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Mainpuri News: मिश्राना और चौथियाना में खड़े हैं कई जर्जर भवन
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फोटो 30 शहर के मोहल्ला चौथियाना में जर्जर भवन। संवाद
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मैनपुरी। बरसात शुरू हो चुकी है। शहर में जर्जर भवन में रह रहे लोगों की जान का खतरा भी बढ़ रहा है। लोगों की मजबूरी हो सकती है लेकिन जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। ये भवन घर में रह रहे लोगों के साथ ही आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों के लिए भी खतरा बन सकते हैं।
प्रदेश के कुछ जिलों में हाल ही में बरसात के कारण जर्जर मकान गिरने से हादसे हुए हैं। लेकिन इन हादसों के बाद भी जिला प्रशासन और नगर पालिका शहर में खड़े जर्जर भवनों का संज्ञान नहीं ले रहा है। शहर के मोहल्ला मिश्राना और चौथियाना में वर्षों पुराने और जर्जर भवन आज भी आबाद हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण इन मकानों की स्थिति और अधिक खराब हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई भवनों के हिस्से पहले भी गिर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सालों से खड़े जर्जर भवन लोगों की जान के लिए संकट बने हुए हैं, लेकिन उनकी पहचान कर उन्हें खाली कराने या मरम्मत कराने की दिशा में जिम्मेदार कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
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नगर पालिका ने गिरवाए थे जर्जर गेट
पिछले साल बरसात में मंडी धर्मदास के जर्जर गेट का कुछ मलबा गिरा था। इससे हादस बाल-बाल बचा था। नगर पालिका ने इसका संज्ञान लेने के बाद इन जर्जर गेटों को ध्वस्त करा दिया था। लेकिन शहर की घनी बस्तियों के जर्जर भवनों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। यदि यहां जर्जर भवन का मलबा गिरता है तो जनहानि हो सकती है।
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दृश्य एक
घनी बस्ती में खड़ा है जर्जर भवन
शहर के मोहल्ला चौथियाना स्थित एक वर्षों पुराना भवन जर्जर हो चुका है। दीवारों में दरार के साथ कुछ हिस्सा टूट रहा है। ऐसे में घर में रहने वालों के साथ आसपास के लोगों के जीवन पर संकट है। बरसात में जर्जर मकान में हादसे की संभावना बढ़ जाने से लोगों को डर सता रहा है। लोगों का कहना है कि जर्जर भवनों को चिन्हित कर उसकी मरम्मत कराई जाए।
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दृश्य दो
राहगीरों के लिए खतरा बन रहा जर्जर भवन
शहर के मोहल्ला मिश्राना में गली के किनारे जर्जर मकान में लोग रहते हैं। इस मकान में बड़ी सी दरार आ चुकी है। यहां से मोहल्ले के लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे में यदि कोई हादसा होता है, कई लोगों के जीवन पर संकट खड़ा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएं।
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प्रदेश के कुछ जिलों में हाल ही में बरसात के कारण जर्जर मकान गिरने से हादसे हुए हैं। लेकिन इन हादसों के बाद भी जिला प्रशासन और नगर पालिका शहर में खड़े जर्जर भवनों का संज्ञान नहीं ले रहा है। शहर के मोहल्ला मिश्राना और चौथियाना में वर्षों पुराने और जर्जर भवन आज भी आबाद हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण इन मकानों की स्थिति और अधिक खराब हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई भवनों के हिस्से पहले भी गिर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सालों से खड़े जर्जर भवन लोगों की जान के लिए संकट बने हुए हैं, लेकिन उनकी पहचान कर उन्हें खाली कराने या मरम्मत कराने की दिशा में जिम्मेदार कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
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नगर पालिका ने गिरवाए थे जर्जर गेट
पिछले साल बरसात में मंडी धर्मदास के जर्जर गेट का कुछ मलबा गिरा था। इससे हादस बाल-बाल बचा था। नगर पालिका ने इसका संज्ञान लेने के बाद इन जर्जर गेटों को ध्वस्त करा दिया था। लेकिन शहर की घनी बस्तियों के जर्जर भवनों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। यदि यहां जर्जर भवन का मलबा गिरता है तो जनहानि हो सकती है।
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दृश्य एक
घनी बस्ती में खड़ा है जर्जर भवन
शहर के मोहल्ला चौथियाना स्थित एक वर्षों पुराना भवन जर्जर हो चुका है। दीवारों में दरार के साथ कुछ हिस्सा टूट रहा है। ऐसे में घर में रहने वालों के साथ आसपास के लोगों के जीवन पर संकट है। बरसात में जर्जर मकान में हादसे की संभावना बढ़ जाने से लोगों को डर सता रहा है। लोगों का कहना है कि जर्जर भवनों को चिन्हित कर उसकी मरम्मत कराई जाए।
दृश्य दो
राहगीरों के लिए खतरा बन रहा जर्जर भवन
शहर के मोहल्ला मिश्राना में गली के किनारे जर्जर मकान में लोग रहते हैं। इस मकान में बड़ी सी दरार आ चुकी है। यहां से मोहल्ले के लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे में यदि कोई हादसा होता है, कई लोगों के जीवन पर संकट खड़ा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएं।

फोटो 30 शहर के मोहल्ला चौथियाना में जर्जर भवन। संवाद