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Mainpuri News: डिजिटल डायरी से होगी पौधों की निगरानी
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फोटो 33 राजकीय महाविद्यालय औडेन्य पड़रिया में पौधरोपण करते प्राचार्य। स्रोत विद्यालय
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मैनपुरी। जिले में होने वाले वृहद पौधारोपण अभियान की शनिवार को आगरा मंडल आयुक्त ने समीक्षा की और मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने विभागवार तैयारियों, माइक्रो प्लान, पौधों के उठान, गड्ढों की खुदाई, चिन्हित स्थलों, पौधों की उपलब्धता तथा अभियान की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा। इस दौरान वन विभाग कार्यालय में उपलब्ध नर्सरी में पौधों की उपलब्धता, पौधा उठान का निरीक्षण किया।
जिले में आज 34.8 लाख पौधे लगाए जाएंगे। शनिवार को मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने अभियान के संबंध में समीक्षा और निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पौधा रोपित करना महत्वपूर्ण है लेकिन उसे जीवित रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। यदि रोपित पौधों की नियमित देखभाल नहीं हुई तो लाखों पौधे लगाने का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। जिस स्थान पर पौधे लगाए जाएं, वहां पहले से ही पानी, सुरक्षा, फेंसिंग तथा निगरानी की व्यवस्था उपलब्ध हो।
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि प्रत्येक नगर पंचायत क्षेत्र में 1-1 मियावाकी पौधा रोपण हेतु क्षेत्र चिन्हित कर मियावाकी वन विकसित किया जायेगा, बड़े पौधा रोपण वाले प्रत्येक स्थल की डिजिटल डायरी तैयार की जाएगी। प्रत्येक माह जिला पर्यावरण समिति की बैठक में इन डिजिटल डायरियों की समीक्षा होगी। किसी स्थल पर अपलोड की गई सूचना और वास्तविक स्थिति में अंतर पाया गया तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने वन विभाग की नर्सरी में पौधों की उपलब्धता, पौधा उठान की जानकारी ली, जिसमें पाया कि जनपद की 25 नर्सरी में लगभग 61 लाख पौधे उपलब्ध थे, जिनमें से अधिकांश साइटों हेतु पौधों का उठान कराया जा चुका है।
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जिले में आज 34.8 लाख पौधे लगाए जाएंगे। शनिवार को मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने अभियान के संबंध में समीक्षा और निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पौधा रोपित करना महत्वपूर्ण है लेकिन उसे जीवित रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। यदि रोपित पौधों की नियमित देखभाल नहीं हुई तो लाखों पौधे लगाने का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। जिस स्थान पर पौधे लगाए जाएं, वहां पहले से ही पानी, सुरक्षा, फेंसिंग तथा निगरानी की व्यवस्था उपलब्ध हो।
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जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि प्रत्येक नगर पंचायत क्षेत्र में 1-1 मियावाकी पौधा रोपण हेतु क्षेत्र चिन्हित कर मियावाकी वन विकसित किया जायेगा, बड़े पौधा रोपण वाले प्रत्येक स्थल की डिजिटल डायरी तैयार की जाएगी। प्रत्येक माह जिला पर्यावरण समिति की बैठक में इन डिजिटल डायरियों की समीक्षा होगी। किसी स्थल पर अपलोड की गई सूचना और वास्तविक स्थिति में अंतर पाया गया तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने वन विभाग की नर्सरी में पौधों की उपलब्धता, पौधा उठान की जानकारी ली, जिसमें पाया कि जनपद की 25 नर्सरी में लगभग 61 लाख पौधे उपलब्ध थे, जिनमें से अधिकांश साइटों हेतु पौधों का उठान कराया जा चुका है।
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