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Mahoba News: बिजली कटौती व पेयजल संकट से बेहाल हुई 50 हजार आबादी
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महोबा। चरखारी बाईपास पर चल रहे फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के चलते बिजली पोल शिफ्टिंग और जल निगम की पाइपलाइन बिछाने के नाम पर गुरुवार से शुरू की गई बिजली कटौती से शहरवासी परेशान हो गए। सुबह चार घंटे बिजली नहीं आने से लोग पानी के लिए तरस गए। इसका खामियाजा 50 हजार आबादी को भुगतना पड़ रहा है। वहीं जल निगम के अधिकारियों के न आने से शाम को होने वाली चार घंटे की कटौती नहीं की गई। हालांकि इस दौरान कई बार बिजली आती जाती रही।
शहर के परमानंद चौराहे से झलकारी बाई तिराहे तक चरखारी बाईपास रोड को फोरलेन बनाने का काम तीन माह पहले शुरू हो गया था। सड़क की लंबाई 2.35 किमी है और इसकी लागत 13.35 करोड़ रुपये है। पहले चरण में बिजली के खंभों को शिफ्ट करने का काम किया जाना था। इसके लिए बिजली निगम की ओर से लोक निर्माण विभाग को 2.70 करोड़ रुपये का इस्टीमेट दिया गया था। फरवरी में लोक निर्माण विभाग ने पचास फीसदी धनराशि करीब 1.29 करोड़ रुपये बिजली निगम को मुहैया करा दिया था। निगम की ओर से बेहद धीमी गति से काम शुरू कराया गया।
इसके बाद कभी केबल की कमी बताई गई तो कभी किसी अन्य उपकरण की। बिजली पोल के साथ ही सड़क के नीचे बिछी जल निगम की पाइप लाइन को भी शिफ्ट करने का काम होना था। इसका जिम्मा जल निगम को दिया गया था। टेंडर होने के बाद जल निगम की ओर से बिजली निगम को भूमिगत केबल को डेड करने के लिए कहा गया। जल व बिजली निगम के बीच सामंजस्य न होने से पिछले तीन माह से चरखारी बाईपास मार्ग दोनों ओर उखड़ा पड़ा है।
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तीन दिन पहले डीएम गजल भारद्वाज ने दोनों विभागों की लापरवाही पर पेंच कसे तो आनन-फानन में पानी की पाइप लाइन बिछाने के लिए बिजली निगम ने आठ घंटे कटौती का रोस्टर जारी कर दिया। इसमें सुबह पांच से नौ बजे और शाम को चार बजे से आठ बजे की कटौती शामिल है। बृहस्पतिवार को पहले दिन सुबह पांच बजे बिजली आपूर्ति बंद हुई तो लोगों के घरों में जलापूर्ति बंद हो गई।
बिजली न आने से भीषण गर्मी में लोग परेशान रहे। पेयजल आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ताओं में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला। भीषण तापमान में चार-चार घंटे की कटौती को लेकर लोगों ने शिकायत प्रशासन से की। वहीं शहर में पानी की आपूर्ति कराने वाली बृज बैंको गुप्ता कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेश सिंह ने बताया कि शहर में सुबह चार बजे से लेकर नौ बजे तक अलग-अलग समय पर पानी की आपूर्ति की जाती है।
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पानी आपूर्ति का समय
मोहल्ला/क्षेत्र कब से कब तक
बड़ीहाट, मकनियांपुरा सुबह 04 बजे से 05 बजे तक
हवेली दरवाजा ढलान क्षेत्र सुबह 05 बजे से 06 बजे तक
भटीपुरा क्षेत्र सुबह 06 बजे से 07 बजे तक
हमीरपुर चुंगी व गांधीनगर क्षेत्र सुबह 07 बजे से 08 बजे तक
कलेक्ट्रेट, जकरियापीर क्षेत्र सुबह 06.30 बजे से 07.30 बजे तक
कीरत सागर का इलाका सुबह 07.45 बजे से 08.45 बजे तक
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फोटो 21 एमएएचपी 12 परिचय-मोहनलाल। संवाद
बिजली कटी तो नहीं मिला पानी
इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में बिजली ही बड़ा सहारा है। बृहस्पतिवार की सुबह बिजली कटी तो पानी नहीं मिला। सुबह-शाम चार घंटे लोग परेशान रहे। इस भीषण तापमान में बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए। - मोहनलाल, किराना कारोबारी
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फोटो 21 एमएएचपी 13 परिचय-सुनील गांधी। संवाद
पहली जरूरत बिजली, सड़क बाद में बने
बिजली कटौती गर्मी में वैसे भी काफी हो रही है। ऐसे में आठ घंटे की कटौती किसी तरह भी मुनासिब नहीं है। तापमान बढ़ रहा है ऐसे में लोगों को बिजली व पानी सबसे अधिक जरूरी है। सड़क का काम बाद में हो सकता है। - सुनील गांधी, परमानंद चौराहा निवासी
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फोटो 21 एमएएचपी 14 परिचय-रामजी गुप्ता। संवाद
दैनिक कार्य हुए प्रभावित
सुबह छह बजे से आठ बजे के बीच पानी की आपूर्ति होती है। इसी समय लोगों को अपने काम पर जाने के लिए तैयार होना पड़ता है। भीषण गर्मी में चार घंटे की कटौती से दैनिक कार्य प्रभावित हो गए। सुबह पानी भी नहीं मिला। डीएम को भी पत्र सौंपकर शिकायत की है। - रामजी गुप्ता, जारीगंज निवासी
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फोटो 21 एमएएचपी 15 परिचय-मनु गुप्ता। संवाद
निरस्त किया जाए कटौती का आदेश
सुबह बिजली कटाैती से परिजन परेशान हुए। पेयजल भी नहीं मिल सका। आसपास रहने वाले लोग भी पानी के लिए परेशान होते दिखे। सुबह की कटौती बहुत ही कष्टदायक है। मौसम को देखते हुए इस आदेश को निरस्त किया जाना चाहिए। - मनु गुप्ता
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फोटो 21 एमएएचपी 16 परिचय-शिवकुमार गोस्वामी। संवाद
आठ घंटे की कटौती स्वीकार नहीं
मौजूदा समय तापमान 46 डिग्री पहुंच गया है। सबसे अधिक जरूरत बिजली की है। दिन के समय तो कुछ कम लेकिन रात में कटौती करना बहुत ही पीड़ादायक है। पहले से ही कटौती चल रही है और अब आठ घंटे की कटौती स्वीकार नहीं है। - शिवकुमार गोस्वामी, बजरंग चौक निवासी
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फोटो 21 एमएएचपी 17 परिचय-सीमा पटनाहा सिंह। संवाद
मंडलायुक्त बांदा को पत्र भेजा
चरखारी-बाईपास मार्ग पर पोल को शिफ्ट करने का कार्य सर्दी में कराया जा सकता था। वर्तमान समय में असाधारण गर्मी पड़ रही है और लू चल रही है। ऐसे में बिजली कटौती उचित नहीं है। उन्होंने मंडलायुक्त बांदा को पत्र भेजकर इस कार्य को एक महीने या गर्मी सामान्य होने तक स्थगित करने की मांग की है। - सीमा पटनाहा सिंह, अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट
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जल निगम ने बिजली निगम पर फोड़ा लापरवाही का ठीकरा
जल निगम के अधिशाषी अभियंता एके शर्मा ने बताया कि बिजली निगम को अंडरग्राउंड केबिल को डेड करके दूसरी लाइन पोल के जरिये शिफ्ट करना था। निगम के अधिकारी समय रहते यह काम नहीं करा सके जबकि उनके पास पर्याप्त समय था। बिना अंडरग्राउंड केबिल को डेड किए जल निगम पाइप लाइन निकालने के लिए खोदाई कैसे करा सकता था इससे जनहानि हो सकती थी। अंडरग्राउंड केबिल कहां-कहां से निकली है इसकी जानकारी बिजली निगम के पास ही है। अब अचानक उन्होंने लाइन कटौती का रोस्टर जारी कर दिया जिससे लोगाें को दिक्कत हुई है। जल्द ही लाइन बिछाने का काम पूरा किया जाएगा।
