इस प्रकार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बताया कि बारिश में वायरल संक्रमण कान के संतुलन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं, इससे चक्कर आते हैं। बारिश के मौसम में प्यास कम लगती है लेकिन शरीर में पानी की कमी होती रहती है। इसे पूरा न करने पर डिहाइड्रेशन के साथ चक्कर भी आ सकते हैं।
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अधिक समय तक भूखे रहने से होता है माइग्रेन
जिला अस्पताल के डॉ. राजेश कुमार भट्ट ने बताया कि माइग्रेन के मरीजों में बारोमेट्रिक प्रेशर ट्रिगर होता है। जो सिर घुमा सकता है। माइग्रेन या निम्न रक्त शर्करा के मरीजों को लंबे समय तक भूखे रहने से बचना चाहिए। खून की कमी वालों को भी मानसून में कमजोरी या चक्कर आते हैं।

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यह दिक्कत होने पर चिकित्सक को दिखाएं
चिकित्सकों ने सलाह दी कि चक्कर के साथ बोलने में दिक्कत, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी, बेहोशी, लगातार उल्टियां या तेज सिरदर्द हो तो बिना परामर्श दवा न लें। सुनने में कमी या कान में तेज आवाज के साथ चक्कर आने पर भी डॉक्टर को दिखाएं। उन्होंने लोगों से पर्याप्त पानी पीने, समय पर भोजन करने और अचानक खड़े होने से बचने का सुझाव दिया है।
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