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Mainpuri News: हाईकोर्ट के फैसले से प्रधानों को सता रहा कुर्सी जाने का डर, दावेदार सक्रिय
Mon, 29 Jun 2026 11:49 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Mon, 29 Jun 2026 11:49 PM IST
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मैनपुरी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद पंचायतों में सियासी माहौल गर्म हो चुका है। छह माह के लिए प्रशासक नियुक्त किए गए प्रधानों की कुर्सी खतरे में हैं। दावेदार सक्रिय हो गए हैं। बेचैन प्रधानों की नजरें अब 13 जुलाई को हाईकोर्ट में अगली सुनवाई पर टिकीं हैं। जिले मेेंं पंचायती राज विभाग के अधिकारी भी अब हाईकोर्ट के अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
जनपद की 549 ग्राम पंचायतों के प्रधान प्रदेश सरकार के आदेश के बाद प्रशासक के रूप में काम कर रहे हैं। बता दें कि 26 मई को पंचायतों के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया था। इसके बाद प्रधानों को प्रशासक के रूप में काम करने की अनुमति दी गई थी। मगर हाईकोर्ट ने प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले को असंवैधानिक करार दिया है। वहीं सरकार से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की योजना बताने को कहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रधान बेचैन नजर आ रहे हैं। कार्यालय के चक्कर लगाते भी नजर आ रहे हैं। वहीं अधिकारी हाईकोर्ट के निर्णय के आगे कुछ भी आश्वासन देने की स्थिति में नहीं हैं।
ग्राम प्रधान जहां 13 जुलाई को मामले में अगली सुनवाई का बेचैनी से इंतजार कर रहे हैं। वहीं पंचायतों में प्रधान पद के संभावित उम्मीदवार मैदान में उतरने को लेकर तैयारी में जुट गए हैं। उम्मीदवारों को हाईकोर्ट के निर्णय के बाद जल्द चुनाव होने की उम्मीद जागी है। यहां बता दें कि 549 पंचायतों में से 8 के प्रशासक एडीओ बने हुए हैं क्योंकि, उनमें ग्राम प्रधानों की मृत्यु के बाद समितियों को कार्य कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 541 पंचायतों के ही प्रधान प्रशासक बने हुए हैं।
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जुलाई में समाप्त होगा ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल
प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद छह माह के लिए बढ़ाया गया था मगर हाईकोर्ट ने फैसले को असंवैधानिक करार दे दिया है। इस आदेश का असर अब जिला पंचायत में भी देखने को मिल सकता है। बता दें कि जुलाई माह में ब्लाॅक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव होंगे या प्रशासक नियुक्त होगा, इस पर अभी संशय बरकरार है।
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जिले की 9 ब्लॉक में एडीओ को मिल सकती है जिम्मेदारी
हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक ओर प्रधानों की कुर्सी संकट में है। वहीं पुरानी व्यवस्था की बात करें तो एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त करने की संभावना बढ़ गई है। जनपद में 9 ब्लॉक में आठ एडीओ तैनात हैं एक एडीओ का पद किसी कारण रिक्त है। 13 जुलाई को अगर हाईकोर्ट निर्णय सुनाता है तो पंचायती राज विभाग एडीओ को प्रशासक बनाए जाने पर निर्णय ले सकता है।
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वर्जन
आदेश के संबंध में उच्चाधिकारियों से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, विभाग ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जाने को लेकर निर्णय लेगा। -राजेश कुमार बघेल, प्रभारी डीपीआरओ
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जनपद की 549 ग्राम पंचायतों के प्रधान प्रदेश सरकार के आदेश के बाद प्रशासक के रूप में काम कर रहे हैं। बता दें कि 26 मई को पंचायतों के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया था। इसके बाद प्रधानों को प्रशासक के रूप में काम करने की अनुमति दी गई थी। मगर हाईकोर्ट ने प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले को असंवैधानिक करार दिया है। वहीं सरकार से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की योजना बताने को कहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रधान बेचैन नजर आ रहे हैं। कार्यालय के चक्कर लगाते भी नजर आ रहे हैं। वहीं अधिकारी हाईकोर्ट के निर्णय के आगे कुछ भी आश्वासन देने की स्थिति में नहीं हैं।
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ग्राम प्रधान जहां 13 जुलाई को मामले में अगली सुनवाई का बेचैनी से इंतजार कर रहे हैं। वहीं पंचायतों में प्रधान पद के संभावित उम्मीदवार मैदान में उतरने को लेकर तैयारी में जुट गए हैं। उम्मीदवारों को हाईकोर्ट के निर्णय के बाद जल्द चुनाव होने की उम्मीद जागी है। यहां बता दें कि 549 पंचायतों में से 8 के प्रशासक एडीओ बने हुए हैं क्योंकि, उनमें ग्राम प्रधानों की मृत्यु के बाद समितियों को कार्य कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 541 पंचायतों के ही प्रधान प्रशासक बने हुए हैं।
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जुलाई में समाप्त होगा ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल
प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद छह माह के लिए बढ़ाया गया था मगर हाईकोर्ट ने फैसले को असंवैधानिक करार दे दिया है। इस आदेश का असर अब जिला पंचायत में भी देखने को मिल सकता है। बता दें कि जुलाई माह में ब्लाॅक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव होंगे या प्रशासक नियुक्त होगा, इस पर अभी संशय बरकरार है।
जिले की 9 ब्लॉक में एडीओ को मिल सकती है जिम्मेदारी
हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक ओर प्रधानों की कुर्सी संकट में है। वहीं पुरानी व्यवस्था की बात करें तो एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त करने की संभावना बढ़ गई है। जनपद में 9 ब्लॉक में आठ एडीओ तैनात हैं एक एडीओ का पद किसी कारण रिक्त है। 13 जुलाई को अगर हाईकोर्ट निर्णय सुनाता है तो पंचायती राज विभाग एडीओ को प्रशासक बनाए जाने पर निर्णय ले सकता है।
वर्जन
आदेश के संबंध में उच्चाधिकारियों से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, विभाग ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जाने को लेकर निर्णय लेगा। -राजेश कुमार बघेल, प्रभारी डीपीआरओ