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जल निगम के साथ नहीं हैं कर्मचारी, कोई मौके पर नहीं आया
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता लक्ष्मीशंकर ने बताया कि निगम के पास सभी संसाधन मौजूद हैं। जल निगम के पास अधिकारी और कर्मचारियों की कमी है। बृहस्पतिवार की शाम को वह खोदाई वाले स्थान पर (झलकारी बाई तिराहे से आगे छत्रपाल होटल के पास) पहुंचे थे लेकिन जल निगम की ओर से कोई मौके पर नहीं आया। ऐसे में शाम को होने वाली कटौती नहीं की गई है। पानी की आपूर्ति का समय व शिकायतों को देखते हुए बिजली कटौती के समय में बदलाव कर दिया गया है।
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बदला समय, अब आठ की जगह पांच घंटे कटौती
डीएम गजल भारद्वाज ने लोगों के विरोध के बाद शाम को बिजली निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कटौती का समय घटाने और सुबह का समय बदलने के निर्देश दिए। वहीं बिजली निगम के अधिशासी अभियंता गौरव प्रकाश ने बताया कि डीएम के निर्देश पर कटौती का समय बदल दिया गया है। शुक्रवार से कटौती सुबह आठ से 11 बजे और शाम को चार से छह बजे तक की जाएगी। पहले आठ घंटे की बिजली कटौती का रोस्टर जारी किया गया था। अब पांच घंटे बिजली कटौती की जाएगी। जिस क्षेत्र में लाइन शिफ्टिंग का काम होगा उसी क्षेत्र की आपूर्ति बंद की जाएगी।
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बिजली कटौती के विरोध में उतरे अधिवक्ता
फोटो 21 एमएएचपी 18 परिचय-कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देने पहुंचे अधिवक्ता। संवाद
महोबा। भीषण गर्मी और तेज धूप में बिजली कटौती से हर कोई परेशान हैं। जिला अधिवक्ता समिति के नेतृत्व में पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंच डीएम गजल भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बिजली कटौती का विरोध जताते हुए इसे बंद कराने की मांग की। समिति के अध्यक्ष बालेंद्र कुमार पाराशर के नेतृत्व में महामंत्री राजेंद्र तिवारी, कोषाध्यक्ष मनीष तिवारी, अमित शर्मा, कुलदीप कुशवाहा, खेमचंद्र, अखिलेश आदि अधिवक्ताओं ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि इस समय जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है। बिजली विभाग की ओर से लगातार कटौती की जा रही है जबकि जो भी रिपेयरिंग व शिफ्टिंग का कार्य कराया जा रहा है। इसे बाद में भी कराया जा सकता है। बताया कि इस भीषण गर्मी में लगातार बिजली कटौती से लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शिफ्टिंग का कार्य बारिश के बाद कराए जाने और शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की मांग की है। (संवाद)
शहर के परमानंद चौराहे से झलकारी बाई तिराहे तक चरखारी बाईपास रोड को फोरलेन बनाने का काम तीन माह पहले शुरू हो गया था। सड़क की लंबाई 2.35 किमी है और इसकी लागत 13.35 करोड़ रुपये है। पहले चरण में बिजली के खंभों को शिफ्ट करने का काम किया जाना था। इसके लिए बिजली निगम की ओर से लोक निर्माण विभाग को 2.70 करोड़ रुपये का इस्टीमेट दिया गया था। फरवरी में लोक निर्माण विभाग ने पचास फीसदी धनराशि करीब 1.29 करोड़ रुपये बिजली निगम को मुहैया करा दिया था। निगम की ओर से बेहद धीमी गति से काम शुरू कराया गया।
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तीन दिन पहले डीएम गजल भारद्वाज ने दोनों विभागों की लापरवाही पर पेंच कसे तो आनन-फानन में पानी की पाइप लाइन बिछाने के लिए बिजली निगम ने आठ घंटे कटौती का रोस्टर जारी कर दिया। इसमें सुबह पांच से नौ बजे और शाम को चार बजे से आठ बजे की कटौती शामिल है। बृहस्पतिवार को पहले दिन सुबह पांच बजे बिजली आपूर्ति बंद हुई तो लोगों के घरों में जलापूर्ति बंद हो गई।
बिजली न आने से भीषण गर्मी में लोग परेशान रहे। पेयजल आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ताओं में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला। भीषण तापमान में चार-चार घंटे की कटौती को लेकर लोगों ने शिकायत प्रशासन से की। वहीं शहर में पानी की आपूर्ति कराने वाली बृज बैंको गुप्ता कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेश सिंह ने बताया कि शहर में सुबह चार बजे से लेकर नौ बजे तक अलग-अलग समय पर पानी की आपूर्ति की जाती है।
पानी आपूर्ति का समय
मोहल्ला/क्षेत्र कब से कब तक
बड़ीहाट, मकनियांपुरा सुबह 04 बजे से 05 बजे तक
हवेली दरवाजा ढलान क्षेत्र सुबह 05 बजे से 06 बजे तक
भटीपुरा क्षेत्र सुबह 06 बजे से 07 बजे तक
हमीरपुर चुंगी व गांधीनगर क्षेत्र सुबह 07 बजे से 08 बजे तक
कलेक्ट्रेट, जकरियापीर क्षेत्र सुबह 06.30 बजे से 07.30 बजे तक
कीरत सागर का इलाका सुबह 07.45 बजे से 08.45 बजे तक
फोटो 21 एमएएचपी 12 परिचय-मोहनलाल। संवाद
बिजली कटी तो नहीं मिला पानी
इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में बिजली ही बड़ा सहारा है। बृहस्पतिवार की सुबह बिजली कटी तो पानी नहीं मिला। सुबह-शाम चार घंटे लोग परेशान रहे। इस भीषण तापमान में बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए। - मोहनलाल, किराना कारोबारी
फोटो 21 एमएएचपी 13 परिचय-सुनील गांधी। संवाद
पहली जरूरत बिजली, सड़क बाद में बने
बिजली कटौती गर्मी में वैसे भी काफी हो रही है। ऐसे में आठ घंटे की कटौती किसी तरह भी मुनासिब नहीं है। तापमान बढ़ रहा है ऐसे में लोगों को बिजली व पानी सबसे अधिक जरूरी है। सड़क का काम बाद में हो सकता है। - सुनील गांधी, परमानंद चौराहा निवासी
फोटो 21 एमएएचपी 14 परिचय-रामजी गुप्ता। संवाद
दैनिक कार्य हुए प्रभावित
सुबह छह बजे से आठ बजे के बीच पानी की आपूर्ति होती है। इसी समय लोगों को अपने काम पर जाने के लिए तैयार होना पड़ता है। भीषण गर्मी में चार घंटे की कटौती से दैनिक कार्य प्रभावित हो गए। सुबह पानी भी नहीं मिला। डीएम को भी पत्र सौंपकर शिकायत की है। - रामजी गुप्ता, जारीगंज निवासी
फोटो 21 एमएएचपी 15 परिचय-मनु गुप्ता। संवाद
निरस्त किया जाए कटौती का आदेश
सुबह बिजली कटाैती से परिजन परेशान हुए। पेयजल भी नहीं मिल सका। आसपास रहने वाले लोग भी पानी के लिए परेशान होते दिखे। सुबह की कटौती बहुत ही कष्टदायक है। मौसम को देखते हुए इस आदेश को निरस्त किया जाना चाहिए। - मनु गुप्ता
फोटो 21 एमएएचपी 16 परिचय-शिवकुमार गोस्वामी। संवाद
आठ घंटे की कटौती स्वीकार नहीं
मौजूदा समय तापमान 46 डिग्री पहुंच गया है। सबसे अधिक जरूरत बिजली की है। दिन के समय तो कुछ कम लेकिन रात में कटौती करना बहुत ही पीड़ादायक है। पहले से ही कटौती चल रही है और अब आठ घंटे की कटौती स्वीकार नहीं है। - शिवकुमार गोस्वामी, बजरंग चौक निवासी
फोटो 21 एमएएचपी 17 परिचय-सीमा पटनाहा सिंह। संवाद
मंडलायुक्त बांदा को पत्र भेजा
चरखारी-बाईपास मार्ग पर पोल को शिफ्ट करने का कार्य सर्दी में कराया जा सकता था। वर्तमान समय में असाधारण गर्मी पड़ रही है और लू चल रही है। ऐसे में बिजली कटौती उचित नहीं है। उन्होंने मंडलायुक्त बांदा को पत्र भेजकर इस कार्य को एक महीने या गर्मी सामान्य होने तक स्थगित करने की मांग की है। - सीमा पटनाहा सिंह, अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट
जल निगम ने बिजली निगम पर फोड़ा लापरवाही का ठीकरा
जल निगम के अधिशाषी अभियंता एके शर्मा ने बताया कि बिजली निगम को अंडरग्राउंड केबिल को डेड करके दूसरी लाइन पोल के जरिये शिफ्ट करना था। निगम के अधिकारी समय रहते यह काम नहीं करा सके जबकि उनके पास पर्याप्त समय था। बिना अंडरग्राउंड केबिल को डेड किए जल निगम पाइप लाइन निकालने के लिए खोदाई कैसे करा सकता था इससे जनहानि हो सकती थी। अंडरग्राउंड केबिल कहां-कहां से निकली है इसकी जानकारी बिजली निगम के पास ही है। अब अचानक उन्होंने लाइन कटौती का रोस्टर जारी कर दिया जिससे लोगाें को दिक्कत हुई है। जल्द ही लाइन बिछाने का काम पूरा किया जाएगा।
जल निगम के साथ नहीं हैं कर्मचारी, कोई मौके पर नहीं आया
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता लक्ष्मीशंकर ने बताया कि निगम के पास सभी संसाधन मौजूद हैं। जल निगम के पास अधिकारी और कर्मचारियों की कमी है। बृहस्पतिवार की शाम को वह खोदाई वाले स्थान पर (झलकारी बाई तिराहे से आगे छत्रपाल होटल के पास) पहुंचे थे लेकिन जल निगम की ओर से कोई मौके पर नहीं आया। ऐसे में शाम को होने वाली कटौती नहीं की गई है। पानी की आपूर्ति का समय व शिकायतों को देखते हुए बिजली कटौती के समय में बदलाव कर दिया गया है।
बदला समय, अब आठ की जगह पांच घंटे कटौती
डीएम गजल भारद्वाज ने लोगों के विरोध के बाद शाम को बिजली निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कटौती का समय घटाने और सुबह का समय बदलने के निर्देश दिए। वहीं बिजली निगम के अधिशासी अभियंता गौरव प्रकाश ने बताया कि डीएम के निर्देश पर कटौती का समय बदल दिया गया है। शुक्रवार से कटौती सुबह आठ से 11 बजे और शाम को चार से छह बजे तक की जाएगी। पहले आठ घंटे की बिजली कटौती का रोस्टर जारी किया गया था। अब पांच घंटे बिजली कटौती की जाएगी। जिस क्षेत्र में लाइन शिफ्टिंग का काम होगा उसी क्षेत्र की आपूर्ति बंद की जाएगी।
बिजली कटौती के विरोध में उतरे अधिवक्ता
फोटो 21 एमएएचपी 18 परिचय-कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देने पहुंचे अधिवक्ता। संवाद
महोबा। भीषण गर्मी और तेज धूप में बिजली कटौती से हर कोई परेशान हैं। जिला अधिवक्ता समिति के नेतृत्व में पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंच डीएम गजल भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बिजली कटौती का विरोध जताते हुए इसे बंद कराने की मांग की। समिति के अध्यक्ष बालेंद्र कुमार पाराशर के नेतृत्व में महामंत्री राजेंद्र तिवारी, कोषाध्यक्ष मनीष तिवारी, अमित शर्मा, कुलदीप कुशवाहा, खेमचंद्र, अखिलेश आदि अधिवक्ताओं ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि इस समय जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है। बिजली विभाग की ओर से लगातार कटौती की जा रही है जबकि जो भी रिपेयरिंग व शिफ्टिंग का कार्य कराया जा रहा है। इसे बाद में भी कराया जा सकता है। बताया कि इस भीषण गर्मी में लगातार बिजली कटौती से लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शिफ्टिंग का कार्य बारिश के बाद कराए जाने और शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की मांग की है। (संवाद)